हल्द्वानी के सुभाष नगर में स्मार्ट मीटर लगने के एक दिन बाद उपभोक्ता को 3 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल मिला। शिकायत के बाद जांच में तकनीकी त्रुटि सामने आई और बिल को संशोधित कर 2600 रुपये कर दिया गया।
हल्द्वानी: स्मार्ट मीटर लगाने के बाद एक उपभोक्ता को तीन लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल मिलने का मामला सामने आया है। बिल देखकर परिवार के सदस्य हैरान रह गए और ऊर्जा निगम से शिकायत की गई। जांच में तकनीकी गड़बड़ी पाए जाने के बाद बिल को संशोधित कर वास्तविक राशि जारी की गई, लेकिन घटना के बाद क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध भी देखने को मिला।
स्मार्ट मीटर लगने के अगले दिन आया भारी-भरकम बिल
हल्द्वानी के सुभाष नगर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद एक उपभोक्ता को तीन लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल जारी होने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, जसबीर कौर के घर सोमवार को स्मार्ट मीटर लगाया गया था। इसके अगले ही दिन जब बिजली बिल जारी हुआ तो उसमें तीन लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि दिखाई गई।
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इतनी बड़ी रकम का बिल देखकर परिवार के लोग परेशान हो गए। इसके बाद उपभोक्ता के बेटे गुरविंदर सिंह ने बिल की प्रति लेकर ऊर्जा निगम के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच की मांग की।
जांच में सामने आई तकनीकी गड़बड़ी
शिकायत मिलने के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। एसडीओ यूके भास्कर के निर्देश पर बिल की जांच की गई। जांच में पता चला कि पुराने रिकॉर्ड के समायोजन और तकनीकी त्रुटि के कारण बिल की राशि असामान्य रूप से अधिक दिख रही थी।
जांच पूरी होने के बाद बिल को संशोधित किया गया और उपभोक्ता को वास्तविक 2600 रुपये का बिजली बिल जारी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई अतिरिक्त बिजली खपत नहीं थी, बल्कि तकनीकी स्तर पर हुई गड़बड़ी का परिणाम था।
स्मार्ट मीटर के विरोध में लोगों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी देखने को मिली। जब स्मार्ट मीटर लगाने वाली टीम सुभाष नगर में अन्य घरों में मीटर लगाने पहुंची तो स्थानीय लोगों ने विरोध जताया और टीम को काम करने से रोक दिया।
कई लोगों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से उपभोक्ताओं के बीच भ्रम और चिंता बढ़ रही है। लोगों ने स्मार्ट मीटर प्रणाली की पारदर्शिता और सटीकता को लेकर भी सवाल उठाए।
मीटर लगाने से इनकार पर काटा गया कनेक्शन
इसी क्षेत्र में एक अन्य मामला भी सामने आया, जहां एक उपभोक्ता ने पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार कर दिया। ऊर्जा निगम की टीम ने बताया कि संबंधित उपभोक्ता को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था।
अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस देने और पर्याप्त समय उपलब्ध कराने के बाद भी सहयोग नहीं मिलने पर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई। ऊर्जा निगम का कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और सभी उपभोक्ताओं को नियमों के अनुसार इसका पालन करना होगा।
फिलहाल तीन लाख रुपये के बिल वाले मामले का समाधान हो चुका है, लेकिन इस घटना के बाद स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों के बीच चर्चा और बहस तेज हो गई है।









