Geetanjali Mishra को आप टीवी शो ‘क्राइम पेट्रोल’, ‘सावधान इंडिया’, ‘बालिका वधू’ और हाल ही में ‘हप्पू सिंह की उल्टन पलटन’ में देख चुके होंगे। इस शो में उन्होंने Kamna Pathak को रिप्लेस करते हुए राजेश सिंह का किरदार निभाया है, जो इंस्पेक्टर हप्पू सिंह की पत्नी हैं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री Geetanjali Mishra ने बहन के बच्चों की परवरिश करके एक मिसाल कायम की है। साल 2017 में उनकी बहन का देहांत हो गया, और उस वक्त उनके दो बच्चे केवल 14 और 5 साल के थे। तब कोई भी उनके बच्चों की देखभाल करने के लिए मौजूद नहीं था। इस जिम्मेदारी को खुद संभालते हुए गीतांजलि ने बच्चों की मां बनकर उनका पालन-पोषण किया। इसके लिए उन्होंने शादी करने का फैसला भी स्थायी रूप से टाल दिया।
गीतांजलि मिश्रा ने टीवी इंडस्ट्री में ‘हप्पू की उल्टन पलटन’ में कामना पाठक को रिप्लेस करते हुए राजेश हप्पू सिंह का किरदार निभाया है। हालांकि उन्हें लोग उनके निभाए गए नेगेटिव किरदारों के लिए भी याद करते हैं, जैसे ‘क्राइम पेट्रोल’, ‘सावधान इंडिया’ और ‘बालिका वधू’। एक्टिंग की दुनिया में सफलता मिलने के बाद भी गीतांजलि ने बहन के बच्चों की जिम्मेदारी को अपने जीवन का सबसे अहम हिस्सा माना।
बहन के बच्चों की परवरिश और शादी न करने का फैसला
गीतांजलि ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बच्चों को गोद लेना उनके लिए कानूनी तौर पर संभव नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने अपने बहन के बच्चों की देखभाल करने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि अगर वह शादी कर लेतीं तो शायद उन्हें अच्छा जीवनसाथी मिल जाता, लेकिन बच्चों को सही परिवार और पिता नहीं मिल पाता। इसी कारण उन्होंने कभी शादी नहीं करने का फैसला किया।
उनकी इस जिम्मेदारी और बलिदान की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। गीतांजलि ने न केवल बच्चों को अपने घर में रखा बल्कि उन्हें अपने जीवन का केंद्र बना दिया।

मुश्किल परिस्थितियों में पली-बढ़ी
गीतांजलि की जड़ें बनारस से जुड़ी हैं, लेकिन वह मुंबई में जन्मी। उनके पिता का कई साल पहले निधन हो गया था। मां ने अकेले ही परिवार का पालन-पोषण किया और मुंबई में दूध और सब्जी बेचकर उनका गुजारा चलाया। उनकी बहन की मौत के बाद न सिर्फ उनके बच्चों की जिम्मेदारी थी, बल्कि रिश्तेदारों और आसपास के लोग उन्हें और उनकी मां को खरी-खोटी सुनाते रहे। गीतांजलि ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि कुछ रिश्तेदार पैसों के लिए उनकी मां पर ताने कसते थे और उनके काम को लेकर सवाल उठाते थे।
गीतांजलि ने बताया कि उनकी एक्टिंग शुरू होने के बाद भी रिश्तेदार और लोग उनके पीछे-पीछे घूमते रहे और उन पर ताने कसते रहे। उनके निभाए गए नेगेटिव किरदारों के कारण कई बार लोगों ने उनसे नफरत जताई। एक बार एक बुजुर्ग महिला ने मॉल में उन्हें कहा, “शर्म नहीं आती तुझे? इतना बुरा काम कैसे कर सकती है? जूता उतारकर मारूंगी।”
हालांकि गीतांजलि ने इसे बाद में अपने करियर की तारीफ के रूप में लिया। उन्होंने साबित किया कि आलोचना और विरोध के बावजूद वह अपने काम और जिम्मेदारी दोनों में संतुलन बनाए रख सकती हैं।
सफलता और आज का जीवन
आज 39 साल की गीतांजलि मिश्रा टीवी इंडस्ट्री में एक स्थापित नाम बन चुकी हैं। उन्होंने बहन के बच्चों की परवरिश करते हुए अपने करियर में भी सफलता हासिल की। ‘हप्पू की उल्टन पलटन’ में उनका किरदार दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। गीतांजलि की कहानी यह दिखाती है कि व्यक्तिगत बलिदान और जिम्मेदारी के जरिए भी इंसान अपने जीवन में मिसाल कायम कर सकता है। उन्होंने साबित किया कि परिवार और बच्चों की परवरिश में खुद की खुशी और समाज की आलोचना दोनों के बीच संतुलन संभव है।











