हरिद्वार में अर्द्धकुंभ की तैयारियों के लिए IIT रुड़की से मंगाया गया करीब 40 लाख रुपये का ड्रोन उड़ान भरने के बाद लापता हो गया। आखिरी लोकेशन भूपतवाला में मिली, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू की।
उत्तराखंड: अर्द्धकुंभ की तैयारियों के तहत मैपिंग के काम में इस्तेमाल के लिए IIT रुड़की से मंगाया गया एक ड्रोन उड़ान भरने के बाद लापता हो गया। इसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। काफी तलाश के बावजूद ड्रोन का पता नहीं चलने पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अब इसकी आखिरी लोकेशन और संभावित गिरने की जगहों के आधार पर तलाश कर रही है।
अर्द्धकुंभ की मैपिंग के लिए मंगाया गया था ड्रोन
हरिद्वार में आगामी अर्द्धकुंभ की तैयारियों को लेकर विभिन्न काम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मैपिंग जैसे तकनीकी कार्यों के लिए IIT रुड़की से एक ड्रोन मंगाया गया था। इसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि, उड़ान भरने के बाद ड्रोन से संपर्क टूट गया और वह लापता हो गया।
ड्रोन के लापता होने के बाद संबंधित लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उसका पता नहीं चल पाया। यह उपकरण अर्द्धकुंभ की तैयारियों से जुड़े कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाना था, इसलिए इसकी गुमशुदगी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
भूपतवाला में मिली आखिरी लोकेशन
जानकारी के मुताबिक, ड्रोन की आखिरी लोकेशन हरिद्वार के उत्तरी हिस्से में स्थित भूपतवाला क्षेत्र में मिली थी। इसके बाद उसकी स्थिति का पता नहीं चल सका। इस इलाके के आसपास संभावित स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन ड्रोन नहीं मिला।
प्रारंभिक आशंका है कि ड्रोन जंगल में कहीं गिर गया हो सकता है। दूसरी संभावना यह भी जताई जा रही है कि वह जंगल से सटे किसी रिहायशी इलाके में गिरा हो और वहां से किसी ने उसे उठा लिया हो। हालांकि, इन संभावनाओं की अभी पुष्टि नहीं हुई है। ड्रोन के साथ वास्तव में क्या हुआ, यह उसकी बरामदगी और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज, पुलिस ने शुरू की तलाश
ड्रोन का पता नहीं चलने के बाद हरिद्वार की शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ड्रोन को खोजने के लिए संभावित स्थानों पर ध्यान दिया जा रहा है। आखिरी लोकेशन के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उड़ान के बाद ड्रोन किस दिशा में गया और कहां लापता हुआ।
करीब 40 लाख रुपये कीमत वाले इस उपकरण की बरामदगी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका इस्तेमाल अर्द्धकुंभ की तैयारियों में किया जाना था। फिलहाल पुलिस के सामने ड्रोन का पता लगाने और उसके लापता होने की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की चुनौती है। अभी यह तय नहीं है कि तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन गिरा या किसी अन्य वजह से लापता हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।












