ईरान युद्ध महंगा पड़ रहा अमेरिका को, रक्षा मंत्री ने मांगे 87 अरब डॉलर; सीनेट में तीखी बहस

ईरान युद्ध पर अमेरिका अब तक 37.5 अरब डॉलर खर्च कर चुका। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन के लिए 87 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग मांगी, इस पर तीखी बहस छिड़ गई

ईरान के साथ जारी संघर्ष पर अमेरिका का खर्च 37.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन के लिए 87 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की मांग की, जबकि कांग्रेस में इस प्रस्ताव को लेकर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली।

वाशिंगटन: ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष अमेरिका के लिए लगातार महंगा साबित हो रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेट की विनियोग समिति (Senate Appropriations Committee) के समक्ष बताया कि युद्ध पर अब तक लगभग 37.5 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 28 अरब पाउंड खर्च किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा मई में जारी पिछले आधिकारिक अनुमान से लगभग 8 अरब डॉलर अधिक है।

हेगसेथ ने सांसदों से आग्रह किया कि पेंटागन के लिए 87 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग को जल्द मंजूरी दी जाए। इस प्रस्तावित राशि में से 67 अरब डॉलर मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य अभियानों और परिचालन जरूरतों पर खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।

सीनेट की सुनवाई के दौरान कई बार हुआ विरोध

रक्षा मंत्री की गवाही के दौरान सीनेट में कई बार युद्ध विरोधी प्रदर्शनकारियों ने व्यवधान डाला। प्रदर्शनकारियों ने युद्ध समाप्त करने और सैन्य खर्च कम करने की मांग की। इसके बावजूद सुनवाई जारी रही, लेकिन अंत में माहौल इतना गर्म हो गया कि रक्षा मंत्री और एक डेमोक्रेटिक सीनेटर के बीच तीखी बहस हो गई।

यह ईरान के साथ हालिया संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद कैपिटल हिल पर हेगसेथ की पहली सार्वजनिक गवाही थी। यह बैठक ऐसे समय हुई जब हाल के दिनों में मध्य पूर्व में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि भी की गई है।

पेंटागन ने अतिरिक्त बजट को बताया जरूरी

पीट हेगसेथ ने कहा कि दुनिया तेजी से असुरक्षित होती जा रही है और अमेरिका को अपनी सैन्य तैयारियां मजबूत बनाए रखने के लिए तत्काल अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस से अतिरिक्त बजट नहीं मिला तो सेना के संचालन पर गंभीर असर पड़ सकता है। सैनिकों के वेतन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, हथियारों की खरीद, गोला-बारूद की आपूर्ति और सैन्य उपकरणों की मरम्मत जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रभावित होंगी।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि प्रस्तावित बजट अमेरिकी सेना की युद्ध क्षमता बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने में मदद करेगा।

डेमोक्रेट सांसदों ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान डेमोक्रेटिक सांसदों ने अतिरिक्त फंडिंग की आवश्यकता पर सवाल उठाए। समिति की वरिष्ठ सदस्य पैटी मरे ने कहा कि सरकार की यह मांग पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और इतने बड़े बजट की आवश्यकता को बेहतर तरीके से समझाया जाना चाहिए।

न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक सीनेटर किर्स्टन गिलिब्रैंड ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जब आम अमेरिकी नागरिक महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब युद्ध के लिए लगातार अतिरिक्त धन की मांग उचित नहीं लगती।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन का दावा है कि सैन्य अभियान सफल रहा है, तो फिर इतने बड़े अतिरिक्त बजट की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।

वास्तविक खर्च इससे अधिक होने का दावा

सुनवाई के दौरान कुछ सांसदों ने यह भी दावा किया कि युद्ध की वास्तविक लागत आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है। उनके अनुसार वर्तमान अनुमान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान की मरम्मत, आधारभूत ढांचे के निर्माण और अन्य अप्रत्यक्ष खर्च शामिल नहीं हैं।

इससे पहले मई में पेंटागन ने युद्ध पर कुल खर्च लगभग 29 अरब डॉलर बताया था। वहीं शुरुआती सप्ताह में यह अनुमान लगभग 11.3 अरब डॉलर का था। लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण अब यह राशि तेजी से बढ़कर 37.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई है।

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अमेरिकी सैन्य रणनीति पर भी बहस

हेगसेथ ने कहा कि अतिरिक्त फंडिंग केवल वर्तमान युद्ध के लिए नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में अमेरिकी सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे "दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश" बताया और कहा कि इससे अमेरिका को अन्य वैश्विक शक्तियों के मुकाबले अपनी सैन्य बढ़त बनाए रखने में मदद मिलेगी।

हालांकि विपक्षी नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ता रक्षा बजट भविष्य में संघीय वित्तीय दबाव को और बढ़ा सकता है।

ट्रम्प प्रशासन का बड़ा रक्षा बजट

व्हाइट हाउस पहले ही अगले वित्तीय वर्ष के लिए पेंटागन हेतु लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट का प्रस्ताव कांग्रेस के सामने रख चुका है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो यह आधुनिक अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट होगा।

प्रशासन का कहना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए रक्षा खर्च बढ़ाना आवश्यक है।

सैनिकों की मौत से बढ़ी संवेदनशीलता

इसी दौरान पेंटागन ने इराक और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की। इनमें सार्जेंट माइकल इमैनुएल स्विंटन, सार्जेंट एंजेल रैम्परसैड, प्राइवेट फर्स्ट क्लास इसाबेला गोंजालेस और फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर फीहान शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के साथ जारी संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी नागरिक और सैनिकों की जान जा चुकी है। उन्होंने देश के पिछले युद्धों का भी उल्लेख करते हुए इस संघर्ष की गंभीरता पर जोर दिया।

राष्ट्रपति ट्रम्प सैनिकों के पार्थिव शरीर के अमेरिका पहुंचने पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए डेलावेयर स्थित एयर बेस जाने वाले हैं।

कांग्रेस में मंजूरी की राह आसान नहीं

अतिरिक्त फंडिंग प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस में राजनीतिक मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। अधिकांश डेमोक्रेट सांसद इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, जबकि कुछ रिपब्लिकन सांसद भी चाहते हैं कि अतिरिक्त रक्षा खर्च की भरपाई अन्य सरकारी खर्चों में कटौती करके की जाए।

इसके अलावा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) जल्द ही अवकाश पर जाने वाली है और कांग्रेस का संयुक्त सत्र सितंबर तक निर्धारित नहीं है। ऐसे में अतिरिक्त बजट को मंजूरी मिलने में समय लग सकता है।

आगे क्या?

ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। बढ़ती सैन्य लागत, अतिरिक्त बजट की मांग, सैनिकों की मौत और कांग्रेस में जारी राजनीतिक मतभेद इस मुद्दे को और जटिल बना रहे हैं। आने वाले सप्ताहों में यह स्पष्ट होगा कि कांग्रेस पेंटागन की अतिरिक्त फंडिंग को मंजूरी देती है या नहीं, क्योंकि इसका सीधा असर अमेरिका की सैन्य रणनीति और मध्य पूर्व में जारी अभियानों पर पड़ सकता है।

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