हजारीबाग हत्याकांड का खुलासा: रेप प्रयास के विरोध पर बच्ची की हत्या, भाई की भी बेरहमी से हत्या; आरोपी गिरफ्तार

झारखंड के हजारीबाग में भाई-बहन की हत्या मामले का खुलासा, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। दुष्कर्म के प्रयास और विरोध पर हत्या की बात सामने आई, जांच जारी।

हजारीबाग में दो मासूम भाई-बहन की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने दुष्कर्म के प्रयास के बाद विरोध करने पर बच्ची और उसके भाई की हत्या कर दी।

हजारीबाग़: झारखंड के हजारीबाग जिले में दो मासूम भाई-बहन की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कटकमदाग थाना क्षेत्र में हुई इस जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी संजीत कुमार पासवान को गिरफ्तार कर लिया है, जो एक निजी शोरूम में कार्यरत था।

जांच में सामने आया है कि यह मामला केवल अपहरण और हत्या का नहीं, बल्कि यौन अपराध के प्रयास और साक्ष्य मिटाने की क्रूर कोशिश से जुड़ा हुआ है।

कैसे हुई वारदात: बहला-फुसलाकर बच्चों को ले गया आरोपी

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी संजीत पासवान ने 11 वर्षीय बच्ची और उसके 3 वर्षीय छोटे भाई को बहला-फुसलाकर अपनी स्कूटी पर बैठाया और कटकमदाग क्षेत्र के सिन्दुर श्मशान घाट की ओर ले गया।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने पाया कि आरोपी दोनों बच्चों को अकेले ले जाते हुए देखा गया था। यह घटना 27 मई की बताई जा रही है, जबकि शिकायत 30 मई को दर्ज की गई थी।

बच्ची के साथ दुष्कर्म प्रयास, विरोध पर हत्या

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। बच्ची द्वारा विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी ने उसे बेरहमी से मार डाला।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले बच्ची का गला घोंटा और फिर उसे पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी।

मासूम भाई की भी हत्या कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश

इस जघन्य अपराध को छिपाने के लिए आरोपी ने बच्ची के 3 वर्षीय छोटे भाई की भी हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्चे का गला घोंटकर उसकी जान ली और शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया।

अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह से साक्ष्य छुपाने और अपराध को छिपाने के उद्देश्य से उठाया गया था।

शवों की बरामदगी और जांच की प्रगति

31 मई को पुलिस को पहला सुराग मिला, जब 11 वर्षीय बच्ची का शव सिन्दुर श्मशान घाट के पास बरामद किया गया। इसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक कुएं से 3 वर्षीय बच्चे का शव भी बरामद किया गया। दोनों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया गया।

SIT का गठन और तेज जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार के नेतृत्व में जांच तेज की गई।

सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे शहर से भागने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।

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आरोपी ने किया अपराध स्वीकार

पुलिस पूछताछ में आरोपी संजीत कुमार पासवान ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से पीड़िता को जानता था, क्योंकि वह अक्सर शोरूम के आसपास दिखाई देती थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि 27 मई को उसने बच्चों को अकेला पाकर उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और बाद में वारदात को अंजाम दिया।

स्थानीय स्तर पर आक्रोश और शोक

इस घटना के सामने आने के बाद हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।

मानवाधिकार और बाल संरक्षण से जुड़े संगठनों ने भी इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए त्वरित न्याय की मांग की है।

बाल सुरक्षा और बढ़ते अपराधों पर सवाल

यह मामला एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।

सीसीटीवी निगरानी, सामुदायिक सतर्कता और स्कूल-स्तर पर जागरूकता अभियानों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें। साथ ही मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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