गूगल के फास्ट पेयर ब्लूटूथ प्रोटोकॉल में पाई गई सुरक्षा खामियों के कारण हैकर्स व्हिसपर पेयर अटैक के जरिए इयरबड्स और अन्य ऑडियो डिवाइस हाईजैक कर सकते हैं। इससे यूजर की बातचीत सुनी जा सकती है और लोकेशन ट्रैक की जा सकती है। गूगल ने सुरक्षा अपडेट जारी कर इस खतरे को रोकने की तैयारी की है।
Bluetooth Security Risk: हाल ही में सुरक्षा शोधकर्ताओं ने गूगल के फास्ट पेयर प्रोटोकॉल में खामी का खुलासा किया है, जिससे इयरबड्स और अन्य ब्लूटूथ ऑडियो डिवाइस हाईजैक किए जा सकते हैं। इस व्हिसपर पेयर अटैक के तहत हैकर्स यूजर की बातचीत सुन सकते हैं और रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं। यह खतरा एंड्रॉयड और ChromeOS यूजर्स को प्रभावित कर सकता है। गूगल ने सुरक्षा खामियों को स्वीकार करते हुए फास्ट पेयर और फाइंड हब के लिए अपडेट जारी किए हैं ताकि यूजर्स सुरक्षित रहें और किसी भी अनजान डिवाइस से पेयरिंग से बचा जा सके।
फास्ट पेयर और व्हिसपर पेयर अटैक
गूगल ने ब्लूटूथ डिवाइस को एंड्रॉयड और ChromeOS प्रोडक्ट्स से तेजी से कनेक्ट करने के लिए फास्ट पेयर नामक प्रोटोकॉल विकसित किया था। इसी प्रोटोकॉल में सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर अटैक को व्हिसपर पेयर कहा गया है।
इस अटैक में हैकर्स टारगेट डिवाइस को हाईजैक करके ऑडियो कंट्रोल हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा, गूगल और सोनी के कई डिवाइस में फाइंड हब नामक जियोलोकेशन ट्रैकिंग फीचर है, जिससे हैकर्स यूजर की रियल-टाइम लोकेशन भी ट्रैक कर सकते हैं।

गूगल की प्रतिक्रिया और सुरक्षा अपडेट
सिक्योरिटी रिसर्चर के खुलासे के बाद गूगल ने फास्ट पेयर में खामी होने की पुष्टि की है। कंपनी ने बताया कि अब तक लैब के बाहर इसका दुरुपयोग नहीं हुआ है, लेकिन यह लगातार निगरानी में है।
गूगल ने व्हिसपर पेयर जैसे खतरे से बचाव के लिए फास्ट पेयर और फाइंड हब दोनों के लिए सुरक्षा अपडेट जारी किए हैं। यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने ऑडियो एक्सेसरीज को समय पर अपडेट करें और अनजान डिवाइस से पेयरिंग करने से बचें।
इयरबड्स और ब्लूटूथ डिवाइस भी अब निजी जानकारी के लिए खतरा बन सकते हैं। सुरक्षा खामियों के कारण हैकर्स डिवाइस हाईजैक कर ऑडियो सुनने और लोकेशन ट्रैक करने में सक्षम हो सकते हैं। गूगल के सुरक्षा अपडेट इसे रोकने की दिशा में पहला कदम हैं, लेकिन यूजर्स को सावधानी बरतना जरूरी है।













