ईरानी मीडिया ने खार्ग आइलैंड के पास तेल टैंकर पर अमेरिकी मिसाइल हमले का दावा किया है। इसी बीच ट्रंप ने ईरान के भूमिगत पिकैक्स माउंटेन परमाणु परिसर पर संभावित हमले की चेतावनी दी, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान /अमेरिका वॉर: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरानी मीडिया के अनुसार, शनिवार को खार्ग आइलैंड के पास ईरान का तेल ले जा रहे एक टैंकर को अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया और उस पर चार मिसाइलें दागी गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद इलाके में धमाके की आवाज सुनी गई।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु परिसर पिकैक्स माउंटेन को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और अगर वहां किसी तरह की गतिविधि दिखाई देती है तो अमेरिका जोरदार हमला कर सकता है।
ईरानी टैंकर पर हमले और परमाणु ठिकाने को लेकर ट्रंप की चेतावनी ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिकी और ईरानी सैन्य गतिविधियां पहले से तनावपूर्ण बनी हुई हैं।
खार्ग आइलैंड के पास टैंकर को निशाना बनाने का दावा
ईरानी मीडिया के अनुसार, खार्ग आइलैंड के आसपास ईरान के एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना ने चार मिसाइलें दागीं। इसके बाद इलाके में धमाका सुना गया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हमले से हुए नुकसान, टैंकर की स्थिति या किसी संभावित हताहत की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस घटना से जुड़े दावों की पुष्टि आगे की रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों से ही हो सकेगी।
खार्ग आइलैंड ईरान के तेल निर्यात के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में इसके आसपास किसी सैन्य कार्रवाई की खबर से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर संभावित असर को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट के करीब है खार्ग आइलैंड
खार्ग आइलैंड होर्मुज स्ट्रेट के नजदीक स्थित है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय परिवहन होता है।
यदि क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता है और समुद्री जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव पड़ सकता है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ने की आशंका रहती है।
उपलब्ध रिपोर्ट में कुछ अनुमानों का उल्लेख किया गया है कि आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल करीब 10 डॉलर तक बढ़ सकती है। हालांकि, वास्तविक मूल्य वृद्धि बाजार की स्थिति, आपूर्ति में कमी और संघर्ष की अवधि समेत कई कारकों पर निर्भर करेगी।
खार्ग आइलैंड ईरान के तेल कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के करीब 90 प्रतिशत तेल निर्यात का संबंध इस क्षेत्र से है। ऐसे में यहां सैन्य तनाव बढ़ने पर ईरान की ऊर्जा आय पर भी असर पड़ सकता है।
पिकैक्स माउंटेन पर ट्रंप की बड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के पिकैक्स माउंटेन परमाणु परिसर को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस स्थान पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।
ट्रंप के मुताबिक, अगर पिकैक्स माउंटेन में किसी तरह की गतिविधि दिखाई देती है तो वहां हमला किया जा सकता है। उन्होंने इस चेतावनी को ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान के संदर्भ में रखा।
ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है।
जमीन के भीतर मौजूद है पिकैक्स परिसर
रिपोर्ट के अनुसार, पिकैक्स माउंटेन ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित है। नतांज परमाणु परिसर को पहले ही सैन्य कार्रवाई में नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
पिकैक्स माउंटेन को एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परिसर के तौर पर वर्णित किया गया है। इसके काफी गहराई में होने के कारण सामान्य हवाई हमलों से इसे नुकसान पहुंचाना कठिन माना जाता है।
रिपोर्ट में द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से कहा गया है कि इजराइली खुफिया अधिकारियों का आकलन है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस गहरे भूमिगत परिसर में पहुंचाए हैं। सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया में किया जाता है।
अगर अमेरिका इस परिसर को सीधे निशाना बनाता है, तो इससे ईरान के परमाणु ढांचे के खिलाफ सैन्य अभियान का दायरा और बढ़ सकता है।
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ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य अभियान का किया बचाव
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ पिछले पांच महीने से जारी अमेरिकी सैन्य अभियान का भी बचाव किया। उनका कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।
उन्होंने यह दावा भी किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने पश्चिम एशिया में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध को रोकने में भूमिका निभाई है।
ट्रंप के मुताबिक, अगर अमेरिका ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो इजराइल और पश्चिम एशिया को और गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता था। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान भविष्य में यूरोप और अमेरिकी शहरों को निशाना बना सकता था।
इन बयानों को अमेरिकी राष्ट्रपति का आकलन और दावा माना जा रहा है। इन संभावित खतरों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
ईरान के रडार सिस्टम को लेकर भी ट्रंप का दावा
ट्रंप ने ईरान के एयर डिफेंस और रडार सिस्टम पर अमेरिकी हमलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के आधुनिक रडार सिस्टम को दो अलग-अलग मौकों पर नष्ट किया।
उनके अनुसार, एक चरण में कई दिनों तक गोलीबारी नहीं हुई थी। इसके बाद ईरान ने नए रडार तैनात किए, जिन्हें अमेरिकी सेना ने फिर निशाना बनाया।
ट्रंप ने कहा कि लगातार हमलों के बाद ईरान संभवतः नए रडार सिस्टम तैनात करने से बच रहा है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं दी गई है।
ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमले
ट्रंप की टिप्पणी अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के हालिया बयान के कुछ दिन बाद आई है। CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह ईरान से जुड़े कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे।
अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़े एयर डिफेंस सिस्टम, रडार सिस्टम, समुद्री सैन्य उपकरण, समुद्री बारूदी सुरंगों से संबंधित क्षमताओं और संचार ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन अभियानों में नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया।
ईरान ने शादी समारोह पर मिसाइल हमले का आरोप लगाया
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर अलग दावा किया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, अमेरिका ने मंगलवार रात सिरिक में एक शादी समारोह को मिसाइल से निशाना बनाया।
ईरान का दावा है कि इस हमले में पांच लोगों की मौत हुई, जिनमें चार साल का एक बच्चा भी शामिल था। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
इस तरह दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई और उससे हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी घटना के वास्तविक प्रभाव का आकलन स्वतंत्र सत्यापन के बाद ही किया जा सकेगा।
बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर नजर
ईरानी टैंकर से जुड़ी घटना और पिकैक्स माउंटेन को लेकर अमेरिकी चेतावनी ने पश्चिम एशिया में तनाव को और गंभीर बना दिया है। यदि सैन्य गतिविधियां खार्ग आइलैंड और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ती हैं, तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रह सकता।
ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसके साथ ही समुद्री बीमा, शिपिंग लागत और वैश्विक बाजारों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका पिकैक्स माउंटेन को लेकर अपनी चेतावनी को सैन्य कार्रवाई में बदलता है या नहीं। यदि ऐसा होता है तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिम एशिया में पहले से जारी संघर्ष पर इसके व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव पड़ सकते हैं।










