अवैध प्रवास और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के बीच भारत और बांग्लादेश ने सीमा पर समन्वित गश्त बढ़ाने तथा रीयल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने मानव तस्करी और सीमा पार अपराधों पर भी सहयोग मजबूत करने का निर्णय लिया।
New Delhi: भारत और बांग्लादेश ने साझा सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर सहमति बनाई है। नई दिल्ली में दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में अवैध आवाजाही, मानव तस्करी और सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण के लिए सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है।
चार दिवसीय बैठक में बनी महत्वपूर्ण सहमति

नई दिल्ली में भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चार दिनों तक चली बैठक के बाद कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक और रचनात्मक बताया। बैठक का मुख्य फोकस सीमा सुरक्षा, अवैध आवाजाही, मानव तस्करी और दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देना रहा। संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश सीमा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
खुफिया जानकारी साझा करने पर रहेगा जोर
बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार दोनों देशों ने सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए रीयल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग बढ़ाने का फैसला किया है। सुरक्षा एजेंसियां अब आपसी सहयोग के जरिए अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य सीमा पार अपराधों से जुड़ी सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान करेंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
संयुक्त गश्त बढ़ाने का फैसला
भारत और बांग्लादेश ने सीमा पर समन्वित गश्त बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। दोनों देशों के सुरक्षा बल संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर तालमेल के साथ गश्त करेंगे ताकि अवैध और अनधिकृत सीमा पार गतिविधियों को रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार यह कदम सीमा पर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संयुक्त गश्त से दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच विश्वास और सहयोग भी मजबूत होगा।
मानव तस्करी और तस्करी नेटवर्क पर भी चर्चा
बैठक के दौरान मानव तस्करी, सीमा पार तस्करी और अन्य संगठित अपराधों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारियों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए साझा रणनीति अपनाना जरूरी है। इसके लिए तकनीकी संसाधनों और खुफिया सूचनाओं के बेहतर उपयोग पर भी सहमति बनी।
सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता
संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और सहयोग के माध्यम से किया जाएगा। दोनों देशों ने यह भी माना कि बेहतर सीमा प्रबंधन से न केवल सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हितों की भी रक्षा की जा सकेगी।
अगली बैठक ढाका में होगी
बैठक के अंत में यह तय किया गया कि सीमा सुरक्षा और अन्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा का सिलसिला जारी रखा जाएगा। दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी अगली बैठक के लिए नवंबर में बांग्लादेश की राजधानी Dhaka में मिलेंगे। इस दौरान वर्तमान समझौतों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और सीमा प्रबंधन को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने और सीमा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के समाधान में मददगार साबित हो सकता है।











