भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। चार मुकाबलों के बाद दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर हैं, ऐसे में शनिवार को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला पांचवां मैच निर्णायक साबित होगा।
India vs West Indies 5th T20I: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआती चार मुकाबलों के बाद दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर हैं। ऐसे में आखिरी मैच जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम कर लेगी। निर्णायक मुकाबला बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। इस अहम मैच से पहले भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग-11 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। छोटे मैदान और बड़े स्कोर की संभावना को देखते हुए टीम प्रबंधन बल्लेबाजी में अतिरिक्त ताकत जोड़ने पर विचार कर सकता है। ऐसे में ऑलराउंडर शिवम दुबे की वापसी की संभावना पर खास नजर रहेगी।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज जीतने की जंग
भारत और वेस्टइंडीज के बीच इस टी20 सीरीज में दोनों टीमों ने उतार-चढ़ाव भरा प्रदर्शन किया है। भारत ने पहले मुकाबले में जीत दर्ज कर अच्छी शुरुआत की थी। इसके बाद वेस्टइंडीज ने दूसरे मैच में दमदार बल्लेबाजी करते हुए 250 रनों के लक्ष्य का पीछा किया और सीरीज में वापसी की। तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने फिर जीत हासिल की, लेकिन चौथे मैच में वेस्टइंडीज ने बाजी मारकर स्कोर 2-2 कर दिया। अब पांचवां मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है। इस मैच में किसी भी तरह की गलती सीरीज गंवाने का कारण बन सकती है।
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही संयोजन चुनने की होगी। टीम को ऐसी प्लेइंग-11 के साथ उतरना होगा, जो बड़े स्कोर बनाने के साथ विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने में भी सक्षम हो।
क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?
निर्णायक मैच से पहले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर उन्हें अंतिम एकादश में जगह मिलना मुश्किल नजर आता है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी को बरकरार रखा जा सकता है। इसके अलावा ईशान किशन, तिलक वर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज भी टीम के प्रमुख विकल्प हैं। ऐसे में किसी नए खिलाड़ी को मौका देने के लिए टीम प्रबंधन को मौजूदा संयोजन में बदलाव करना पड़ सकता है।
यह फैसला बल्लेबाजों के हालिया प्रदर्शन, टीम की जरूरत और पिच की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जा सकता है। हालांकि, वैभव सूर्यवंशी के खेलने या बाहर रहने की आधिकारिक पुष्टि अंतिम प्लेइंग-11 घोषित होने के बाद ही होगी।
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शिवम दुबे की वापसी से मजबूत हो सकती है बल्लेबाजी
बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम अपनी छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों के अनुकूल परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। यहां बड़े शॉट खेलने वाले खिलाड़ियों की भूमिका अहम हो सकती है। इसी वजह से शिवम दुबे को टीम में शामिल करने का विकल्प भारतीय प्रबंधन के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
दुबे बड़े छक्के लगाने की क्षमता रखते हैं और मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर वह गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं। उनकी मौजूदगी से भारतीय टीम को बल्लेबाजी में अतिरिक्त गहराई मिल सकती है।
हालांकि, शिवम दुबे को मौका देने के लिए किसी दूसरे खिलाड़ी को बाहर बैठाना पड़ सकता है। टीम प्रबंधन किस गेंदबाज या बल्लेबाज में बदलाव करता है, यह पिच की स्थिति और मैच की रणनीति पर निर्भर करेगा। फिलहाल उनकी वापसी को संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है, न कि आधिकारिक फैसले के रूप में।
बेंगलुरु की पिच पर बल्लेबाजों की रहेगी नजर
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में छोटी बाउंड्री के कारण बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का अवसर मिलता है। ऐसे मैदान पर केवल तेज रन बनाना ही नहीं, बल्कि विकेट बचाकर रखना भी जरूरी होगा। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती ओवरों में अच्छी शुरुआत करते हैं, तो टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है। दूसरी ओर, भारतीय गेंदबाजों को वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों के खिलाफ सटीक लाइन और लेंथ बनाए रखनी होगी। डेथ ओवरों में रन रोकना निर्णायक साबित हो सकता है।
भारत की संभावित प्लेइंग-11
श्रेयस अय्यर (कप्तान), संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, नमन धीर, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल,अर्शदीप सिंह, मयंक यादव।









