असम के हैलाकांदी जिले में पुलिस ने रामनाथपुर इलाके में एक वाहन की जांच के दौरान 1.30 लाख याबा टैबलेट जब्त की हैं। करीब 13.5 किलोग्राम वजन वाली इस खेप की अनुमानित कीमत लगभग ₹6 करोड़ बताई गई है। मामले में दो लोग गिरफ्तार हुए।
गुवाहाटी: असम के हैलाकांदी जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.30 लाख याबा टैबलेट जब्त की हैं। यह कार्रवाई रामनाथपुर थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस ने जांच के दौरान एक वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक, प्रतिबंधित टैबलेट वाहन के ढांचे में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों में छिपाकर रखी गई थीं।
पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, बरामद याबा टैबलेट का कुल वजन करीब 13.5 किलोग्राम है और इनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹6 करोड़ बताई गई है। कार्रवाई के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में मामले में गिरफ्तार किया गया।
रामनाथपुर में वाहन जांच के दौरान कार्रवाई
यह कार्रवाई रामनाथपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई। पुलिस के अनुसार, वाहन की जांच के दौरान अधिकारियों को उसके चेसिस में बनाए गए विशेष गुप्त कक्षों पर संदेह हुआ। विस्तृत तलाशी लेने पर इन छिपे हुए हिस्सों से बड़ी मात्रा में याबा टैबलेट बरामद की गईं।
हैलाकांदी पुलिस ने इस अभियान को महत्वपूर्ण मादक पदार्थ जब्ती बताया है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी। इससे संकेत मिलता है कि सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में मादक पदार्थों की आवाजाही से संबंधित जानकारी पहले से मिली थी और उसके आधार पर जांच अभियान चलाया गया।
वाहन में इस तरह से गुप्त स्थान बनाकर मादक पदार्थ छिपाए जाने से यह भी स्पष्ट होता है कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की जांच के दौरान पुलिस को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
दो संदिग्ध गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रफीकुल इस्लाम और राशिद अहमद के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और बरामद खेप के स्रोत तथा उसके संभावित गंतव्य का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती हैं कि इस खेप को कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। इसके अलावा, क्या इस मामले में दो गिरफ्तार लोगों के अलावा अन्य व्यक्ति भी शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
मादक पदार्थों की बड़ी खेप मिलने के मामलों में पुलिस आमतौर पर आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन के रास्ते और संभावित नेटवर्क की भूमिका की जांच करती है। इस मामले में भी आगे की जांच से तस्करी के व्यापक नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
याबा क्या है और क्यों है चिंता का विषय?
याबा आमतौर पर मेथामफेटामाइन आधारित प्रतिबंधित उत्तेजक मादक पदार्थ की गोलियों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला नाम है। भारत में मेथामफेटामाइन नियंत्रित मादक एवं मन:प्रभावी पदार्थों की श्रेणी में आता है और इसके अवैध कारोबार पर कानून के तहत कार्रवाई की जाती है।
याबा की अवैध तस्करी दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा और कई महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग होने के कारण मादक पदार्थों की तस्करी रोकना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए विशेष महत्व रखता है।
सरकारी एजेंसियां समय-समय पर बड़ी मात्रा में याबा और अन्य प्रतिबंधित पदार्थ जब्त करती रही हैं। हाल के अभियानों में भी असम के अलग-अलग जिलों में याबा की खेप पकड़ी गई है।
असम में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान
हैलाकांदी में हुई यह कार्रवाई असम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जारी व्यापक अभियान का हिस्सा है। राज्य सरकार और पुलिस लंबे समय से अवैध ड्रग कारोबार पर कार्रवाई की बात कहती रही हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए हैलाकांदी पुलिस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने पुलिस के अभियान को महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा और मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया।
असम पुलिस की ओर से अलग-अलग जिलों में की जा रही कार्रवाई में याबा टैबलेट के अलावा अन्य प्रतिबंधित पदार्थ भी जब्त किए जाते रहे हैं। इससे राज्य में नशीले पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता का पता चलता है।
सीमा क्षेत्र होने के कारण बढ़ी चुनौती
हैलाकांदी असम के दक्षिणी हिस्से में स्थित है और मिजोरम की सीमा के करीब होने के कारण यह क्षेत्र मादक पदार्थों की आवाजाही के लिहाज से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। हाल के मामलों में भी मिजोरम से असम की ओर आने वाले वाहनों से प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी सामने आई है।
सितंबर 2026 की एक अन्य कार्रवाई में असम पुलिस और सीआरपीएफ ने हैलाकांदी में एक बोलेरो पिकअप से 13.503 किलोग्राम याबा बरामद करने और दो लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी।
ऐसे मामलों में सीमा क्षेत्रों पर नाका जांच, खुफिया सूचनाओं के आधार पर तलाशी और अंतर-एजेंसी समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आगे की जांच पर नजर
1.30 लाख याबा टैबलेट की बरामदगी के बाद अब पुलिस की जांच केवल गिरफ्तार किए गए दो लोगों तक सीमित नहीं रहेगी। अधिकारियों के सामने सबसे अहम सवाल खेप के स्रोत, संभावित गंतव्य और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाना है।
पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि वाहन का इस्तेमाल पहले भी किसी संदिग्ध गतिविधि के लिए किया गया था या नहीं। वाहन में बनाए गए विशेष गुप्त खानों की मौजूदगी इस मामले में जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ पर निर्भर करेगी। फिलहाल पुलिस ने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने की चुनौती और सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। हैलाकांदी पुलिस की इस बरामदगी को राज्य में जारी मादक पदार्थ विरोधी अभियान की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।










