गुरुग्राम के अशोक विहार फेज-3 में पत्नी और बेटे की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान घरेलू तनाव और पारिवारिक विवाद की बातें सामने आई हैं। पुलिस हत्या में इस्तेमाल रिवाल्वर के लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
गुरुग्राम: अशोक विहार फेज-3 में पत्नी और बेटे की हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव और घरेलू विवाद की बात सामने आई है। वहीं, हत्या में इस्तेमाल हथियार के लाइसेंस संबंधी दस्तावेज भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
जांच में सामने आए पारिवारिक तनाव के संकेत
गुरुग्राम के अशोक विहार फेज-3 में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस को परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे तनाव के संकेत मिले हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपित अनिल तंवर पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव और घरेलू विवादों का सामना कर रहा था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि वह खुद को परिवार के भीतर उपेक्षित महसूस करता था। परिवार के सदस्यों के बीच संबंध सामान्य नहीं थे और कई मुद्दों को लेकर मतभेद बने रहते थे।
लंबे समय से परिवार से दूर था आरोपित
अनिल तंवर एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी अधिकारी के रूप में कार्यरत था और भिवानी में पीएसओ ड्यूटी पर तैनात था। नौकरी के कारण वह लंबे समय तक परिवार से दूर रहता था। जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि दूरी और पारिवारिक परिस्थितियों ने उसके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित किया था।
पुलिस आसपास के लोगों और परिचितों से भी जानकारी जुटा रही है ताकि परिवार के भीतर के संबंधों और घटनाक्रम को बेहतर तरीके से समझा जा सके। फिलहाल अधिकारी मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं।
हथियार के लाइसेंस की हो रही जांच
हत्या में इस्तेमाल रिवाल्वर को लेकर भी पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक हथियार के लाइसेंस से संबंधित दस्तावेज बरामद नहीं हुए हैं। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार का लाइसेंस वैध था या नहीं और उससे जुड़े सभी दस्तावेज कहां हैं।
जांच टीम दस्तावेजों की तलाश के साथ-साथ हथियार की कानूनी स्थिति की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़ी सभी तकनीकी और कानूनी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
सभी पहलुओं पर जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। आरोपित से लगातार पूछताछ की जा रही है और उससे मिली जानकारी का सत्यापन भी किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की परिस्थितियों और कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस घरेलू विवाद, मानसिक तनाव और हथियार से जुड़े पहलुओं को केंद्र में रखकर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।











