इजरायल का बड़ा ऐलान: दक्षिणी लेबनान के 10% हिस्से पर कब्जे की तैयारी, हिजबुल्लाह ने दी कड़ी चेतावनी

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के 10% हिस्से पर नियंत्रण की योजना बनाई है। हिजबुल्लाह ने कड़ी चेतावनी दी, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के 10% हिस्से पर कब्जे की योजना का ऐलान किया है। इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। हिजबुल्लाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिससे आने वाले दिनों में संघर्ष तेज होने की आशंका है।

World News: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच इजरायल (Israel) ने एक बड़ा बयान देकर हालात को और गंभीर बना दिया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज (Israel Katz) ने दावा किया है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान (Lebanon) के करीब 10 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका (United States) और ईरान (Iran) के बीच संघर्ष कई देशों तक फैल चुका है और लेबनान इसका सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

लिटानी नदी तक कब्जे की रणनीति

इजरायल काट्ज (Israel Katz) ने साफ कहा है कि इजरायली सेना लिटानी नदी (Litani River) तक दक्षिणी लेबनान में आगे बढ़ेगी। यह नदी इजरायल की सीमा से करीब 30 किलोमीटर अंदर स्थित है और इस क्षेत्र को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।

उन्होंने बताया कि इस इलाके में एक मजबूत बफर जोन (Buffer Zone) बनाया जाएगा, ताकि इजरायल की उत्तरी सीमा को सुरक्षित किया जा सके। यह क्षेत्र लेबनान के कुल भूभाग का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है, जिससे इस योजना की गंभीरता साफ झलकती है।

“सुरक्षा क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण होगा”

इजरायल काट्ज (Israel Katz) ने कहा कि सेना इस पूरे क्षेत्र में मौजूद पुलों और रणनीतिक जगहों पर नियंत्रण बनाए रखेगी। उनका दावा है कि यह कदम सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों को इजरायल ‘आतंक प्रभावित’ मानता है, वहां नागरिकों को रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर विस्थापन (Displacement) की आशंका जताई जा रही है।

“सुरक्षा सुनिश्चित होने तक वापसी नहीं”

इजरायल की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि जब तक उत्तरी इजरायल की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक सेना पीछे नहीं हटेगी।

इजरायल का बड़ा ऐलान: दक्षिणी लेबनान के 10% हिस्से पर कब्जे की तैयारी, हिजबुल्लाह ने दी कड़ी चेतावनी

काट्ज ने कहा कि दक्षिणी लेबनान से लाखों लोग पहले ही उत्तर की ओर जा चुके हैं और उनकी वापसी तभी संभव होगी जब क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा। यह बयान इस बात का संकेत देता है कि यह कब्जा अस्थायी नहीं बल्कि लंबी अवधि का हो सकता है।

हिजबुल्लाह को खत्म करना मुख्य लक्ष्य

इजरायल का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह (Hezbollah) को कमजोर करना और उसकी गतिविधियों को खत्म करना है। इजरायली सेना ने पहले ही लिटानी नदी के आसपास कई पुलों को नष्ट कर दिया है ताकि हथियारों और लड़ाकों की आवाजाही रोकी जा सके।

काट्ज ने इसे एक “आगे की रक्षात्मक लाइन” (Defensive Line) बताया और कहा कि जहां भी रॉकेट हमले और खतरे मौजूद होंगे, वहां इजरायली सेना की मौजूदगी बनी रहेगी।

हिजबुल्लाह की कड़ी प्रतिक्रिया

इजरायल की इस योजना पर हिजबुल्लाह (Hezbollah) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने इसे लेबनान के लिए “अस्तित्व का खतरा” बताया है और साफ कहा है कि वह किसी भी कब्जे का पूरी ताकत से विरोध करेगा। हिजबुल्लाह का यह रुख आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज कर सकता है, जिससे क्षेत्र में हिंसा बढ़ने की आशंका है।

जंग के बीच हमले तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बीच जमीनी हालात भी तेजी से बिगड़ रहे हैं। हाल ही में हिजबुल्लाह (Hezbollah) ने इजरायल के हाइफा (Haifa) और नाहारिया (Nahariya) शहरों पर 30 से ज्यादा रॉकेट दागे हैं।

वहीं ईरान (Iran) की ओर से ड्रोन (Drone) हमले भी जारी हैं, जिससे इजरायल की सुरक्षा चुनौती और बढ़ गई है। इसके अलावा बहरीन (Bahrain) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास भी धमाकों की खबरें सामने आई हैं, जो इस संघर्ष के व्यापक होने का संकेत देती हैं।

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