गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक वाहनों से होगा घर-घर कूड़ा कलेक्शन, MCG ने दो एजेंसियों से किया समझौता

गुरुग्राम नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए दो एजेंसियों से समझौता किया है। करीब दो महीने में इलेक्ट्रिक वाहनों से सफाई शुरू होगी।

गुरुग्राम नगर निगम ने घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए दो एजेंसियों के साथ समझौता किया है। करीब दो महीने में इलेक्ट्रिक वाहनों से कचरा संग्रह शुरू करने की तैयारी है। एजेंसियां पांच साल तक निर्धारित क्षेत्रों में काम करेंगी।

गुरुग्राम: शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की नई योजना तैयार की है। इसके तहत दो एजेंसियां इलेक्ट्रिक वाहनों की मदद से घरों से कचरा उठाएंगी। समझौते से जुड़ी कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और करीब दो महीने में काम शुरू होने की उम्मीद है। योजना में चार्जिंग स्टेशन और कचरा पहुंचाने के लिए जरूरी संसाधन तैयार करना भी शामिल है।

गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक वाहनों से शुरू होगा कूड़ा कलेक्शन

गुरुग्राम में घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने दो एजेंसियों के साथ समझौता किया है। दोनों एजेंसियों के साथ जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब करीब दो महीने में निर्धारित क्षेत्रों में कचरा संग्रह का काम शुरू करने की तैयारी है।

गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक वाहनों से होगा घर-घर कूड़ा कलेक्शन, MCG ने दो एजेंसियों से किया समझौता

नई व्यवस्था के तहत एजेंसियां घरों से कूड़ा एकत्रित करेंगी और उसे तय स्थानों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके बाद कचरे को आगे लैंडफिल साइट तक ले जाने की प्रक्रिया भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पूरी की जाएगी। इस काम में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

दोनों एजेंसियों को पांच साल तक अपने निर्धारित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करना होगा। नगर निगम को उम्मीद है कि इससे कचरा उठाने की प्रक्रिया नियमित होगी और शहर के अलग-अलग इलाकों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

चार्जिंग स्टेशन और वाहनों की व्यवस्था पर जोर

इलेक्ट्रिक वाहनों से कचरा उठाने की योजना को लागू करने के लिए केवल वाहनों की उपलब्धता ही पर्याप्त नहीं होगी। उनके संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन और अन्य जरूरी संसाधनों की भी व्यवस्था करनी होगी। नगर निगम के अनुसार, एजेंसियों के काम शुरू करने से पहले इन तैयारियों को पूरा किया जाएगा।

शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इन सुविधाओं के तैयार होने से वाहनों का नियमित संचालन आसान हो सकेगा। एजेंसियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में घरों से कचरा इकट्ठा करने और उसे सेकंडरी प्वाइंट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

काम शुरू होने से पहले वाहनों की उपलब्धता, चार्जिंग व्यवस्था और कचरे के परिवहन से जुड़े संसाधनों को तैयार करना महत्वपूर्ण होगा। इन तैयारियों के आधार पर ही नई व्यवस्था को तय समय पर लागू किया जा सकेगा।

सफाई व्यवस्था में सुधार और प्रदूषण घटाने की उम्मीद

नगर निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से शहर में कूड़ा उठाने का काम अधिक नियमित और व्यवस्थित होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से पारंपरिक ईंधन पर चलने वाले वाहनों की तुलना में स्थानीय स्तर पर वाहन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिल सकती है।

हालांकि, योजना का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि एजेंसियां कितनी नियमितता से कूड़ा उठाती हैं, वाहनों का संचालन किस तरह होता है और कचरे को निर्धारित स्थानों तक समय पर पहुंचाया जाता है या नहीं।

नगर निगम और संबंधित एजेंसियों के सामने अब अगले दो महीने में जरूरी संसाधन तैयार करने की चुनौती है। चार्जिंग स्टेशन, वाहन और अन्य व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद निर्धारित इलाकों में घर-घर से कचरा उठाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद नई व्यवस्था की नियमितता और सफाई पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जा सकेगा।

Leave a comment