तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-2 परियोजना के लिए केंद्र सरकार से जल्द वित्तीय सहायता जारी करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी को पत्र लिखकर IRFC से स्वीकृत धनराशि को बिना किसी देरी के जारी करने का आग्रह किया है।
हैदराबाद: भारत के तेजी से विकसित हो रहे शहरी परिवहन नेटवर्क में हैदराबाद मेट्रो रेल के दूसरे चरण (Hyderabad Metro Rail Phase-2) को लेकर केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक और वित्तीय बहस तेज हो गई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से परियोजना के लिए स्वीकृत वित्तीय सहायता और आवश्यक मंजूरियां जल्द जारी करने की मांग की है। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि परियोजना में देरी के पीछे राज्य सरकार की ओर से तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाओं का अधूरा रहना प्रमुख कारण है।
करीब 38,595 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना हैदराबाद के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इसके पूरा होने से शहर की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र से की शीघ्र फंड जारी करने की अपील
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) के माध्यम से स्वीकृत वित्तीय सहायता को बिना देरी जारी किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी अनुरोध किया कि हैदराबाद मेट्रो फेज-2 परियोजना को जल्द से जल्द प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी प्रदान की जाए, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर शुरू हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल उस वित्तीय सहायता की मांग कर रही है, जिसे संबंधित केंद्रीय एजेंसी द्वारा आवश्यक जांच और प्रक्रियाओं के बाद स्वीकृत किया गया है।
122.9 किलोमीटर लंबे नेटवर्क का प्रस्ताव
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हैदराबाद मेट्रो फेज-2 के तहत शहर में सात नए कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 122.9 किलोमीटर होगी।परियोजना का उद्देश्य शहर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा से जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और शहरी यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बन सकेगी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि उनकी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कराई जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस बैठक में परियोजना से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज, समझौते और तकनीकी विवरण प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, आपसी संवाद के माध्यम से लंबित मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है और परियोजना को गति दी जा सकती है।
तेलंगाना सरकार का पक्ष
राज्य सरकार का कहना है कि वह किसी विशेष आर्थिक सहायता या अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं कर रही है, बल्कि पहले से स्वीकृत वित्तीय व्यवस्था के अनुरूप धनराशि जारी किए जाने की अपेक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हैदराबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे महानगर के लिए आधुनिक और विस्तृत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अत्यंत आवश्यक है। उनका मानना है कि परियोजना का लाभ केवल तेलंगाना ही नहीं, बल्कि देश के शहरी विकास लक्ष्यों को भी मिलेगा।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने परियोजना में देरी के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और वित्तीय मतभेदों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि परियोजना से संबंधित कुछ तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर अभी कार्य पूरा होना बाकी है। उनके अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और वित्तीय ढांचे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव होगी।










