हिमाचल में दिवाली पर 3.50 लाख परिवारों को मिल सकती है राहत, कर्मचारियों-पेंशनरों के DA में 3 से 5% बढ़ोतरी का प्रस्ताव

हिमाचल में दिवाली पर कर्मचारियों और पेंशनरों का DA 3 से 5% बढ़ाने का प्रस्ताव है। मंजूरी मिलने पर करीब 3.50 लाख परिवारों को राहत मिल सकती है।

हिमाचल प्रदेश सरकार दिवाली पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते की अगली किस्त देने की तैयारी कर रही है। वित्त विभाग ने 3% या 5% DA बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को भेजा है। फैसले से करीब 3.50 लाख परिवारों को लाभ मिल सकता है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की सौगात मिल सकती है। वित्त विभाग ने 3% या 5% DA बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को मंजूरी के लिए भेजा है। प्रस्ताव पर अंतिम फैसला वित्तीय संसाधनों की समीक्षा के बाद होगा। यदि सरकार इसे मंजूरी देती है, तो प्रदेश के करीब 3.50 लाख कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

दिवाली पर DA बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री लेंगे फैसला

हिमाचल प्रदेश सरकार त्योहार के अवसर पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते की अगली किस्त देने पर विचार कर रही है। प्रधान सचिव देवेश कुमार की वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के पास भेजा गया है।

हिमाचल में दिवाली पर 3.50 लाख परिवारों को मिल सकती है राहत, कर्मचारियों-पेंशनरों के DA में 3 से 5% बढ़ोतरी का प्रस्ताव

प्रस्ताव में महंगाई भत्ते की दर 3% या 5% बढ़ाने के विकल्प रखे गए हैं। अब मुख्यमंत्री स्तर पर उपलब्ध वित्तीय संसाधनों और बजट की स्थिति की समीक्षा के बाद फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने हाल में स्पीति घाटी के दौरे और अन्य सार्वजनिक मंचों से भी त्योहारों के दौरान कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को राहत देने पर विचार करने के संकेत दिए थे। हालांकि, अभी तक DA बढ़ोतरी की दर और इसे लागू करने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

3 से 5 प्रतिशत DA बढ़ाने पर कितना पड़ेगा वित्तीय बोझ?

वित्त विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव के अनुसार, यदि राज्य सरकार महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है, तो सरकारी खजाने पर सालाना लगभग 210 से 220 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ सकता है। वहीं, DA में 5 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने पर यह वित्तीय बोझ बढ़कर करीब 350 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष हो सकता है।

सरकार के सामने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देने के साथ राज्य के वित्तीय संसाधनों का संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी है। ऐसे में प्रस्ताव में शामिल दोनों विकल्पों के वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों और पेंशनरों को कितने प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा और इसे किस समय से लागू किया जाएगा।

करीब 3.50 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को मिल सकता है लाभ

DA बढ़ोतरी के प्रस्ताव से हिमाचल प्रदेश के लगभग 1.90 लाख नियमित सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा करीब 1.70 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले लोग भी इसके दायरे में आ सकते हैं। इस तरह प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश के करीब 3.50 लाख परिवारों को आर्थिक राहत मिल सकती है।

महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन और महंगाई के प्रभाव के बीच संतुलन बनाने के लिए दिया जाता है, जबकि पेंशनभोगियों को इसी तरह महंगाई राहत का लाभ मिलता है। त्योहार के दौरान इसमें बढ़ोतरी होने से लाभार्थियों की आय में इजाफा हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ बढ़ोतरी की दर और लागू होने की तारीख पर निर्भर करेगा।

केंद्र और हिमाचल के DA में 15 प्रतिशत का अंतर

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को फिलहाल 45 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यह दर 60 प्रतिशत बताई गई है। इस तरह दोनों के बीच 15 प्रतिशत का अंतर है। कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबित महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य कर्मचारियों की 1 जुलाई 2023 से संबंधित छह किस्तें लंबित हैं। कर्मचारी संगठन केंद्र सरकार की तर्ज पर बकाया DA जारी करने की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री के फैसले पर है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा कि दिवाली पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कितनी राहत मिलेगी।

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