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Hockey Asia Cup 2025: भारत जीत से करना चाहेगा अभियान की शुरुआत, आज चीन से होगा पहला मुकाबला

Hockey Asia Cup 2025: भारत जीत से करना चाहेगा अभियान की शुरुआत, आज चीन से होगा पहला मुकाबला

एशिया कप चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम एक बार फिर अपने खराब फॉर्म को भुलाकर नए इरादों के साथ मैदान पर उतरने जा रही है। राजगीर में खेले जा रहे हॉकी एशिया कप 2025 में भारत का पहला मुकाबला आज दोपहर 3 बजे चीन से होगा।

स्पोर्ट्स न्यूज़: तीन बार की चैंपियन भारतीय टीम हालिया खराब फॉर्म को पीछे छोड़ते हुए एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट जीतकर अगले साल होने वाले विश्व कप में जगह बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। टूर्नामेंट में अपने पहले मैच में भारत का सामना चीन से होगा, जो दोपहर तीन बजे से शुरू होगा। भारत और चीन को पूल-ए में जापान और कजाखस्तान के साथ रखा गया है, जबकि पूल-बी में पांच बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया, मलेशिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपै शामिल हैं।

भारत के लिए बड़ा मौका

भारत को पूल-ए में रखा गया है, जहां उसका मुकाबला चीन, जापान और कजाखस्तान से होगा। वहीं पूल-बी में पांच बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया, मलेशिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपै हैं। प्रत्येक पूल से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। फाइनल मुकाबला 7 सितंबर को खेला जाएगा। इस बार कजाखस्तान तीन दशक बाद एशिया कप में हिस्सा ले रही है, जिसने ओमान की जगह ली है। वहीं बांग्लादेश की जगह पाकिस्तान खेलता, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसने नाम वापस ले लिया।

भारतीय टीम के पास विश्व कप के लिए यह आखिरी क्वालिफिकेशन अवसर है। इससे पहले टीम यूरोपीय चरण में खराब प्रदर्शन के कारण FIH प्रो लीग में सातवें स्थान पर रही और सीधा क्वालिफाई करने का मौका गंवा बैठी। आठ मैचों में से केवल एक जीतने और लगातार सात मैच हारने के बाद टीम आलोचकों के निशाने पर है।

कोच क्रेग फुल्टोन ने स्वीकार किया कि यह टूर्नामेंट उनके लिए साल का सबसे अहम इवेंट है। उन्होंने भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम को उतारते हुए कहा कि अब खिलाड़ियों को अपनी रणनीति और खेल दोनों में सुधार करना होगा।

भारत के लिए रक्षण और गोलकीपिंग सबसे बड़ी चिंता

भारत की सबसे बड़ी कमजोरी डिफेंस और गोलकीपिंग रही है। प्रो लीग में भारत ने आठ मैचों में 26 गोल खाए और बार-बार डिफेंडरों की गलतियों के कारण हार का सामना किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर रक्षण और पेनल्टी कॉर्नर दोनों की जिम्मेदारी है। हरमनप्रीत की गैर मौजूदगी में अमित रोहिदास, जुगराज सिंह और संजय उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। वहीं गोलकीपिंग में पी.आर. श्रीजेश के संन्यास के बाद कृशन बहादुर पाठक और सूरज करकेरा दबाव में असफल रहे हैं।

हालांकि, भारतीय टीम की ताकत उसका आक्रामक खेल रहा है। 2023 एशियाई खेलों और 2024 एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत ने 14 मैचों में 94 गोल दागे थे। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि टीम को आत्ममुग्धता से बचना होगा और संतुलित खेल दिखाना होगा। पेनल्टी कॉर्नर भारत का हथियार है, लेकिन इस पर अत्यधिक निर्भरता भी खतरनाक साबित हो सकती है। कोच फुल्टोन चाहते हैं कि टीम ओपन प्ले से अधिक गोल करे और विपक्षी डिफेंस को तोड़ने के नए तरीके आजमाए।

चीन को हल्के में नहीं ले सकता भारत

हालांकि चीन की विश्व रैंकिंग 23 है, लेकिन उसे हल्के में लेना भारतीय टीम के लिए बड़ी भूल होगी। चीन की टीम जवाबी हमलों के लिए मशहूर है। 2009 में मलेशिया में हुए एशिया कप में उसने तीसरा स्थान हासिल किया था। चीन ने अब तक केवल एक बार 2008 बीजिंग ओलंपिक में हिस्सा लिया था, जहां वह 11वें स्थान पर रहा। वहीं 2018 हॉकी विश्व कप में उसने 10वां स्थान हासिल किया था। 

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