‘घूसखोर पंडित’ फिल्म पर बढ़ा विवाद: आईटी कमेटी अध्यक्ष बोले- 'चर्चा के बाद देंगे बयान'

नई फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर विवाद तेज़। आईटी कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि फिल्म पर विचार-विमर्श के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। विरोध के बावजूद रिलीज़

अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडित' के नाम को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। भोपाल, लखनऊ समेत देश के कई हिस्सों में इसके विरोध के स्वर तेज हो रहे हैं। 

Ghooskhor Pandat: अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद तेज हो गया है। फिल्म का शीर्षक और कथानक कुछ लोगों के लिए संवेदनशील साबित हो रहा है, जिसके चलते भोपाल, लखनऊ और अन्य शहरों में विरोध की आवाजें उठ रही हैं। इस मुद्दे पर जब भाजपा सांसद और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी की स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि वे इस विषय पर विस्तृत चर्चा के बाद ही बयान देंगे।

निशिकांत दुबे, जो झारखंड के गोड्डा से चार बार सांसद रह चुके हैं, ने कहा, "मैं आईटी कमेटी का चेयरमैन हूं। इस मुद्दे पर चर्चा करने के बाद ही मैं अपना पक्ष रख सकता हूं।" उनकी यह प्रतिक्रिया इस बात को दर्शाती है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए समिति इसे गंभीरता से ले रही है।

एफएमसी ने फिल्म मेकर्स को जारी किया नोटिस

फिल्म निर्माता संघ (FMC) ने भी मेकर्स को नोटिस भेजा है। FMC का कहना है कि फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने ‘घूसखोर पंडित’ शीर्षक के लिए अनिवार्य अनुमति प्राप्त नहीं की थी। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि बिना अनुमति के शीर्षक का उपयोग अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है। इस कदम से यह संकेत मिलता है कि इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन और संबंधित नियामक संस्थाएं फिल्म उद्योग में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के प्रति सतर्क हैं।

विरोध बढ़ने के बाद फिल्म निर्माता नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी ने संयुक्त बयान जारी कर मामले पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि फिल्म का उद्देश्य किसी भी समुदाय, वर्ग या धर्म के प्रति अपमानजनक नहीं है। मनोज बाजपेयी ने अपने बयान में लिखा, “मैं लोगों की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करता हूं। जब किसी फिल्म से कुछ लोगों को ठेस पहुँचती है, तो यह हमें रुककर उनकी बात सुनने और समझने के लिए मजबूर करता है। 

मेरे लिए यह कहानी एक गलत व्यक्ति और उसकी आत्म-साक्षात्कार यात्रा के इर्द-गिर्द घूमती है। यह किसी भी समुदाय या वर्ग के खिलाफ टिप्पणी नहीं है। नीरज पांडे के साथ काम करने के अपने अनुभव में मैंने देखा कि वे हमेशा अपने प्रोजेक्ट्स के प्रति गंभीर और सावधान रहते हैं। जनता की भावनाओं को देखते हुए हमने फिल्म की कुछ प्रचार सामग्री को हटाने का निर्णय लिया है।

फिल्म का कथानक और कलाकार

‘घूसखोर पंडित’ के निर्देशक रितेश शाह हैं और इसे नीरज पांडे ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में मनोज बाजपेयी अजय दीक्षित के किरदार में दिखाई देंगे, जो एक रिश्वतखोर पुलिस अधिकारी है। इसके अलावा फिल्म में नुसरत भरूचा, कीकू शारदा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, श्रद्धा दास और अक्षय ओबेरॉय प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

फिल्म का कथानक भ्रष्टाचार, सत्ता और व्यक्तिगत नैतिकता के इर्द-गिर्द घूमता है। फिल्म के शीर्षक और पात्रों की वजह से विरोध की आवाजें उठी हैं, लेकिन निर्माता और अभिनेता ने यह स्पष्ट किया है कि कहानी का उद्देश्य सामाजिक संदेश देना और भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना है।

विरोध के बावजूद रिलीज़ की तैयारियां

फिल्म के मेकर्स का कहना है कि विवाद के बावजूद वे फिल्म को निर्धारित समय पर रिलीज़ करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि शीर्षक और संवेदनशील मुद्दों पर सही तरीके से संवाद और समझौते से फिल्म की रिलीज़ को प्रभावित नहीं किया जाएगा। फिल्म उद्योग और जनता के बीच यह विवाद सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और फिल्म सामग्री के संवेदनशील विषयों पर बहस को भी बढ़ा रहा है। 

यह मामला दर्शाता है कि दर्शक और समाज किसी भी कंटेंट पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए सजग हैं, और फिल्म निर्माता एवं कलाकारों के लिए सामाजिक जिम्मेदारी निभाना आवश्यक हो गया है।

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