राहुल गांधी की हिरासत पर हिमाचल कांग्रेस का प्रदर्शन, शिमला में लोकभवन घेराव; CM सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार भी होंगे शामिल

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में हिमाचल कांग्रेस आज शिमला में लोकभवन का घेराव करेगी। CM सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार भी होंगे।
राहुल गांधी की हिरासत पर हिमाचल कांग्रेस का प्रदर्शन, शिमला में लोकभवन घेराव; CM सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार भी होंगे शामिल
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शिमला। नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी दलों के अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस बुधवार को शिमला में प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से लोकभवन का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमराल के अनुसार प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू होगा।

हिमाचल कांग्रेस का यह प्रदर्शन दिल्ली में हुए उस घटनाक्रम के बाद आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों को रास्ते में रोक दिया था। इसके बाद कई विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए थे और बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर वहां से हटाया। बाद में उन्हें अन्य नेताओं के साथ रिहा कर दिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च निकाला था। विपक्षी सांसदों का कहना था कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर मतदाता सूची और SIR से जुड़े अपने सवाल रखना चाहते हैं। पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। इसके बाद कई सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी विरोध स्थल पर मौजूद रहे।

राहुल गांधी करीब आठ घंटे तक आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे रहे। रिपोर्टों के अनुसार, वह चुनाव आयोग जाकर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने और SIR तथा कथित 'वोट चोरी' से जुड़े अपने आरोपों को उनके सामने रखने की मांग कर रहे थे। पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराने के प्रयास के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया। उन्हें किंग्सवे कैंप स्थित पुलिस सुविधा केंद्र ले जाया गया और बाद में रात में रिहा कर दिया गया।

दिल्ली के घटनाक्रम के बाद हिमाचल कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया है। प्रदेश संगठन का कहना है कि शिमला में आयोजित प्रदर्शन के माध्यम से वह विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा। लोकभवन के बाहर होने वाले इस कार्यक्रम में पार्टी के शीर्ष प्रदेश नेता और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली की घटना को लेकर नारेबाजी और विरोध दर्ज करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान और असहमति की आवाज से जोड़ते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। सुक्खू ने अपने बयान में इसे 'लोकतंत्र की हत्या' बताया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि जनता की आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकने से सवाल खत्म नहीं होंगे और जवाबदेही को लेकर उठाए जा रहे मुद्दे अपनी जगह बने रहेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार भी शिमला में होने वाले प्रदर्शन में मौजूद रहेंगे। उनके साथ पार्टी के मंत्री, विधायक और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमराल ने प्रदर्शन की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की है। पार्टी की ओर से इसे दिल्ली में हुए घटनाक्रम के खिलाफ प्रदेश स्तर पर विरोध के रूप में देखा जा रहा है।

हिमाचल कांग्रेस पहले भी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है। सितंबर में भी शिमला में कांग्रेस ने चुनाव विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और पार्टी के अन्य नेता शामिल हुए थे। कांग्रेस ने उस समय SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे।

अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के बाद शिमला में होने वाला प्रदर्शन इसी राजनीतिक विवाद की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस के आरोपों और केंद्र या चुनाव व्यवस्था से जुड़े विवादित दावों को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित संस्थाओं और उपलब्ध आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। हिमाचल कांग्रेस का कहना है कि वह इन मुद्दों को राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से जनता के सामने रखेगी।

दिल्ली में मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी सांसदों के मौजूद रहने की बात सामने आई। पुलिस ने संसद से चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड के पास रोका। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर स्थिति लंबे समय तक बनी रही। कुछ नेताओं को हिरासत में लेकर बसों से अलग स्थान पर ले जाया गया, जबकि राहुल और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे रहे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद रात में दोनों नेताओं समेत अन्य लोगों को हिरासत से रिहा किया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और अन्य विपक्षी दलों के सांसद भी शामिल हुए थे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियां थीं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं, जबकि इन आरोपों पर संबंधित चुनावी प्रक्रिया और संस्थागत स्तर पर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।

शिमला में आज होने वाले कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस की भी निगाह प्रदर्शन पर रहेगी। लोकभवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम किए जाने की संभावना है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी की घोषणा के बाद प्रदर्शन को प्रदेश संगठन के स्तर पर महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जा रहा है।

हिमाचल में इस तरह के प्रदर्शन पहले भी हो चुके हैं। जुलाई 2026 में भी मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया था। उस समय दिल्ली में छात्रों और युवाओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई तथा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत का मुद्दा उठाया गया था। प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रियों और विधायकों सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया था।

फिलहाल शिमला में होने वाले प्रदर्शन का केंद्र राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की दिल्ली में हुई हिरासत तथा SIR और चुनाव आयोग से जुड़े विपक्ष के विरोध का मुद्दा रहेगा। मुख्यमंत्री सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार की मौजूदगी के कारण पार्टी संगठन के स्तर पर भी इसे अहम कार्यक्रम माना जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की ओर से अपने राजनीतिक और संवैधानिक तर्क रखे जाएंगे, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान रहेगा।

दिल्ली की घटना के बाद अब हिमाचल में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। शिमला में पार्टी कार्यकर्ता किस तरह अपना विरोध दर्ज कराते हैं और मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ नेता मंच से क्या संदेश देते हैं, इस पर भी नजर रहेगी। फिलहाल पार्टी ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित करने की बात कही है और कार्यक्रम में प्रदेशभर के कांग्रेस नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की भागीदारी की तैयारी की गई है।

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