Gold Silver Import: भारत में सोने का आयात 81% और चांदी का 49% घटा, जानें क्या है बड़ी वजह

भारत में सोने और चांदी के आयात में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोने का आयात 81% और चांदी का 49% घटा। जानें इसके पीछे की वजह और इसका घरेलू बाजार पर क्या असर पड़

भारत में सोने के आयात में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर में सोने का आयात 81.27 फीसदी घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया। इस गिरावट की प्रमुख वजह कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी बताई जा रही है।

Gold Silver Import September 2026: भारत में सोने और चांदी के आयात में सितंबर महीने के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में सोने का आयात सालाना आधार पर 81.27 फीसदी घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया। वहीं, चांदी का आयात 49.11 फीसदी गिरकर 66.50 करोड़ डॉलर पर आ गया। 

कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी को इस गिरावट की प्रमुख वजहों में शामिल किया जा रहा है। सोने और चांदी के आयात में कमी का असर देश के व्यापार संतुलन और चालू खाते के घाटे पर भी पड़ सकता है।

सितंबर में सोने और चांदी के आयात में बड़ी गिरावट

भारत में सोने के आयात में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर में सोने का आयात पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 81.27 फीसदी कम होकर 1.8 अरब डॉलर रह गया। इसी अवधि में चांदी के आयात में भी कमजोरी देखने को मिली। सितंबर में चांदी का आयात 49.11 फीसदी घटकर 66.50 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया।

ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब कीमती धातुओं की खरीदारी और उनके आयात की लागत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत अपनी घरेलू मांग पूरी करने के लिए बड़े पैमाने पर सोने और चांदी का आयात करता है। इसलिए आयात में इतनी बड़ी गिरावट को देश की कीमती धातुओं की मांग और व्यापार संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आयात शुल्क बढ़ने से महंगा हुआ सोना-चांदी

Gold Silver Import: भारत में सोने का आयात 81% और चांदी का 49% घटा, जानें क्या है बड़ी वजह

सोने और चांदी के आयात में गिरावट की प्रमुख वजहों में आयात शुल्क में बढ़ोतरी शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार ने 13 मई से इन कीमती धातुओं पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। शुल्क बढ़ने से विदेश से सोना और चांदी मंगाने की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर घरेलू बाजार में कीमतों और खरीदारी पर पड़ता है।

इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी संकट और उससे पैदा हुई आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से कुछ समय के लिए सोने की खरीदारी टालने की अपील भी की थी। हालांकि, आयात में आई गिरावट के पीछे शुल्क, अंतरराष्ट्रीय कीमतों, घरेलू मांग और व्यापारिक गतिविधियों जैसे कई कारक हो सकते हैं। केवल एक कारण को इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।

चालू वित्त वर्ष में भी घटा आयात

वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल से सितंबर अवधि के दौरान भी सोने और चांदी के आयात में गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, इस छह महीने की अवधि में सोने का आयात 27.32 फीसदी घटकर 19.27 अरब डॉलर रह गया। इसी तरह, अप्रैल-सितंबर के दौरान चांदी का आयात 25.17 फीसदी गिरकर 2.4 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि आयात में कमजोरी केवल सितंबर तक सीमित नहीं रही, बल्कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भी इसका असर दिखाई दिया है।

स्विट्जरलैंड से आता है भारत का सबसे ज्यादा सोना

भारत के सोने के आयात में स्विट्जरलैंड की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल सोने के आयात में स्विट्जरलैंड की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी रही। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का स्थान रहा, जिसकी हिस्सेदारी 16 फीसदी से अधिक थी। दक्षिण अफ्रीका की हिस्सेदारी लगभग 10 फीसदी रही।

सितंबर में स्विट्जरलैंड से भारत का आयात 74.63 फीसदी घटकर 89.32 करोड़ डॉलर रह गया। यह गिरावट भारत के प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश से होने वाले आयात में आई कमजोरी को दर्शाती है।

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