IRB Infrastructure की टोल कमाई में तेजी: फरवरी में 22% बढ़कर 746 करोड़ रुपये पहुँचा राजस्व

IRB Infrastructure की टोल कमाई में तेजी: फरवरी में 22% बढ़कर 746 करोड़ रुपये पहुँचा राजस्व

IRB Infrastructure का फरवरी 2026 टोल राजस्व 746 करोड़ रुपये रहा, सालाना 22% बढ़ा। हरिहरा टोल कॉरिडोर और देश भर में बढ़ते यातायात ने राजस्व में योगदान दिया। विशेषज्ञ इसे निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानते हैं।

New Delhi: भारत की अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी IRB Infrastructure ने फरवरी 2026 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने शनिवार को बताया कि उसका कुल टोल राजस्व (Toll Revenue) सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 746 करोड़ रुपये रहा है। 

यह वृद्धि पिछले साल यानी फरवरी 2025 में दर्ज 614 करोड़ रुपये के टोल राजस्व के मुकाबले काफी अहम मानी जा रही है। इस उछाल से स्पष्ट होता है कि देश के राजमार्गों पर यातायात की आवाजाही में तेजी आई है और लोगों की यात्रा की संख्या लगातार बढ़ रही है।

फरवरी में हरिहरा टोल कॉरिडोर का योगदान

उत्तर प्रदेश में हाल ही में शामिल किए गए आईआरबी हरिहरा टोलवेज ने फरवरी 2026 में टोल राजस्व में 52.8 करोड़ रुपये का योगदान दिया। IRB Infrastructure के डिप्टी CEO अमिताभ मुरारका ने कहा कि उनकी संपत्तियों में यातायात की मजबूत वृद्धि और नए शामिल किए गए हरिहरा कॉरिडोर से मिलने वाला योगदान उत्साहजनक है। 

उन्होंने बताया कि टोल संग्रह की वृद्धि पिछले महीने 15 प्रतिशत से बढ़कर अब 22 प्रतिशत हो गई है। मुरारका ने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में यह तेजी जारी रहेगी और कंपनी के प्रोजेक्ट्स से स्थिर राजस्व मिलता रहेगा।

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है

शेयर बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि टोल राजस्व में यह दो अंकों की वृद्धि IRB Infrastructure के कैश फ्लो और लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स के लिए सकारात्मक संकेत है। लगातार बढ़ते टोल संग्रह और नए प्रोजेक्ट्स का सफल संचालन कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करता है और भविष्य के विकास के लिए अवसर बढ़ाता है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है और नए प्रोजेक्ट्स से मिलने वाला स्थिर राजस्व निवेश के लिए भरोसेमंद है।

देश के राजमार्गों पर बढ़ती आवाजाही

टोल राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि से यह भी पता चलता है कि देश के राजमार्गों पर यातायात की संख्या बढ़ रही है। आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि और यात्रियों की संख्या में इजाफा टोल संग्रह में सीधी वृद्धि लाता है। IRB Infrastructure के प्रोजेक्ट्स जैसे हरिहरा कॉरिडोर, पुराने प्रोजेक्ट्स के साथ मिलकर राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इससे न केवल कंपनी की कमाई बढ़ी है बल्कि यात्री सुविधा और सड़क नेटवर्क का सुधार भी हो रहा है।

कंपनी की रणनीति

IRB Infrastructure लगातार नए प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रही है और पुराने प्रोजेक्ट्स को प्रभावी ढंग से संचालित कर रही है। कंपनी ने अपने संचालन में डिजिटल टोल कलेक्शन और यातायात मॉनिटरिंग सिस्टम को अपनाया है, जिससे राजस्व संग्रह में पारदर्शिता और बढ़ोतरी हुई है। डिप्टी CEO अमिताभ मुरारका के अनुसार, कंपनी की रणनीति लंबे समय तक स्थिर और लगातार राजस्व बढ़ाने की है।

विशेषज्ञों के अनुसार, टोल राजस्व में दो अंकों की वृद्धि और नए प्रोजेक्ट्स का योगदान निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे कंपनी के लिक्विडिटी पोसिशन में सुधार होगा और भविष्य में नए कॉरिडोर और सड़क प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए अवसर खुलेंगे।

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