अपनी शानदार अदाकारी से लाखों दिलों पर राज करने वाली हेमा मालिनी हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ शास्त्रीय नृत्यांगना, फिल्म निर्देशक और राजनेता के रूप में भी खास मुकाम हासिल किया है।
Hema Malini Birthday Special: हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी अपनी खूबसूरती, शानदार अभिनय और शास्त्रीय नृत्य के लिए खास पहचान रखती हैं। उन्हें बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ कहा जाता है। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। अभिनय के अलावा उन्होंने नृत्य, फिल्म निर्देशन और राजनीति में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं हेमा मालिनी की जिंदगी और करियर से जुड़े 10 दिलचस्प किस्से, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाते हैं।
1. हिंदी फिल्मों से पहले तमिल सिनेमा में रखा कदम
हेमा मालिनी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लोकप्रियता हासिल करने से पहले तमिल सिनेमा में काम किया था। साल 1963 में रिलीज हुई तमिल फिल्म ‘इधु साथियाम’ में उन्होंने शुरुआती भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों की ओर रुख किया और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। शुरुआती संघर्ष के बाद वह उस दौर की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।
2. अपने दौर की सबसे महंगी अभिनेत्रियों में रहीं शामिल
1970 के दशक और 1980 के शुरुआती वर्षों में हेमा मालिनी हिंदी सिनेमा की सबसे अधिक फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। ‘सीता और गीता’, ‘शोले’ और ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहना मिली। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दर्शकों के बीच उनका आकर्षण कई दशकों तक बना रहा।
3. कपूर परिवार की कई पीढ़ियों के साथ किया काम
हेमा मालिनी ने कपूर परिवार के अलग-अलग दौर के कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की। उन्होंने राज कपूर, शम्मी कपूर, शशि कपूर, रणधीर कपूर और ऋषि कपूर जैसे अभिनेताओं के साथ काम किया। यह उनके लंबे और विविधतापूर्ण फिल्मी सफर की खास उपलब्धियों में से एक है।
4. भरतनाट्यम में भी हासिल की महारत
हेमा मालिनी एक प्रशिक्षित भरतनाट्यम नृत्यांगना हैं। उन्होंने कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम जैसी भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों का भी प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने देश-विदेश में कई मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। भारतीय पारंपरिक नृत्य को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने ‘नाट्य विहार कलाकेंद्र’ की स्थापना भी की। साल 2024 में अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर उन्होंने रामायण आधारित नृत्य-नाटिका में माता सीता की भूमिका निभाई थी।
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5. पशु कल्याण के लिए मिला सम्मान
अभिनय और राजनीति के अलावा हेमा मालिनी पशु कल्याण के प्रति अपने जुड़ाव के लिए भी जानी जाती हैं। वह शाकाहारी हैं और जानवरों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखती रही हैं। साल 2011 में पेटा इंडिया ने पशुओं के प्रति उनके प्रेम और संरक्षण संबंधी प्रयासों के लिए उन्हें ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ सम्मान दिया था।
6. फिल्मों के बाद राजनीति में भी बनाई पहचान
हेमा मालिनी ने मनोरंजन जगत में सफलता के बाद राजनीति में कदम रखा। वह वर्ष 2003 से 2009 तक राज्यसभा की सदस्य रहीं। बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़कर उन्होंने सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका निभाई। इस तरह उन्होंने फिल्मी दुनिया से बाहर भी अपनी अलग पहचान बनाई।
7. धर्मेंद्र के साथ बनी यादगार जोड़ी
हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में शामिल रही है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया। फिल्म ‘शोले’ में बसंती और वीरू के किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री लोकप्रिय रही और बाद में दोनों ने शादी कर ली।
8. फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ से जुड़ा नाम
हेमा मालिनी को ‘ड्रीम गर्ल’ की पहचान साल 1977 में आई फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ से खास तौर पर मिली। उनकी खूबसूरती, अभिनय और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस ने इस नाम को दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। समय के साथ यह उपाधि उनकी फिल्मी पहचान का स्थायी हिस्सा बन गई।
9. निर्देशन और टेलीविजन में भी आजमाया हुनर
हेमा मालिनी ने अभिनय के साथ निर्देशन और टेलीविजन की दुनिया में भी काम किया। वह दूरदर्शन के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘रंगोली’ की प्रस्तोता रह चुकी हैं। इसके अलावा वह ‘तेरह पन्ने’, ‘रानी लक्ष्मीबाई’, ‘भारती’ और ‘नूपुर’ जैसे टेलीविजन कार्यक्रमों के निर्माण या निर्देशन से भी जुड़ी रहीं।
10. शाहरुख खान की पहली फिल्मों में शामिल रही ‘दिल आशना है’
हेमा मालिनी ने साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘दिल आशना है’ का निर्देशन किया था। इसमें शाहरुख खान और दिव्या भारती मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। खास बात यह है कि शाहरुख ने यह फिल्म ‘दीवाना’ से पहले साइन की थी, लेकिन ‘दीवाना’ पहले रिलीज हुई और इसी फिल्म से उन्हें हिंदी सिनेमा में बड़ी पहचान मिली। इसलिए ‘दिल आशना है’ उनके शुरुआती फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
इसके बाद हेमा मालिनी ने 2011 में ‘टेल मी ओ खुदा’ का निर्देशन और निर्माण किया। इस फिल्म में धर्मेंद्र, विनोद खन्ना, ऋषि कपूर, ईशा देओल और अर्जन बाजवा जैसे कलाकार दिखाई दिए, जबकि सलमान खान ने मेहमान भूमिका निभाई।








