तेलंगाना की EAGLE फोर्स ने हैदराबाद के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरी कंटेनर से 237 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। ओडिशा से पुणे ले जाए जा रहे इस माल की कीमत करीब 1.18 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हैदराबाद: तेलंगाना में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत EAGLE फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने हैदराबाद के पास एक लॉरी कंटेनर से करीब 237 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.18 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह गांजा ओडिशा से हैदराबाद होते हुए पुणे और मुंबई ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो कथित ट्रांसपोर्टर्स को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और गांजे की सप्लाई महाराष्ट्र के बड़े शहरों तक करने की योजना थी।
NH-65 पर EAGLE फोर्स ने चलाया ऑपरेशन
तेलंगाना EAGLE फोर्स, स्टेट टास्क फोर्स और रचाकोंडा नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने विजयवाड़ा-मुंबई हाईवे (NH-65) पर YNR फंक्शन हॉल के पास एक संदिग्ध लॉरी कंटेनर को रोका। तलाशी के दौरान कंटेनर के केबिन से 10 बोरियों में भरा हुआ गांजा बरामद हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी इस खेप को ओडिशा से लेकर आ रहे थे और इसे पुणे तथा मुंबई में सप्लाई करने की तैयारी थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिहार निवासी राजेश कुमार और पुणे निवासी अनिल रंगनाथ बिचारे शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राजेश कुमार पहले मुंबई में रहकर ट्रांसपोर्ट लॉरी चलाता था। वहीं अनिल रंगनाथ बिचारे मजदूरी का काम करता था और कथित तौर पर गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। दोनों आरोपियों ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और अपनी यात्रा को लेकर गलत जानकारी दी। हालांकि, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच के बाद पुलिस को उनके ओडिशा कनेक्शन का पता चला।
आर्थिक मदद के बदले तस्करी का काम करने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेश कुमार की मुलाकात कुछ समय पहले सुरेश केदारी और धर्म शिंदे नाम के लोगों से हुई थी। आरोप है कि दोनों लोग ओडिशा से गांजा लाकर पुणे और मुंबई में बेचने का काम करते थे।
राजेश कुमार ने सेकंड हैंड लॉरी कंटेनर खरीदने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि सुरेश केदारी और धर्म शिंदे ने उसे आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया और बदले में गांजा ट्रांसपोर्ट करने का काम सौंपा। पुलिस के अनुसार, राजेश कुमार को लॉरी खरीदने के लिए पैसे दिए गए और बाद में गांजे की खेप पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई।
ओडिशा से गांजा लाने की पूरी कहानी
जांच के मुताबिक, राजेश कुमार ने कुछ महीने पहले एक पुरानी लॉरी खरीदी थी। इसके बाद कथित नेटवर्क के लोगों ने उसे यात्रा खर्च और कमीशन के रूप में पैसे दिए। पुलिस के अनुसार, राजेश कुमार और अनिल बिचारे को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा पहुंचने के लिए कहा गया था। वहां से दोनों ओडिशा के रायगढ़ जिले के गुनपुर गांव पहुंचे। दोनों आरोपियों ने वहां गांजे की खेप मिलने का इंतजार किया। शुरुआत में जब माल नहीं मिला तो उन्हें कुछ दिन और रुकने के लिए कहा गया। इसके बाद कथित रूप से एक वाहन से 10 बोरियों में गांजा पहुंचाया गया, जिसे लॉरी कंटेनर के केबिन में छिपाकर पुणे ले जाया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूली सच्चाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की। शुरुआत में उन्होंने दावा किया कि वे केवल विशाखापत्तनम गए थे, लेकिन उनके मोबाइल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल से अलग जानकारी सामने आई। CDR जांच में पुलिस को पता चला कि दोनों ओडिशा के रायगढ़ जिले के गुनपुर क्षेत्र में गए थे। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि गांजा लॉरी कंटेनर के केबिन में छिपाया गया था।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने रचाकोंडा नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। पुलिस का उद्देश्य इस तस्करी गिरोह के मुख्य संचालकों तक पहुंचना और पूरे नेटवर्क को खत्म करना है। अधिकारियों के अनुसार, गांजा तस्करी के इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं।
EAGLE फोर्स की लगातार कार्रवाई
तेलंगाना EAGLE फोर्स पिछले कुछ समय से राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान चला रही है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों में EAGLE फोर्स ने लगभग 1,500 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसे देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजने की कोशिश की जा रही थी। तेलंगाना पुलिस का कहना है कि राज्य में ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









