गुजरात से मणिपुर पुलिस ने पकड़ा कथित ड्रग नेटवर्क का सरगना, 8,320 कोडीन कफ सिरप की बोतलें जब्त

मणिपुर पुलिस ने अहमदाबाद से कथित ड्रग नेटवर्क के संदिग्ध सरगना नोंगथोम्बम जेम्सजित को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मणिपुर में संयुक्त अभियान के दौरान 52 बॉक्स मिले

मणिपुर पुलिस ने अहमदाबाद से कथित ड्रग नेटवर्क के संदिग्ध सरगना नोंगथोम्बम जेम्सजित को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मणिपुर में संयुक्त अभियान के दौरान 52 बॉक्स से 8,320 कोडीन कफ सिरप की बोतलें बरामद कीं। मामले की जांच जारी है

इम्फाल: मणिपुर पुलिस ने कथित ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गुजरात के अहमदाबाद से एक संदिग्ध सरगना को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान नोंगथोम्बम जेम्सजित उर्फ थाई के रूप में हुई है। आरोपी को 6 अक्टूबर को अहमदाबाद से पकड़ा गया। इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए मणिपुर में एक संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें 8,320 बोतल कोडीन आधारित कफ सिरप बरामद किया गया।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई मणिपुर में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर की गई। जांच एजेंसियां अब कथित ड्रग नेटवर्क के अन्य सदस्यों, इसकी गतिविधियों और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।

अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया आरोपी

पुलिस ने बताया कि नोंगथोम्बम जेम्सजित उर्फ थाई, एन. मेघाजित का बेटा है और इम्फाल पश्चिम के नाओरेमथोंग बाजार स्थित कांगला ड्रग्स एंड सर्जिकल फार्मेसी का संचालक है।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के गुजरात के अहमदाबाद में होने की जानकारी मिली। इसके बाद मणिपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे 6 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी को मणिपुर लाने के लिए चार दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई है। उसे मणिपुर लाकर मामले में आगे पूछताछ और जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित नेटवर्क में उसकी भूमिका क्या थी और अन्य संदिग्ध लोगों से उसका किस तरह का संपर्क था।

तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई जांच

इस मामले की जांच की शुरुआत पोरोंपाट पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के बाद हुई। पुलिस के अनुसार, 4 अक्टूबर को तीन लोगों को प्रतिबंधित सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था।

इन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य लोगों और कथित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और गुजरात में मौजूद संदिग्ध आरोपी तक पुलिस पहुंची।

इसी जांच के दौरान मणिपुर में छिपाकर रखे गए कोडीन आधारित कफ सिरप के बड़े स्टॉक के बारे में भी जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

संयुक्त अभियान में 52 बॉक्स बरामद

पुलिस के मुताबिक, पहले गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक से मिली जानकारी के आधार पर मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और वाईएडीएएम की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया।

यह अभियान ओइनाम थिंगेल नदी के किनारे के इलाके में चलाया गया। तलाशी के दौरान टीम को छिपाकर रखे गए कफ सिरप का स्टॉक मिला।

पुलिस ने बताया कि मौके से चोको प्लस नाम के कफ सिरप के 52 बॉक्स बरामद किए गए। प्रत्येक बॉक्स में 160 बोतलें थीं। इस तरह कुल 8,320 बोतलें जब्त की गईं।

पुलिस के अनुसार, बरामद प्रत्येक बोतल में 10 मिलीग्राम कोडीन फॉस्फेट मौजूद था। इतनी बड़ी मात्रा में कोडीन आधारित कफ सिरप की बरामदगी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बरामदगी के बाद जांच और तेज

8,320 बोतलों की बरामदगी के बाद पुलिस अब कथित नेटवर्क के पूरे संचालन और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बरामद सामग्री किसके लिए रखी गई थी और मामले में गिरफ्तार लोगों के बीच क्या संबंध था।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका या अपराध में संलिप्तता को अंतिम रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।

मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

कोडीन आधारित कफ सिरप पर पुलिस की नजर

कोडीन एक ऐसी दवा है जिसका इस्तेमाल कुछ चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया जाता है, लेकिन इसका दुरुपयोग नशीले पदार्थ के रूप में भी किया जा सकता है। इसी वजह से कोडीन आधारित दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री और आपूर्ति को लेकर सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियां सतर्क रहती हैं।

मणिपुर में बड़ी मात्रा में कोडीन आधारित कफ सिरप की बरामदगी ऐसे मामलों की निगरानी और अवैध आपूर्ति श्रृंखला की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस मामले में बरामद सामग्री का कथित नेटवर्क में अंतिम उपयोग या आपूर्ति का उद्देश्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

गुजरात से मणिपुर तक जुड़ी जांच

इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जांच मणिपुर में दर्ज प्राथमिकी से शुरू होकर गुजरात के अहमदाबाद तक पहुंची। आरोपी की अहमदाबाद से गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर मणिपुर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

यह घटनाक्रम बताता है कि पुलिस जांच केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि मामले से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल दूसरे राज्य तक की गई। अब जांच एजेंसियों के सामने कथित नेटवर्क के अन्य संपर्कों और गतिविधियों को समझने की चुनौती है।

आगे क्या होगा?

मणिपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और पहले गिरफ्तार किए गए लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस कथित ड्रग नेटवर्क की संरचना और उसकी गतिविधियों की जांच करेगी।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में एक संदिग्ध आरोपी की गुजरात से गिरफ्तारी और मणिपुर में 8,320 कोडीन कफ सिरप की बोतलों की बरामदगी सामने आई है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका, बरामद सामग्री का स्रोत और संभावित आपूर्ति श्रृंखला जैसे सवालों पर जांच आगे बढ़ रही है।

पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में कथित नेटवर्क कितना व्यापक था और गिरफ्तार लोगों की वास्तविक भूमिका क्या रही। फिलहाल सभी आरोप जांच के अधीन हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आएगा।

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