Google Android में नए Anti-Scam Features लाएगा, फ्रॉड कॉल्स और मैसेज की पहचान होगी आसान

Google Android में नए एंटी-स्कैम फीचर्स ला रहा है, जो फर्जी कॉल्स, संदिग्ध मैसेज, खतरनाक लिंक और कॉल फॉरवर्डिंग फ्रॉड से बचाने में मदद करेंगे।

Google ने अक्टूबर 2026 में Android यूजर्स की सुरक्षा के लिए नए एंटी-स्कैम फीचर्स की घोषणा की है। इनमें संदिग्ध मैसेज, फर्जी लिंक, कॉल फॉरवर्डिंग और बैंक के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के उपाय शामिल हैं।

Tech: Google Android यूजर्स को ऑनलाइन फ्रॉड और कॉलिंग स्कैम से बचाने के लिए सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत कर रहा है। नए Anti-Scam Features में Google Messages का Enhanced Protection मोड, संदिग्ध लिंक की जांच और बैंक कॉल्स की पहचान से जुड़े उपाय शामिल हैं। कंपनी स्क्रीन-शेयरिंग के दौरान संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा और बिना अनुमति कॉल फॉरवर्डिंग रोकने पर भी काम कर रही है।

Google Messages में Enhanced Protection से मिलेगी स्कैम की चेतावनी

Google Android यूजर्स को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए Google Messages में Enhanced Protection मोड पेश करने जा रहा है। इस फीचर की मदद से संदिग्ध मैसेज और बातचीत के पैटर्न का विश्लेषण करके संभावित स्कैम की पहचान करने में मदद मिलेगी। इसके लिए Gemini AI मॉडल्स का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि यूजर्स को समय रहते चेतावनी मिल सके।

Google Android में नए Anti-Scam Features लाएगा, फ्रॉड कॉल्स और मैसेज की पहचान होगी आसान

यह एक ऑप्ट-इन फीचर होगा, यानी यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार इसे एक्टिवेट कर सकेंगे। यदि किसी बातचीत में धोखाधड़ी के संकेत मिलते हैं, तो सिस्टम यूजर को अलर्ट करेगा। इसके बाद वह बातचीत जारी रखने या संबंधित मैसेज को रिपोर्ट करके नंबर ब्लॉक करने का विकल्प चुन सकेगा।

Google Messages पहले से ही फिशिंग वेबसाइट्स और खतरनाक लिंक के बारे में चेतावनी देता है। अब कंपनी ऐसे नए और अनजान लिंक की जांच करने की व्यवस्था भी बेहतर बना रही है, जो पहले से किसी ब्लॉकलिस्ट में शामिल नहीं हैं। रियल-टाइम वेब सिग्नल्स की मदद से लिंक के संभावित खतरे का आकलन किया जाएगा। इससे यूजर्स को संदिग्ध वेबसाइट खोलने या अनजाने में मालवेयर डाउनलोड करने से पहले सतर्क होने का मौका मिलेगा।

2. Screen Sharing और Call Forwarding के लिए नए सिक्योरिटी अलर्ट

Google स्क्रीन-शेयरिंग और कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए भी Android की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार कर रहा है। कई बार स्कैमर्स यूजर्स को स्क्रीन शेयर करने के लिए कहते हैं, ताकि वे बैंकिंग डिटेल्स, निजी मैसेज या दूसरी संवेदनशील जानकारी देख सकें।

Android कुछ स्थितियों में स्क्रीन शेयरिंग के दौरान संवेदनशील जानकारी को पहले से छिपाता है। अब इसी तरह की सुरक्षा को Chrome और Android WebView तक बढ़ाने की योजना है। इससे इन प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल होने वाली संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।

कॉल फॉरवर्डिंग के मामले में भी नए अलर्ट जोड़े जा रहे हैं। धोखेबाज कई बार यूजर्स को फोन के डायल पैड पर MMI कोड टाइप करने के लिए कहते हैं। कुछ कोड्स का इस्तेमाल कॉल फॉरवर्डिंग जैसी सेवाओं की सेटिंग बदलने के लिए किया जा सकता है।

नई व्यवस्था के तहत, ऐसी सेटिंग लागू होने से पहले यूजर्स को स्पष्ट चेतावनी देने की योजना है। इसका मकसद लोगों को अनजाने में कॉल्स किसी दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड करने से बचाना है। Google Android डिवाइस निर्माताओं के साथ मिलकर Messages ऐप से आगे भी सुरक्षा सुविधाओं का विस्तार करने पर काम कर रहा है।


 बैंक की फर्जी कॉल्स की पहचान के लिए रियल-टाइम जांच

Google बैंकिंग फ्रॉड रोकने के लिए बैंकों के साथ मिलकर Caller ID Spoofing की समस्या पर भी काम कर रहा है। इस तकनीक में स्कैमर्स अपने फोन नंबर को इस तरह दिखाते हैं कि वह किसी बैंक या आधिकारिक संस्था का नंबर लगे। इससे यूजर्स को असली और नकली कॉल के बीच अंतर करने में परेशानी हो सकती है।

Google के प्रस्तावित सिस्टम में Android इनकमिंग बैंक कॉल्स की रियल-टाइम जांच करने में मदद करेगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कॉल वास्तव में संबंधित बैंक की ओर से की गई है या नहीं। कंपनी इस सुविधा को अधिक देशों में उपलब्ध कराने के लिए ज्यादा बैंकों के साथ सहयोग बढ़ा रही है।

प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए Google इन फीचर्स में ऑन-डिवाइस Gemini Nano मॉडल्स का इस्तेमाल करेगा। जरूरत पड़ने पर Private AI Compute के जरिए क्लाउड आधारित प्रोसेसिंग की सहायता भी ली जा सकती है। कंपनी का दावा है कि यह व्यवस्था प्रोसेस की गई जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने के लिए डिजाइन की गई है।

इन नए फीचर्स की उपलब्धता डिवाइस, क्षेत्र और रोलआउट पर निर्भर करेगी। इसलिए Android यूजर्स को अपने फोन के सिक्योरिटी अपडेट्स और Google Messages की सेटिंग्स पर नजर रखनी चाहिए।

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