गाजियाबाद के गोविंदपुरम में अभिभावकों ने रोहतांग दर्रे पर हादसे में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय छात्र रुद्र कुमार की याद में कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
गाजियाबाद: हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे पर हादसे में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय छात्र रुद्र कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार शाम गोविंदपुरम में कैंडल मार्च निकाला गया। गौड़ होम्स के गेट नंबर-दो से शुरू हुए इस मार्च में अभिभावक शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोगों ने दिवंगत छात्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
रुद्र कुमार की याद में अभिभावकों ने निकाला कैंडल मार्च
गाजियाबाद के गोविंदपुरम में रविवार शाम माहौल गमगीन रहा। हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे पर हादसे में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय छात्र रुद्र कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए अभिभावकों ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च गौड़ होम्स के गेट नंबर-दो से शुरू हुआ। इसमें शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दिवंगत छात्र को याद किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कैंडल मार्च के दौरान अभिभावकों ने रुद्र के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई। कम उम्र में एक होनहार छात्र की असमय मौत से उनके परिवार और परिचितों में शोक है। इस मार्च के माध्यम से लोगों ने दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने का संदेश दिया। मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि देने का उद्देश्य दिवंगत छात्र को याद करना और उनके परिजनों को सांत्वना देना रहा।
आकाश नगर में परिवार के साथ रहते थे रुद्र
रुद्र कुमार गाजियाबाद के आकाश नगर में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह गोविंदपुरम स्थित ब्राइटलैंड स्कूल में कक्षा 11 के वाणिज्य वर्ग के छात्र थे। पढ़ाई में होनहार होने के साथ-साथ उन्हें खेलों में भी रुचि थी। वह फुटबाल के अच्छे खिलाड़ी थे। पढ़ाई और खेल दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाले रुद्र की उम्र अभी महज 17 वर्ष थी।
उनकी असमय मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कम उम्र में अपने बच्चे को खोने का दर्द परिवार के लिए बेहद कठिन है। ऐसे समय में अभिभावकों की ओर से निकाला गया कैंडल मार्च शोकाकुल परिवार के प्रति एकजुटता और सहानुभूति व्यक्त करने का माध्यम बना। मार्च में शामिल लोगों ने रुद्र को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मनाली घूमने गए विद्यार्थियों के समूह के साथ हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को स्कूल की कक्षा 11 के विद्यार्थियों का एक समूह मनाली घूमने गया था। इसी यात्रा के दौरान विद्यार्थी रोहतांग दर्रे की ओर पहुंचे। यहां संतुलन बिगड़ने के कारण रुद्र नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के चलते उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। इस घटना ने परिवार और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया।
रोहतांग दर्रा हिमाचल प्रदेश का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। विद्यार्थियों की यात्रा के दौरान हुए इस हादसे में रुद्र की जान चली गई। घटना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संतुलन बिगड़ने के बाद वह नीचे गिर गए थे। उनकी मौत के बाद परिवार को इस अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ा।
श्रद्धांजलि देकर परिवार के प्रति जताई संवेदना
रुद्र कुमार की याद में निकाले गए कैंडल मार्च में अभिभावकों ने मोमबत्तियां जलाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। लोगों ने दिवंगत छात्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस मुश्किल समय में हिम्मत देने की कामना की। इस तरह का आयोजन दुख साझा करने और पीड़ित परिवार को भावनात्मक समर्थन देने का माध्यम बना।
17 वर्षीय रुद्र का जीवन अभी आगे बढ़ना था, लेकिन रोहतांग दर्रे पर हुए हादसे ने उनके परिवार की खुशियों को गहरे दुख में बदल दिया। गोविंदपुरम में निकाला गया कैंडल मार्च उनकी स्मृति को सम्मान देने और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने का प्रयास रहा। अभिभावकों ने नम आंखों से रुद्र को याद किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।










