India-US Trade Deal: रूस से तेल खरीदने पर विवाद, ओवैसी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

India-US Trade Deal के बीच रूस से तेल खरीद को लेकर नया विवाद। AIMIM प्रमुख ओवैसी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना — जानें पूरा मामला और ताजा अपडेट।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर देश में राजनीतिक बवाल मचा हुआ है, जबकि सरकार की ओर से इस पर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। कांग्रेस नेताओं के बाद अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है। 

नई दिल्ली: भारत–अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर देश में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के बाद अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव में भारत अपनी स्ट्रेटजिक ऑटोनॉमी (रणनीतिक स्वायत्तता) से समझौता कर रहा है।

तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, और प्रधानमंत्री मोदी इस पर सहमति देकर लौट आए। उन्होंने पूछा, “क्या अब यह भी अमेरिका तय करेगा कि भारत किस देश से तेल खरीदे?

ट्रंप ने कहा - रूस से तेल मत लो, मोदी ने कहा—यस सर?

ओवैसी ने तीखे लहजे में कहा, ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि वेनेजुएला से खरीदेगा। और प्रधानमंत्री मोदी इस पर ‘हां’ करके लौट आए। अगर यह सच है, तो यह भारत की विदेश नीति और संप्रभुता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, “जो लोग देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, वे बताएं कि क्या अब अमेरिका तय करेगा कि भारत किससे व्यापार करेगा?

ओवैसी ने चीन का हवाला देते हुए भी सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि चीन पाकिस्तान को लगभग 80 फीसदी हथियार सप्लाई करता है, फिर भी भारत की मौजूदा सरकार चीन के साथ सामान्य व्यापार और संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

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जनरल नरवणे की किताब पर सवाल

ओवैसी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की कथित अप्रकाशित किताब को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किताब के अनुसार, जब चीनी सेना 2020 में लद्दाख में घुसी, तब जनरल नरवणे ने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या कार्रवाई की जाए। ओवैसी ने दावा किया, “प्रधानमंत्री ने कहा—‘जो उचित लगे, वह करो।’ यह जवाब पर्याप्त नहीं था। प्रधानमंत्री को स्पष्ट रूप से आदेश देना चाहिए था कि चीनी सैनिकों को पीछे धकेला जाए।”

उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ओवैसी ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि UGC के नए नियमों का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव रोकना था, लेकिन सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में सही तरीके से बचा नहीं पाई, जिसके कारण उस पर रोक लग गई।

उन्होंने दलित और पिछड़े वर्गों का मुद्दा उठाते हुए कहा, “प्रधानमंत्री खुद को सबसे बड़ा पिछड़ा वर्ग का नेता बताते हैं, लेकिन उनकी सरकार यह भी कोर्ट में साबित नहीं कर पाई कि रोहित वेमुला की मौत क्यों हुई।” इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में एक आदिवासी डॉक्टर की मौत का हवाला देते हुए कहा कि सरकार सामाजिक न्याय और जवाबदेही के सवालों से बच रही है।

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