पंजाब CM भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने सुखपाल सिंह खैहरा और बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने कथित आपत्तिजनक सामग्री हटाने, दोबारा प्रसारित न करने और 24 घंटे में बिना शर्त माफी मांगने को कहा है।
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित रूप से झूठी, मानहानिकारक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। दोनों से 24 घंटे के भीतर सामग्री हटाने और बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो हटाने की मांग
डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से अधिवक्ता गिन्नीजीत मल्होत्रा के माध्यम से यह कानूनी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि सुखपाल सिंह खैहरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डॉ. कौर से संबंधित कथित तौर पर झूठी, बदनाम करने वाली और आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित एवं प्रसारित की।
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नोटिस में सोशल मीडिया पोस्ट, ग्राफिक पोस्टर, वीडियो, रीपोस्ट, सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो क्लिप सहित संबंधित सामग्री का उल्लेख किया गया है। डॉ. कौर ने ऐसी सामग्री को सोशल मीडिया खातों से हटाने और स्थायी रूप से वापस लेने की मांग की है। साथ ही भविष्य में इस तरह की सामग्री दोबारा प्रकाशित या प्रसारित नहीं करने को कहा गया है।
24 घंटे में बिना शर्त माफी की मांग
कानूनी नोटिस में सुखपाल सिंह खैहरा से डॉ. गुरप्रीत कौर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सामग्री को लेकर लिखित और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया है। नोटिस में 24 घंटे की समयसीमा दी गई है।
नोटिस के मुताबिक निर्धारित समय में मांगों का पालन नहीं होने पर डॉ. कौर की ओर से उचित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें कथित मानहानि और निजता के उल्लंघन सहित अन्य कानूनी आधारों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
5 करोड़ रुपये के आरोप को लेकर पहले से विवाद
यह मामला उस राजनीतिक विवाद से भी जुड़ा है, जिसमें डॉ. गुरप्रीत कौर पर एक दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये की कथित मांग से जुड़े आरोप सामने आए थे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। डॉ. गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया था।
इससे पहले डॉ. गुरप्रीत कौर ने सेवानिवृत्त पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रणजीत सिंह को भी कानूनी नोटिस भेजा था। उस नोटिस में भी आरोपों पर 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति रणजीत सिंह का संबंध कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा से पारिवारिक रूप से बताया गया है।
नए नोटिस के बाद मामला पंजाब की राजनीति में एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल नोटिस में लगाए गए आरोपों और संबंधित सामग्री को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।









