गर्मी के बढ़ने से AC कंपनियों की मांग में तेजी आ सकती है। चुनिंदा कंपनियों में निवेश का अवसर है, जबकि उत्पादन लागत, LPG की कमी और कीमतों में वृद्धि से मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
Stock Market: जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, एयर कंडीशनर (AC) बनाने वाली कंपनियों पर निवेशकों की नजरें फिर टिक गई हैं। इस सीजन में कंपनियां कुछ चुनौतियों का सामना कर रही हैं, जैसे कमजोर गर्मी, LPG की कमी और बढ़ती लागत। इसके बावजूद ब्रोकरेज फर्म नुवामा की रिपोर्ट के अनुसार, लंबी अवधि में चुनिंदा कंपनियों में निवेश का अच्छा अवसर है। चौथी तिमाही (Q4FY26) में कंपनियां सीमित रेवेन्यू ग्रोथ के साथ बेहतर मार्जिन दिखा सकती हैं, जबकि EMS (Electronics Manufacturing Services) कंपनियों को उत्पादन और लागत दोनों मोर्चों पर दबाव झेलना पड़ सकता है।
चुनौतियां और दबाव के मुख्य कारण
रिपोर्ट के अनुसार, इस इंडस्ट्री पर तीन मुख्य फैक्टर दबाव डाल रहे हैं। सबसे पहले LPG की कमी, जो उत्पादन को प्रभावित कर रही है। खासकर ब्रेजिंग प्रक्रिया के लिए LPG जरूरी होता है और इसकी सीमित सप्लाई से EMS कंपनियों पर असर दिख सकता है। सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है, जिससे सप्लाई पर असर पड़ा है।
दूसरी चुनौती बेमौसम बारिश है। उत्तर भारत में फरवरी के मध्य से मांग में सुधार देखने को मिला था, लेकिन हाल की बारिश से पिछले 4–5 दिनों में बिक्री कमजोर हुई है। इसके अलावा, कंपनियों ने 5–10 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाईं हैं, जिससे बिक्री पर असर पड़ सकता है। ऑक्सी-एसिटिलीन जैसे वैकल्पिक ईंधन से उत्पादन जारी है, लेकिन इससे लागत बढ़ रही है।
तीसरी चुनौती बढ़ती लागत है। रुपये की कमजोरी और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण कंपनियों की लागत दबाव में है। जनवरी 2026 तक LG ने AC की कीमतों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की थी। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कंपनियां पूरी लागत ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं, जिससे मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
तापमान के रुझान और मांग
नुवामा की रिपोर्ट में कहा गया है कि तापमान के रुझान इस बार मिले-जुले हैं। देशभर में साल-दर-साल तापमान करीब 0.5°C ज्यादा है, जिसमें उत्तर भारत में करीब 1.3°C की बढ़ोतरी हुई है जबकि दक्षिण में 1.0°C की गिरावट आई है। इससे मांग में कुछ देरी हुई है।
पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल से मौसम में सुधार होगा और जून-जुलाई तक अल नीनो प्रभाव के कारण गर्मी तेज रहने की संभावना है। इससे कूलिंग प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ सकती है। हालांकि, यह देखना होगा कि पश्चिम एशिया संकट का उपभोक्ता खर्च पर कितना असर पड़ता है।
निवेशकों के लिए अवसर
हालांकि इस सीजन में चुनौतियां हैं, ब्रोकरेज फर्म नुवामा का मानना है कि मौजूदा कमजोरी निवेश का अवसर हो सकती है। Amber Enterprises, PG Electroplast और Havells जैसी कंपनियों में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का मौका है। इन कंपनियों को मजबूत मांग, उत्पादन क्षमता और ब्रांड वैल्यू का लाभ मिल सकता है।
निवेशक इस मौके का फायदा उठा सकते हैं और लंबी अवधि के लिए इन कंपनियों में निवेश करके भविष्य में अच्छी रिटर्न की संभावना रख सकते हैं।
EMS सेक्टर की स्थिति
EMS कंपनियां उत्पादन लागत और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के दबाव का सामना कर रही हैं। LPG की सीमित उपलब्धता और बढ़ती लागत के बावजूद इन कंपनियों का ग्रोथ आउटलुक बेहतर माना जा रहा है। लंबे समय में अगर गर्मी तेज रहती है और मांग सुधरती है, तो इन कंपनियों की ग्रोथ फिर पटरी पर लौट सकती है।
कीमत बढ़ाने के प्रयास और प्रभाव
कंपनियों ने 9–12 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाईं, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण पूरी लागत ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। इससे मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद AC और EMS सेक्टर में निवेशकों को लंबी अवधि में लाभ मिलने की संभावना बनी हुई है।
गर्मी के इस सीजन में कूलिंग प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने की उम्मीद है। जैसे-जैसे तापमान में तेजी आएगी, AC और अन्य कूलिंग डिवाइस की बिक्री बढ़ सकती है। यह सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है और निवेशकों के लिए लॉन्ग-टर्म अवसर पैदा कर सकता है।










