इजराइल का दक्षिणी लेबनान में बड़ा सैन्य दावा: 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा, क्षेत्र में तनाव बढ़ा

इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले और पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया है। अबतक की 26 साल में यह सबसे बड़ी घुसपैठ बताई जा रही है।

इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले और आसपास की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया है। झंडा फहराए जाने की तस्वीरें सामने आई हैं। इसे पिछले 26 साल की सबसे बड़ी सैन्य घुसपैठ माना जा रहा है।

इजराइल/लेबनान वॉर: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जहां इजराइल ने दावा किया है कि उसकी सेना ने दक्षिणी लेबनान स्थित ऐतिहासिक और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ब्यूफोर्ट किले और आसपास की पहाड़ियों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह किला लगभग 900 साल पुराना माना जाता है और इसे क्षेत्र का एक अहम सैन्य अवलोकन बिंदु माना जाता है।

इजराइली अधिकारियों द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में सैनिकों को किले पर झंडा फहराते हुए दिखाया गया है, जिससे यह दावा और भी सुर्खियों में आ गया है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता भी बढ़ गई है।

26 वर्षों में सबसे बड़ी सीमा पार सैन्य कार्रवाई का दावा

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले 26 वर्षों में इजराइल की ओर से लेबनान में की गई सबसे बड़ी घुसपैठ मानी जा रही है। इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि यह सफलता कई दिनों तक चले भारी संघर्ष और हवाई हमलों के बाद मिली है।

उनके अनुसार, इजराइली सेना ने आसपास के गांवों में व्यापक सैन्य अभियान चलाया, जिसके बाद इस क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया गया। इस कार्रवाई को इजराइल की सुरक्षा रणनीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

ब्यूफोर्ट किले का ऐतिहासिक और सामरिक महत्व

ब्यूफोर्ट किला दक्षिणी लेबनान की एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिसकी ऊंचाई लगभग 700 मीटर है। यह स्थान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां से दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से के साथ-साथ उत्तरी इजराइल के कई क्षेत्रों पर भी नजर रखी जा सकती है।

इतिहास के अनुसार, यह किला 1982 से 2000 तक इजराइल के नियंत्रण में रहा था, जब इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक लंबा सैन्य अभियान चलाया था। इस दौरान यह किला इजराइली सेना के प्रमुख सैन्य अड्डों में से एक था।

संघर्ष और सीजफायर के बावजूद जारी तनाव

इजराइल और लेबनान के बीच 17 अप्रैल को सीजफायर समझौता होने की घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद सीमा क्षेत्र में तनाव और सैन्य गतिविधियां जारी हैं। ताजा घटनाक्रम ने इस समझौते की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में पहले से मौजूद अस्थिरता को और बढ़ा सकती है। विशेष रूप से हिजबुल्लाह और इजराइली सेना के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है।

हिजबुल्लाह पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का संकेत

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल की यह कार्रवाई केवल सैन्य नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य हिजबुल्लाह पर दबाव बढ़ाना भी हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल संभावित अमेरिका-ईरान कूटनीतिक समझौते से पहले हिजबुल्लाह को कमजोर करना चाहता है।

इजराइल का दक्षिणी लेबनान में बड़ा सैन्य दावा: 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा, क्षेत्र में तनाव बढ़ा

इस रणनीति को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां हर पक्ष अपनी स्थिति मजबूत करने में लगा हुआ है।

इजराइली सैन्य कार्रवाई और झंडा फहराने की तस्वीरें

इजराइली सेना द्वारा जारी की गई तस्वीरों में गोलान ब्रिगेड के सैनिक ब्यूफोर्ट किले पर इजराइली झंडा फहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। गोलान ब्रिगेड इजराइल की सबसे पुरानी और अनुभवी पैदल सेना इकाइयों में से एक मानी जाती है।

यह दृश्य प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र में इजराइल की सैन्य उपस्थिति को पुनः स्थापित करने का संकेत देता है।

ईरान-अमेरिका तनाव और क्षेत्रीय प्रभाव

इस घटनाक्रम के साथ ही मध्य पूर्व में व्यापक भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ता और सैन्य तनाव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर स्थिति में डाल दिया है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसे एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। यह दावा क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव का संकेत देता है।

अमेरिकी नेतृत्व और कूटनीतिक अनिश्चितता

वॉशिंगटन में अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में शीर्ष अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे की बैठक की, लेकिन ईरान से जुड़े किसी अंतिम समझौते पर निर्णय नहीं लिया जा सका।

इस अनिश्चितता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि मध्य पूर्व में किसी भी बड़े सैन्य टकराव की संभावना वैश्विक स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री की सख्त चेतावनी

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो वह कूटनीतिक समझौते को स्वीकार करे या फिर सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे। यह बयान पहले से तनावपूर्ण माहौल को और गंभीर बनाता है।

ईरान का अमेरिका पर आरोप और कूटनीतिक विवाद

ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहसिन रजाई ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीतियां बातचीत की प्रक्रिया को बाधित कर रही हैं और समुद्री नाकाबंदी जैसे कदमों से विश्वास टूट रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में संदिग्ध बारूदी सुरंग मिलने का दावा

ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक संदिग्ध तैरती हुई समुद्री बारूदी सुरंग देखे जाने की सूचना दी है। इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की गतिविधि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

अधिकारियों ने जहाजों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी है और समुद्री सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

क्षेत्रीय युद्ध की आशंका और अंतरराष्ट्रीय चिंता

ब्यूफोर्ट किले पर इजराइल के कब्जे के दावे और ईरान-अमेरिका तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को एक बार फिर अस्थिरता की ओर धकेल दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो यह स्थिति बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकती है।

Leave a comment