इम्पैक्ट प्लेयर नियम को पहली बार 2023 में IPL में लागू किया गया था और तब से ही यह लगातार चर्चा और आलोचना का विषय रहा है। अब BCCI ने इस नियम के भविष्य पर दोबारा विचार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
IPL Impact Player Rule 2027: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अगले सीजन से पहले एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने Impact Player Rule को लेकर सभी 10 IPL फ्रेंचाइजी से उनकी राय मांगी है। इस कदम के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि IPL 2027 में इस विवादित नियम को बरकरार रखा जाएगा या इसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
Impact Player Rule को IPL में पहली बार 2023 सीजन के दौरान लागू किया गया था। शुरुआत से ही यह नियम क्रिकेट विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय रहा है। आलोचकों का कहना है कि अतिरिक्त खिलाड़ी के इस्तेमाल से बल्लेबाजी टीमों को ज्यादा गहराई मिलती है और इससे गेंदबाजों के लिए मुकाबला चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
BCCI ने सभी 10 टीमों से मांगी रिपोर्ट
रिपोर्टों के मुताबिक, BCCI ने IPL की सभी 10 फ्रेंचाइजी को Impact Player Rule पर अपनी राय और अनुभव साझा करने को कहा है। टीमों को 31 अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट जमा करनी है। फ्रेंचाइजी से मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर बोर्ड इस नियम के भविष्य पर चर्चा कर सकता है। हालांकि अभी तक BCCI ने यह आधिकारिक रूप से नहीं कहा है कि Impact Player Rule को IPL 2027 से हटा दिया जाएगा।
बोर्ड IPL से जुड़े कई अन्य पहलुओं की भी समीक्षा कर रहा है। इनमें Players and Match Officials Area (PMOA), अंपायरिंग, अभ्यास सत्र और प्लेइंग कंडीशंस जैसे मुद्दे शामिल हैं। लेकिन Impact Player Rule को इस समीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
2026 सीजन में भी नियम को लेकर हुई आलोचना
Impact Player Rule को लेकर बहस IPL 2026 में भी जारी रही। इस नियम की वजह से टीमों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए अलग-अलग विशेषज्ञों का इस्तेमाल करने की अतिरिक्त सुविधा मिलती है। आलोचकों का तर्क है कि इससे टीमों की रणनीति में ऐसा बदलाव आया है, जिसमें बल्लेबाजी को अतिरिक्त मजबूती मिलती है। IPL 2026 में कई मुकाबलों में 200 से अधिक रन के स्कोर देखने को मिले, जिसके बाद गेंद और बल्ले के बीच संतुलन को लेकर सवाल उठे।
इसी वजह से इस नियम को कई बार गेंदबाजों के खिलाफ बताया गया है। हालांकि BCCI के कुछ अधिकारी इससे पूरी तरह सहमत नहीं हैं और उनका मानना है कि Impact Player Rule के कारण मुकाबलों में रणनीतिक विविधता बढ़ी है।
![]()
देवजीत सैकिया कर चुके हैं नियम का समर्थन
BCCI सचिव देवजीत सैकिया पहले Impact Player Rule का समर्थन कर चुके हैं। उनका तर्क रहा है कि केवल हाई-स्कोरिंग मैच ही दर्शकों को आकर्षित नहीं करते। कम स्कोर वाले मुकाबलों में भी प्रशंसकों की रुचि बनी रहती है और गेंदबाजों को विकेट हासिल करने के पर्याप्त मौके मिलते हैं। हालांकि, बोर्ड की ओर से अब सभी फ्रेंचाइजी से औपचारिक राय मांगना इस बात का संकेत है कि नियम के भविष्य को लेकर गंभीर समीक्षा की जा रही है।
Impact Player Rule का विरोध करने वाले खिलाड़ियों में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल हैं। रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या और शुभमन गिल सहित कई खिलाड़ियों ने अलग-अलग मौकों पर इस नियम को लेकर अपनी असहमति जाहिर की है। खिलाड़ियों का मानना है कि अतिरिक्त खिलाड़ी की सुविधा से टीमों के संतुलन और क्रिकेट की पारंपरिक रणनीति पर असर पड़ता है। खासकर ऑलराउंडरों की भूमिका को लेकर भी इस नियम ने नई बहस को जन्म दिया है। हालांकि नियम के समर्थकों का कहना है कि इससे युवा खिलाड़ियों को अवसर मिल सकते हैं और मैच के दौरान रणनीतिक विकल्प बढ़ते हैं।
क्या है Impact Player Rule?
Impact Player Rule के तहत मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों को पांच अतिरिक्त खिलाड़ियों के नाम देने होते हैं। इन पांच खिलाड़ियों में से किसी एक को मैच के दौरान Impact Player के रूप में मैदान में उतारा जा सकता है। यह बदलाव सामान्य तौर पर विकेट गिरने, ओवर खत्म होने या पारी के बीच में किया जा सकता है। जिस खिलाड़ी की जगह Impact Player मैदान में आता है, वह दोबारा उस मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सकता।
इस नियम ने टीमों को मैच की परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बदलने की सुविधा दी है। उदाहरण के लिए कोई टीम पहले बल्लेबाजी करते समय अतिरिक्त बल्लेबाज और लक्ष्य का बचाव करते हुए विशेषज्ञ गेंदबाज का इस्तेमाल कर सकती है।








