हिमाचल प्रदेश में उद्योग विभाग से अलग बना खनन निदेशालय, IAS अधिकारी को मिलेगी कमान

हिमाचल प्रदेश में उद्योग विभाग से अलग खनन निदेशालय स्थापित हुआ। IAS कैडर के अधिकारी निदेशक बनेंगे। जानें नए निदेशालय के लिए कौन से पद स्थानांतरित हुए।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने खनन गतिविधियों के बेहतर प्रबंधन और निगरानी के लिए उद्योग विभाग से अलग खनन निदेशालय स्थापित किया है। निदेशालय में IAS कैडर के अधिकारी को निदेशक बनाया जाएगा। नए कार्यालय के संचालन के लिए विभिन्न पद भी स्थानांतरित किए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश: राज्य सरकार ने खनन गतिविधियों के प्रभावी प्रबंधन, निगरानी और नियंत्रण के लिए उद्योग विभाग से अलग खनन निदेशालय स्थापित किया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। नए निदेशालय का नेतृत्व ग्रुप-ए स्तर के निदेशक (खनन) करेंगे, जिनका पद IAS कैडर से भरा जाएगा। इसके सुचारू संचालन के लिए उद्योग विभाग के मौजूदा स्वीकृत अमले से कई पद भी स्थानांतरित किए गए हैं।

खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए अलग निदेशालय

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में खनन गतिविधियों के संचालन और निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक बदलाव किया है। इसके तहत उद्योग विभाग से अलग खनन निदेशालय की स्थापना की गई है। मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

हिमाचल प्रदेश में उद्योग विभाग से अलग बना खनन निदेशालय, IAS अधिकारी को मिलेगी कमान

नवगठित निदेशालय का उद्देश्य खनन से संबंधित कार्यों के प्रबंधन, निगरानी और नियंत्रण को अधिक व्यवस्थित बनाना है। इससे खनन गतिविधियों से जुड़े प्रशासनिक कामकाज के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध होगी।

प्रदेश सरकार ने इससे पहले मंत्रिमंडल की बैठक में उद्योग विभाग से अलग खनन निदेशालय गठित करने का निर्णय लिया था। अब राज्यपाल की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।

IAS अधिकारी संभालेंगे निदेशालय की कमान

नए खनन निदेशालय के संचालन के लिए ग्रुप-ए स्तर के निदेशक (खनन) का पद सृजित किया गया है। अधिसूचना के अनुसार, इस पद को IAS कैडर से भरा जाएगा। निदेशक ही निदेशालय के विभागाध्यक्ष होंगे और खनन संबंधी प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

सरकार ने निदेशालय के सुचारू संचालन के लिए उद्योग विभाग के मौजूदा स्वीकृत अमले से कई महत्वपूर्ण पद भी स्थानांतरित किए हैं। इनमें संयुक्त निदेशक का एक पद, सहायक नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) का एक पद, अधीक्षक ग्रेड-1 का एक पद और वरिष्ठ सहायक का एक पद शामिल है।

इसके अलावा जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के तीन पद और चपरासी का एक पद भी नए निदेशालय को स्थानांतरित किया गया है। कार्यालय के रोजमर्रा के कामकाज में सहयोग के लिए आउटसोर्स आधार पर चार मल्टी टास्क वर्कर तैनात करने की मंजूरी भी दी गई है।

वैधानिक नियमों में भी होंगे आवश्यक संशोधन

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए निदेशालय की जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन के लिए संबंधित वैधानिक नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों के माध्यम से निदेशक को कामकाज के लिए जरूरी शक्तियां प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अलग निदेशालय बनने से खनन से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए विशिष्ट संस्थागत व्यवस्था तैयार होगी। हालांकि, इसके कामकाज की वास्तविक प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई व्यवस्था के तहत जिम्मेदारियां, अधिकार और निगरानी की प्रक्रिया किस तरह लागू की जाती है।

सरकार के इस फैसले को राज्य में खनन गतिविधियों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। नए निदेशालय के संचालन और नियमों में प्रस्तावित संशोधनों के बाद इसकी कार्यप्रणाली और अधिकारों का दायरा अधिक स्पष्ट होगा।

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