IIT Delhi में छात्रों का प्रदर्शन जारी, निदेशक ने 2-3 हफ्ते में नया Mental Health Support System लाने की बात कही

: IIT Delhi में PhD छात्र की आत्महत्या के बाद प्रदर्शन जारी है। निदेशक ने 2-3 हफ्ते में नया Mental Health Support System और शिकायत निवारण तंत्र लाने की बात कही।

IIT Delhi में छात्र प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं। 22 अगस्त की छात्र आत्महत्या के बाद प्रदर्शनकारी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं निदेशक ने जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई और जल्द नया मानसिक स्वास्थ्य सिस्टम लागू करने की बात कही।

नई दिल्ली: IIT Delhi में छात्र प्रदर्शन को लेकर गतिरोध जारी है। अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद छात्र विरोध जारी रखने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह प्रदर्शन 22 अगस्त को एक PhD छात्र की आत्महत्या के बाद शुरू हुआ था। इस बीच निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने 2-3 हफ्ते में मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था मजबूत करने और अकादमिक शिकायतों के लिए नया तंत्र विकसित करने की बात कही है।

IIT Delhi में चेतावनी के बावजूद छात्रों का प्रदर्शन जारी

IIT Delhi में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। संस्थान प्रशासन की ओर से प्रदर्शन में शामिल छात्रों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

22 अगस्त को एक PhD छात्र की आत्महत्या के बाद कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारी इस मामले में कुछ अधिकारियों के कथित असंवेदनशील रवैये पर सवाल उठा रहे हैं। छात्रों की मांग है कि मामले से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

IIT Delhi में छात्रों का प्रदर्शन जारी, निदेशक ने 2-3 हफ्ते में नया Mental Health Support System लाने की बात कही

हालांकि, IIT Delhi प्रशासन जांच कमेटी की रिपोर्ट आने से पहले किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। प्रशासन का कहना है कि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने संस्थान की मौजूदा मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। उनका आरोप है कि Associate Dean of Student Welfare के स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ शिकायतों को संवेदनशील तरीके से नहीं संभाला गया।

छात्रों ने 24 अगस्त को डोगरा हॉल में हुई एक बैठक का भी जिक्र किया है। उनके अनुसार, इस दौरान छात्र की मौत से जुड़े मामले को लेकर कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की गई, जिसे उन्होंने असंवेदनशील माना।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पुराने मामलों का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में छात्रों को हॉस्टल से बाहर रहने के लिए कहा गया और उनकी शिकायतों को अपेक्षित तरीके से नहीं सुना गया।

छात्रों ने 2017 के हॉस्टल ड्रेस-कोड विवाद में संबंधित अधिकारी की भूमिका का भी जिक्र किया है। इन शिकायतों के आधार पर छात्र संस्थान की मौजूदा छात्र सहायता व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं।

2-3 हफ्ते में नया Mental Health Support System

IIT Delhi के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने संस्थान की मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था में बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त सहायता प्रणाली को मजबूत किया जाएगा और अगले 2-3 हफ्ते में इसका नया स्वरूप दिखाई दे सकता है।

निदेशक के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सभी मामलों के लिए एक ही तरह की मदद पर्याप्त नहीं होती। कुछ छात्रों के लिए काउंसलिंग काफी हो सकती है, जबकि कुछ मामलों में काउंसलिंग के साथ मनोचिकित्सक की जरूरत पड़ सकती है। कुछ परिस्थितियों में इससे भी अधिक सहायता की आवश्यकता हो सकती है।

संस्थान अब ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर विचार कर रहा है, जिसमें छात्रों को उनकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्तर की सहायता मिल सके।

छात्रों की गोपनीयता को लेकर भी व्यवस्था पर विचार

मानसिक स्वास्थ्य सहायता की प्रस्तावित व्यवस्था में हर विभाग से एक फैकल्टी और एक छात्र को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, कुछ छात्र इस मॉडल को लेकर सहमत नहीं हैं।

छात्रों की चिंता है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी किसी फैकल्टी, साथी छात्र या उनके परिवार तक पहुंच सकती है। ऐसे में संस्थान इस व्यवस्था के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।

निदेशक ने अकादमिक मामलों से जुड़ी शिकायतों के लिए अलग Grievance Redressal System बनाने की बात भी कही है। PhD छात्रों के मामलों के लिए अलग व्यवस्था की जरूरत पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा स्वतंत्र व्यक्ति या Ombudsperson जैसी व्यवस्था लाने का प्रस्ताव भी सामने आया है।

मुआवजे पर भी प्रशासन ने दिया अपडेट

छात्र की मौत के बाद परिवार को मुआवजा दिए जाने के मुद्दे पर भी संस्थान की ओर से जानकारी दी गई है। निदेशक के अनुसार, प्रोटोकॉल के तहत उपलब्ध फंड, मेडिकल खर्च की प्रतिपूर्ति और अन्य संभावित सहायता परिवार को दी जाएगी।

प्रशासन की ओर से करीब एक सप्ताह में परिवार को रकम उपलब्ध कराने की बात कही गई है। हालांकि, मुआवजे की अंतिम राशि को लेकर अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं रखा गया है।

फिलहाल IIT Delhi में छात्रों और प्रशासन के बीच मुख्य मुद्दा मानसिक स्वास्थ्य सहायता, शिकायत निवारण और कथित असंवेदनशील व्यवहार को लेकर है। छात्र तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि संस्थान जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करने की स्थिति में है। इस बीच मानसिक स्वास्थ्य और शिकायत निवारण व्यवस्था में प्रस्तावित बदलाव को छात्रों की चिंताओं के समाधान की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है।

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