ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा को जोड़ने वाले हरनंदी पुल पर सड़क मरम्मत का कार्य मंगलवार से शुरू हो रहा है। मैस्टिक वर्क के कारण एक लेन बंद रहेगी, जिससे करीब डेढ़ महीने तक यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
ग्रेटर नोएडा: नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन करने वाले लोगों को अगले कुछ सप्ताह तक ट्रैफिक संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हरनंदी पुल पर सड़क की मरम्मत और मैस्टिक वर्क मंगलवार से शुरू किया जा रहा है। इस दौरान एक लेन बंद रहेगी और काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
हरनंदी पुल की सड़क की होगी मरम्मत
नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाला हरनंदी पुल क्षेत्र के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। पुल के दोनों ओर सड़क की सतह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की गुणवत्ता सुधारने और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्राधिकरण ने मैस्टिक वर्क शुरू करने का निर्णय लिया है।

मंगलवार से शुरू होने वाले इस कार्य के तहत सड़क की ऊपरी परत को मजबूत किया जाएगा। इससे सड़क की आयु बढ़ेगी और भविष्य में गड्ढों या सतह टूटने जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
एक लेन बंद होने से बढ़ सकता है ट्रैफिक दबाव
ट्रैफिक पुलिस के सुझाव पर मरम्मत कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। शुरुआत में नोएडा से चार मूर्ति चौक की ओर जाने वाली सड़क की एक लेन पर काम होगा। इस कारण संबंधित लेन को वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा।
सोमवार को यातायात व्यवस्था का आकलन करने के लिए बैरिकेडिंग कर ट्रायल भी किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहली लेन का काम पूरा होने के बाद दूसरी लेन पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। ऐसे में पीक आवर्स के दौरान वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।
अंडरपास निर्माण के साथ पूरा होगा काम
चार मूर्ति चौक पर अंडरपास निर्माण परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। प्राधिकरण चाहता है कि पुल की सड़क मरम्मत और अंडरपास से जुड़े कार्य लगभग एक ही समय पर पूरे हो जाएं, ताकि बाद में दोबारा ट्रैफिक प्रभावित न हो।
प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इस मार्ग पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगा। इससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
वाहन चालकों से सहयोग की अपील
प्राधिकरण के अनुसार, पूरे मैस्टिक वर्क को पूरा करने में लगभग डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इस दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और लेन बंद होने जैसी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी।
अधिकारियों ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और कार्यस्थल के आसपास लगाए गए संकेतकों का अनुसरण करने की अपील की है। साथ ही लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है, ताकि ट्रैफिक जाम की स्थिति को कम किया जा सके।











