US और Iran के बीच Strait of Hormuz को लेकर तनाव बढ़ गया है। ट्रंप की चेतावनी और ईरान की प्रतिक्रिया से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।
America: मिडिल ईस्ट में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और United States तथा Iran के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। इस पूरे विवाद का केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बन गया है, जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। हाल ही में दिए गए बयानों और चेतावनियों ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराने लगी है।
ट्रंप की चेतावनी: 48 घंटे का अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति (Donald Trump) ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरानी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमला कर सकता है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। अमेरिका का मानना है कि इस जलसंधि को बंद करना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकता है, इसलिए इसे हर हाल में खुला रखना जरूरी है।
स्कॉट बेसेंट का बयान: किलेबंदी (fortifications) पर कार्रवाई
ट्रंप के बयान के बाद अब अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने NBC News को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान की किलेबंदी (fortifications) को कमजोर करने के लिए अमेरिकी सैन्य बलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान की किलेबंदी (fortifications) पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती।
उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका अब केवल चेतावनी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर कार्रवाई भी कर रहा है। यह स्थिति मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
मीडिया रिपोर्टिंग पर उठे सवाल

स्कॉट बेसेंट ने इंटरव्यू के दौरान मीडिया रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई रिपोर्ट्स में हालात को सही तरीके से नहीं दिखाया जा रहा है, जिससे लोगों तक गलत जानकारी पहुंच रही है। उन्होंने Chris Murphy के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं।
क्रिस मर्फी ने कहा था कि प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण खो दिया है, लेकिन बेसेंट ने इसे गलत बताते हुए कहा कि अमेरिका पूरी रणनीति के साथ काम कर रहा है और उसने ईरान की कई क्षमताओं को पहले ही कमजोर कर दिया है।
ईरान की चेतावनी: कड़ा जवाब देने की तैयारी
अमेरिका की चेतावनी के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। Islamic Revolutionary Guard Corps ने साफ कहा है कि अगर ईरानी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमला किया गया, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
Reuters के अनुसार, ईरान ने यह भी कहा है कि अगर अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता है, तो उन्हें पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इसके अलावा, जिन देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं, वहां के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईरान ने स्पष्ट किया कि उसने युद्ध शुरू नहीं किया है, लेकिन अगर उस पर हमला हुआ, तो वह अपने देश और लोगों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। यह मार्ग कई देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। अगर यह जलसंधि बंद होती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ेगा। इससे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और कई देशों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।









