इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही फ्लाइट को बम की धमकी, बुल्गारिया में इमरजेंसी लैंडिंग; 57 लोग सवार

इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी मिली। बुल्गारिया में लड़ाकू विमानों की निगरानी के बीच इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

इजराइल के तेल अवीव से ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी मिली। इसके बाद विमान को बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में उतारा गया। विमान में सवार सभी 57 लोग सुरक्षित रहे।

तेल अवीव: इजराइल के तेल अवीव से ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट को रविवार, 18 अक्टूबर को बम की धमकी मिलने के बाद बुल्गारिया की राजधानी सोफिया की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 51 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। बुल्गारियाई वायुसेना के MiG-29 लड़ाकू विमान ने विमान को एस्कॉर्ट किया। विमान सुरक्षित उतर गया और यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया। लैंडिंग के बाद विमान की सुरक्षा जांच शुरू की गई। 

बम की धमकी के बाद बदला विमान का रास्ता

यह विमान ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट OS82 थी, जो एयरबस A320 से संचालित हो रही थी। विमान ने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट से वियना के लिए उड़ान भरी थी। यात्रा के दौरान जब विमान रोमानिया की सीमा के करीब पहुंचा, तब चालक दल को बम की धमकी से जुड़ा अलर्ट मिला।

बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, खतरे की सूचना मिलने के बाद चालक दल ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को सोफिया में उतारने का फैसला किया। इसके बाद विमान का निर्धारित मार्ग बदल दिया गया और उसे बुल्गारिया की राजधानी की ओर भेजा गया। 

आपात स्थिति को देखते हुए बुल्गारियाई वायुसेना ने MiG-29 लड़ाकू विमान को रवाना किया। लड़ाकू विमान ने यात्री विमान को सोफिया एयरपोर्ट तक एस्कॉर्ट किया। यह कदम विमानन सुरक्षा से जुड़े निर्धारित आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया।

फ्लाइट ट्रैकिंग से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, विमान रविवार शाम तेल अवीव से रवाना हुआ था और रात में सोफिया पहुंचा। हालांकि, उड़ान के प्रस्थान और लैंडिंग के समय में अलग-अलग रिपोर्टों में कुछ अंतर है। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने विमान को मिली धमकी की पुष्टि की। 

विमान उतरने के बाद शुरू हुई सुरक्षा जांच

सोफिया एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को विमान से बाहर निकाला गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान में कुल 57 लोग सवार थे। किसी के घायल होने की सूचना नहीं दी गई।

विमान को खाली कराने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी तलाशी शुरू की। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि विमान में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मौजूद है या नहीं। बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि संबंधित संस्थानों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्थिति से निपटने के लिए एक संकट प्रबंधन टीम गठित की गई। 

ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने कहा कि विमान की जांच पूरी होने के बाद यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। धमकी किसने दी और उसका आधार क्या था, इस बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।

ऐसे मामलों में धमकी मिलने का मतलब यह नहीं होता कि विमान में वास्तव में विस्फोटक मौजूद है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां खतरे को गंभीरता से लेते हुए विमान की तलाशी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करती हैं।

छह दिन पहले भी इजराइल पहुंची फ्लाइट को मिली थी बम की धमकी

इस घटना से कुछ दिन पहले भी इजराइल पहुंचने वाली एक यात्री उड़ान को लेकर सुरक्षा अलर्ट सामने आया था। रिपोर्टों के मुताबिक, 13 अक्टूबर को अमेरिका के न्यूयॉर्क से तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी मिलने के बाद विमान की तलाशी ली गई थी। यात्रियों को विमान से बाहर निकालकर सुरक्षा जांच की गई, लेकिन उपलब्ध खबरों में किसी विस्फोटक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच विमानन कंपनियों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए धमकी से जुड़ी हर सूचना की जांच करना जरूरी हो जाता है। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं के बीच सीधा संबंध होने का निष्कर्ष जांच के बिना नहीं निकाला जा सकता।

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई घटना के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता

इजराइल जाने वाली उड़ानों की सुरक्षा को लेकर सितंबर के अंत में हुई एक अन्य घटना ने भी चिंता बढ़ाई थी। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में सह-पायलट पर विमान के कप्तान पर हमला करने और विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने के आरोप लगे थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, सह-पायलट ने कॉकपिट में कप्तान पर धारदार औजार से हमला किया। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और अन्य पायलटों ने हस्तक्षेप कर हमलावर को काबू करने में मदद की। इस घटना के दौरान विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। 

इस मामले के बाद इजराइल में विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और चालक दल के सदस्यों की जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे। इजराइली अधिकारियों ने देश में आने वाली उड़ानों के पायलटों की सुरक्षा जांच को और सख्त करने की बात कही। 

इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए सख्त नियम

फ्लाईदुबई की घटना के बाद इजराइल के परिवहन मंत्रालय की ओर से विदेशी एयरलाइंस के लिए सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए जाने की खबरें आईं। रिपोर्टों के अनुसार, जिन देशों के इजराइल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहां की नागरिकता रखने वाले पायलटों और चालक दल के सदस्यों को इजराइल जाने वाली उड़ानों में तैनात करने पर प्रतिबंध से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया।

कुछ रिपोर्टों में ऐसे प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले देशों की संख्या और सूची अलग-अलग बताई गई है। इसलिए सभी प्रभावित देशों की एक निश्चित सूची या किसी खास संख्या को अंतिम मानने से पहले संबंधित सरकारी आदेश की पुष्टि जरूरी है। 

इन नियमों का उद्देश्य विमान में सवार यात्रियों, चालक दल और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, सुरक्षा नीति में बदलाव और किसी विशेष उड़ान को मिली बम की धमकी के बीच संबंध स्थापित करने के लिए अलग से ठोस जानकारी जरूरी होती है।

विमानन सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

तेल अवीव से वियना जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बुल्गारिया में उतारे जाने की घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है। विमान में बम होने की धमकी मिलने पर उड़ान का रास्ता बदलना, लड़ाकू विमान की मदद लेना और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना आपातकालीन सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है।

फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल धमकी के स्रोत और उसकी विश्वसनीयता को लेकर हैं। विमान की तलाशी और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खतरा वास्तविक था या नहीं। तब तक घटना को बम की धमकी के बाद की गई सुरक्षा कार्रवाई के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

नोट: विमान की तलाशी में क्या मिला, धमकी कहां से आई और जांच में क्या निष्कर्ष निकले, इस बारे में अंतिम पुष्टि उपलब्ध होने पर ही अधिक स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।

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