दक्षिणी लेबनान के बिंत ज्बील में इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हो गया है। IDF ने शहर को घेरने और बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का दावा किया है, जबकि हिजबुल्लाह ने लड़ाई जारी रहने की बात कही है। क्षेत्र में भारी नुकसान और विस्थापन की स्थिति बनी हुई है।
Bint Jbeil conflict: दक्षिणी लेबनान के बिंत ज्बील में इजरायली सेना (IDF) और हिजबुल्लाह के बीच भीषण संघर्ष जारी है। इजरायली सेना का दावा है कि उसने शहर को चारों ओर से घेरकर अंदर सैन्य अभियान तेज कर दिया है, जिसका उद्देश्य हिजबुल्लाह नेटवर्क को खत्म करना है। यह स्थिति मौजूदा दिनों में बढ़े तनाव के बीच सामने आई है। इजरायल और हिजबुल्लाह दोनों ने एक-दूसरे पर भारी नुकसान पहुंचाने के दावे किए हैं, जबकि स्थानीय रिपोर्टों में नागरिकों के विस्थापन और बुनियादी ढांचे को नुकसान की बात सामने आई है।
बिंत ज्बील में घेराबंदी और सैन्य कार्रवाई तेज
इजरायली सेना का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में स्थित Bint Jbeil को पूरी तरह घेर लिया गया है और अब शहर के भीतर आक्रामक अभियान जारी है। सेना के मुताबिक लक्ष्य इलाके में मौजूद हिजबुल्लाह के नेटवर्क को खत्म करना है।
स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शहर के कुछ हिस्सों में भारी नुकसान की स्थिति देखी जा रही है। कई इलाकों में इमारतों के ढहने और बुनियादी ढांचे के प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है।

हिजबुल्लाह के गढ़ में भीषण लड़ाई का दावा
इजरायली सेना का कहना है कि इस अभियान में हिजबुल्लाह के 100 से अधिक लड़ाके मारे गए हैं और कई हथियार और सैन्य सामग्री बरामद की गई है। सेना का दावा है कि नजदीकी लड़ाई और हवाई हमलों के जरिए कई ठिकानों को पूरी तरह नष्ट किया गया है।
दूसरी ओर Hezbollah ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि क्षेत्र में अभी भी तीव्र लड़ाई जारी है। संगठन का दावा है कि उसके लड़ाके इजरायली सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं और मोर्चा अभी भी सक्रिय है।
IDF का आगे बढ़ने का दावा और क्षेत्रीय असर
Israel Defense Forces ने बयान में कहा है कि उसकी इकाइयाँ लगातार आगे बढ़ रही हैं और आने वाले दिनों में पूरे शहर पर नियंत्रण की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सेना के अनुसार यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों और सीमा पार हमलों को रोकने के लिए की जा रही है।
इस बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और स्थानीय आबादी पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। कई रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो चुके हैं और मानवीय स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।










