गोरखपुर: उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा, जो वन, पर्यावरण और औद्यानिकी से जुड़े विषयों में उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देगा।
प्रस्ताव के अनुसार विश्वविद्यालय का निर्माण कैंपियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा। यहां आधुनिक शैक्षणिक ढांचा विकसित किया जाएगा, जिसमें कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, शोध केंद्र और प्रशासनिक भवन शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय में स्नातक, परास्नातक और शोध (पीएचडी) स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही वानिकी, वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण विज्ञान, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और औद्यानिकी से जुड़े विशेष डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
परिसर में छात्रों के लिए छात्रावास, शिक्षकों के लिए आवासीय सुविधा, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विश्वविद्यालय से पूर्वांचल सहित प्रदेश के छात्रों को पर्यावरण आधारित शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
इस परियोजना को क्षेत्र के शैक्षणिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय की स्थापना से गोरखपुर को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।









