इंडियन नेवी में शामिल होगा सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस युद्धपोत INS तारागिरी, पाकिस्तान-चीन की बढ़ी टेंशन

INS Taragiri इंडियन नेवी में शामिल होने जा रहा है, जो सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस अत्याधुनिक युद्धपोत है। इसकी तैनाती से चीन और पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ गई हैं।

भारतीय नौसेना आज अपने बेड़े में एक और ताकतवर युद्धपोत INS Taragiri को शामिल करने जा रही है। Visakhapatnam में आयोजित इस समारोह में रक्षा मंत्री Rajnath Singh और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

विशाखापत्तनम: भारतीय नौसेना ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस युद्धपोत INS तारागिरी को नौसेना में शामिल करने जा रही है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस युद्धपोत के शामिल होने से इंडियन नेवी की समुद्री शक्ति और सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

स्वदेशी परियोजना: मेड इन इंडिया का प्रतीक

INS तारागिरी मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है। यह युद्धपोत 6,670 टन का है और स्वदेशी इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रतिनिधित्व करता है। अधिकारियों ने बताया कि इसके निर्माण में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जो भारतीय औद्योगिक तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है। यह युद्धपोत न केवल आधुनिक तकनीक से लैस है, बल्कि इसे भारतीय नौसेना की लंबी अवधि की रणनीतिक आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन किया गया है।

INS तारागिरी नीलगिरी श्रेणी (प्रोजेक्ट 17ए) का चौथा जहाज है और इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड (MDL), मुंबई में निर्मित किया गया। इसे पिछले साल 28 नवंबर को नौसेना को सौंपा गया था। यह युद्धपोत डीजल या गैस (CODAG) प्रणालियों द्वारा संचालित किया जा सकता है।

युद्धक क्षमता और तकनीकी विशेषताएँ

INS तारागिरी अत्याधुनिक हथियारों से लैस है। इसमें शामिल हैं:

  • सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक मिसाइलें
  • सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइलें
  • विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली (ASW)

इन प्रणालियों को एक अत्याधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से एकीकृत किया गया है, जिससे यह युद्ध के दौरान तुरंत खतरों का सामना कर सकता है। युद्धपोत का डिजाइन कम रडार क्रॉस-सेक्शन और स्टील्थ क्षमता के साथ किया गया है, जिससे इसे घातक मिशनों के लिए सक्षम बनाया गया है। INS तारागिरी की मिशन प्रोफ़ाइल अत्यधिक लचीली है। 

इसे उच्च-तीव्रता वाले युद्ध से लेकर मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) तक के मिशनों के लिए तैनात किया जा सकता है। इसका आकार सुव्यवस्थित और आधुनिक तकनीक से लैस है, जो इसे समग्र युद्ध संचालन और संकट प्रबंधन के लिए आदर्श बनाता है।

भारतीय नौसेना: आत्मनिर्भर और मजबूत

भारतीय नौसेना लगातार एक विश्वसनीय और आत्मनिर्भर शक्ति के रूप में विकसित हो रही है। INS तारागिरी का शामिल होना इस दृष्टि का प्रतीक है। यह युद्धपोत न केवल भारत के समुद्री क्षेत्रों की रक्षा करेगा, बल्कि देश की समुद्री रणनीति और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि INS तारागिरी जैसे युद्धपोत भारत को एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र के रूप में वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति देने में मदद करेंगे। 

यह युद्धपोत भारतीय नौसेना की उभरती हुई शक्ति का प्रतीक है और यह दिखाता है कि देश स्वदेशी प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग क्षमताओं के दम पर आधुनिक समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।

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