इराक के पास तेल टैंकर ‘Seaface Vishnu’ पर हमला, भारतीय क्रू सदस्य की मौत से बढ़ा समुद्री तनाव

इराक के पास तेल टैंकर ‘Seaface Vishnu’ पर हमला, भारतीय क्रू सदस्य की मौत से बढ़ा समुद्री तनाव

इराक के खोर अल जुबैर पोर्ट के पास तेल टैंकर Seaface Vishnu पर सुसाइड बोट से हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई, जबकि अन्य 27 लोगों को सुरक्षित निकालकर बसरा ले जाया गया।

Boat Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक गंभीर घटना सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अमेरिकी स्वामित्व वाले तेल टैंकर ‘Seaface Vishnu’ पर सुसाइड बोट से हमला किया, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। यह हमला इराक के जलक्षेत्र में खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास हुआ। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इराक के जलक्षेत्र में हुआ हमला

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार यह हमला बुधवार को इराक के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के भीतर खोर अल जुबैर पोर्ट के पास हुआ। बताया गया कि अमेरिकी स्वामित्व वाले और मार्शल आइलैंड्स का झंडा लिए इस क्रूड ऑयल टैंकर को एक सुसाइड बोट ने निशाना बनाया। बोट सीधे जहाज के पास पहुंची और विस्फोट कर दिया, जिससे टैंकर को नुकसान पहुंचा और जहाज पर मौजूद क्रू में अफरा-तफरी मच गई। यह हमला ऐसे समय हुआ जब जहाज अपने नियमित समुद्री मार्ग पर था और तेल परिवहन से जुड़ा संचालन कर रहा था।

हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत

इस हमले में जहाज पर मौजूद एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई। फिलहाल मृतक भारतीय नागरिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जहाज से जुड़े सूत्रों ने बताया कि विस्फोट के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और बचाव अभियान तुरंत शुरू करना पड़ा। कंपनी के अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि एक क्रू सदस्य की मौत पूरी टीम के लिए बेहद दुखद है।

बाकी क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया

हमले के बाद जहाज पर मौजूद अन्य क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार जहाज पर मौजूद कुल 27 क्रू सदस्य और कर्मचारी बचाव अभियान के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिए गए। इन लोगों को इराक के बसरा शहर ले जाया गया जहां उन्हें चिकित्सकीय जांच और सुरक्षा दी गई। बचाव अभियान स्थानीय समुद्री अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की मदद से पूरा किया गया ताकि किसी और को नुकसान न पहुंचे।

कंपनी ने भारत सरकार से की अपील

जहाज से जुड़ी कंपनी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भारत सरकार से कड़ी प्रतिक्रिया देने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों पर जहाजों और क्रू सदस्यों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। कंपनी ने सरकारों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से आग्रह किया है कि समुद्री मार्गों पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

पश्चिम एशिया में बढ़ रहा समुद्री तनाव

हाल के समय में पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्रों में तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई बार तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचती है। ऐसे में किसी भी टैंकर पर हमला केवल एक देश का मामला नहीं होता बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा पर भी पड़ता है।

‘Seaface Vishnu’ टैंकर की जानकारी

समुद्री डेटा वेबसाइट ‘Vessel Finder’ के अनुसार ‘Seaface Vishnu’ एक बड़ा क्रूड ऑयल टैंकर है जिसकी लंबाई लगभग 228.6 मीटर और चौड़ाई करीब 32.57 मीटर बताई जाती है। यह जहाज वर्ष 2007 में बनाया गया था और फिलहाल मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। इस तरह के टैंकर आमतौर पर लंबी दूरी तक कच्चे तेल का परिवहन करते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

भारतीय क्रू की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा

इस घटना के बाद भारतीय नाविकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दुनिया भर के जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं और खास तौर पर खाड़ी क्षेत्र तथा पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों पर भारतीय क्रू की मौजूदगी अधिक होती है। ऐसे में किसी भी जहाज पर हमला सीधे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन जाता है और सरकारों के लिए चिंता का विषय बनता है।

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