Jailer 2 Review: रजनीकांत के स्वैग ने जीता दिल, लेकिन कमजोर कहानी ने किया निराश; ऋतिक रोशन का कैमियो दमदार

Jailer 2 Review in Hindi: रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' में उनका दमदार स्वैग दर्शकों का दिल जीतता है, लेकिन कमजोर कहानी निराश करती है। वहीं, ऋतिक रोशन का कैमियो

सिनेमा जगत के थलाइवा रजनीकांत का स्वैग और स्टाइल हमेशा से उनके फैंस के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहा है। उनके चलने-बोलने से लेकर चश्मा घुमाने और सिगार जलाने तक का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आता है।

  • मूवी रिव्यू: जेलर 2
  • ऐक्टर: रजनीकांत, राम्या कृष्णन, मिथुन चक्रवर्ती, विद्या बालन, एसजे सूर्या, योगी बाबू, मोहनलाल, सूरज वेंजारामूडु, नमो नारायण, शिवा राजकुमार, ऋतिक रोशन
  • श्रेणी: Tamil,Hindi, Action, Drama, Comedy, Crime
  • डायरेक्टर: नेल्सन दिलीपकुमार
  • अवधि: 2 Hrs 45 Min

Jailer 2 Movie Review: सुपरस्टार रजनीकांत की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जेलर 2’ 15 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस एक्शन-ड्रामा फिल्म में रजनीकांत के साथ राम्या कृष्णन, मिथुन चक्रवर्ती, विद्या बालन और एसजे सूर्या जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म में कई बड़े सितारों की मौजूदगी और खास कैमियो इसे चर्चा का विषय बनाते हैं। हालांकि, जहां रजनीकांत का दमदार अंदाज और एक्शन दर्शकों को आकर्षित करता है, वहीं दूसरे हिस्से में कहानी की कमजोर पकड़ फिल्म के अनुभव को थोड़ा प्रभावित करती है।

क्या है ‘जेलर 2’ की कहानी?

फिल्म की कहानी पिछली फिल्म ‘जेलर’ के घटनाक्रम को आगे बढ़ाती है। रिटायर्ड जेलर टाइगर मुथुवेल पांडियन का किरदार निभा रहे रजनीकांत अब अपनी पुरानी हिंसक जिंदगी से दूर परिवार के साथ सामान्य जीवन बिताना चाहते हैं। उनकी पत्नी विजया, बहू श्वेता और पोते के साथ जिंदगी शांतिपूर्ण नजर आती है, लेकिन अतीत के दुश्मन उनकी दुनिया में फिर से उथल-पुथल मचा देते हैं।

कहानी में प्राचीन मूर्तियों की तस्करी से जुड़ा एक आपराधिक नेटवर्क अहम भूमिका निभाता है। दिलीप का किरदार अपने दोस्त वर्मन की मौत का बदला लेने के लिए मुथुवेल पांडियन को चुनौती देता है। दूसरी ओर, इस नेटवर्क से जुड़े बोधि कल्पक और उसके परिवार की मौजूदगी संघर्ष को और पेचीदा बनाती है।

मुथु के सामने चुनौती सिर्फ दुश्मनों से लड़ने की नहीं, बल्कि अपने परिवार को सुरक्षित रखने की भी है। फिल्म इसी संघर्ष के बीच एक्शन, कॉमेडी और भावनात्मक दृश्यों को जोड़कर आगे बढ़ती है।

रजनीकांत का स्वैग फिल्म की सबसे बड़ी ताकत

‘जेलर 2’ का सबसे मजबूत पक्ष रजनीकांत की स्क्रीन प्रेजेंस है। उनकी संवाद अदायगी, अंदाज और एक्शन सीक्वेंस फिल्म को वह मास अपील देते हैं, जिसकी उम्मीद उनके प्रशंसक करते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी बड़े पर्दे पर उनका प्रभाव कम नहीं होता और कई दृश्यों में वह अकेले ही फिल्म का रोमांच बढ़ा देते हैं।

खास तौर पर इंटरवल से पहले आने वाला जन्मदिन का दृश्य प्रभावशाली है। फिल्म में ऐसे कई पल हैं, जिन्हें रजनीकांत के प्रशंसक खूब पसंद कर सकते हैं। हालांकि, कुछ जगह ऐसा भी महसूस होता है कि कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय अभिनेता के स्टारडम पर ज्यादा भरोसा किया गया है।

पहले हाफ में मनोरंजन, दूसरे हिस्से में कमजोर पड़ती कहानी

निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार ने सीक्वल को एक बड़े कमर्शियल एंटरटेनर के रूप में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म के पहले हिस्से में कॉमेडी, एक्शन और मनोरंजन का अच्छा मेल देखने को मिलता है। योगी बाबू अपने हास्यपूर्ण अंदाज से कई दृश्यों को मजेदार बनाते हैं। अनिरुद्ध का बैकग्राउंड म्यूजिक और विजय कार्तिक कन्नन की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के माहौल को प्रभावी बनाते हैं। एक्शन दृश्यों में संगीत का इस्तेमाल रजनीकांत की एंट्री और उनके प्रमुख पलों को ज्यादा दमदार बनाता है।

हालांकि, सेकंड हाफ में कहानी की रफ्तार और प्रभाव दोनों कमजोर पड़ते हैं। मुख्य खलनायकों और उनके परिवार से जुड़ा ट्रैक अपेक्षित रोमांच पैदा नहीं कर पाता। फिल्म का भावनात्मक पक्ष भी पहली ‘जेलर’ की तुलना में उतना मजबूत महसूस नहीं होता। नोरा फतेही का डांस नंबर भी पिछली फिल्म के लोकप्रिय गाने ‘कावाला’ जैसी छाप छोड़ने में पीछे नजर आता है।

सितारों की फौज और ऋतिक रोशन का कैमियो

फिल्म में कई अनुभवी कलाकार मौजूद हैं। राम्या कृष्णन, मिथुन चक्रवर्ती, विद्या बालन और एसजे सूर्या अपने-अपने किरदारों में नजर आते हैं, लेकिन कमजोर लेखन के कारण उनके पात्रों को उतनी गहराई नहीं मिल पाती, जितनी उनसे उम्मीद की जा सकती थी। दूसरी ओर, मोहनलाल, शिवा राजकुमार और जैकी श्रॉफ की मौजूदगी के साथ ऋतिक रोशन और विजय सेतुपति के कैमियो फिल्म में उत्साह बढ़ाते हैं। 

इन खास प्रस्तुतियों से कहानी को बड़े स्तर का एहसास मिलता है और दर्शकों के लिए कुछ यादगार पल बनते हैं। क्लाइमेक्स में अगले भाग की संभावित झलक भी दिखाई जाती है, जो फ्रेंचाइजी के प्रशंसकों की उत्सुकता बढ़ा सकती है।

देखें या नहीं?

‘जेलर 2’ उन दर्शकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है, जिन्हें रजनीकांत का स्टाइल, बड़े एक्शन दृश्य और सितारों से सजी मनोरंजक फिल्में पसंद हैं। फिल्म में संगीत, कॉमेडी और स्टार पावर के कई आकर्षक पल हैं। लेकिन मजबूत कहानी, प्रभावशाली खलनायक और भावनात्मक गहराई की उम्मीद करने वाले दर्शकों को कुछ निराशा हो सकती है।

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