जयपुर में पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार को होगा। जिला परिषद के 22 वार्डों और आठ पंचायत समितियों के 146 वार्डों में वोट डाले जाएंगे। मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक चलेगा।
जयपुर: राजधानी जयपुर में पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार को मतदान होगा। जिला परिषद के 22 वार्डों और आठ पंचायत समितियों के सभी 146 वार्डों में मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डालेंगे। जिला परिषद के वार्डों में 60 उम्मीदवार और आठ पंचायत समितियों में 415 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान की तैयारियों के तहत बुधवार को भवानी निकेतन परिसर स्थित फार्मेसी कॉलेज से पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक के निर्देशन में मतदान दलों की रवानगी की प्रक्रिया पूरी की गई। मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे तक चलेगा। प्रशासन की ओर से निर्धारित मतदान केंद्रों पर चुनाव कराने की व्यवस्था की गई है।
जयपुर जिला परिषद के 22 वार्डों में होगा मतदान
पहले चरण में जयपुर जिला परिषद के कुल 22 वार्डों के लिए मतदान कराया जाएगा। इनमें वार्ड संख्या 1 से 10 और वार्ड संख्या 15 से 26 शामिल हैं। इन वार्डों में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाता करेंगे।
जिला परिषद के चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय विकास और जनप्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों और स्थानीय जरूरतों को संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने में अहम होती है। ऐसे में पहले चरण के मतदान पर उम्मीदवारों के साथ-साथ राजनीतिक दलों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय संगठनों की नजर रहेगी।
जिला परिषद के साथ पंचायत समिति के वार्डों में भी मतदान होने से मतदाताओं को स्थानीय निकाय के दो स्तरों पर अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा।
आठ पंचायत समितियों के 146 वार्डों में चुनाव
जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों के सभी 146 वार्डों में गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। इनमें गोविंदगढ़, चौमूं, किशनगढ़-रेनवाल, जोबनेर, झोटवाड़ा, सांभरलेक, दूदू और मौजमाबाद पंचायत समितियां शामिल हैं।
इन पंचायत समितियों के वार्ड सदस्य पदों के लिए कुल 415 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवारों की भूमिका मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, मतदान से पहले किसी उम्मीदवार की जीत या हार का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं से अपील है कि वे अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान करें और निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
एक मतदाता डालेगा दो वोट
पहले चरण के मतदान में मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र पर दो अलग-अलग वोट डालने होंगे। पहला वोट जिला परिषद के वार्ड सदस्य के लिए होगा, जबकि दूसरा वोट संबंधित पंचायत समिति के वार्ड सदस्य के लिए डाला जाएगा।
इसके लिए मतदान केंद्र पर दो अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) रखी जाएंगी। मतदाता को दोनों मशीनों पर अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने बटन दबाकर वोट देना होगा। इस व्यवस्था से जिला परिषद और पंचायत समिति के प्रतिनिधियों का चुनाव अलग-अलग किया जाएगा।
मतदान केंद्र पर पहुंचने वाले मतदाताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि दोनों पदों के लिए मतदान करना अलग-अलग प्रक्रिया है। किसी एक मशीन पर वोट डालने के बाद दूसरी मशीन पर भी अपने पसंदीदा उम्मीदवार का चयन करना होगा। मतदान कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने से प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
797 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग
आठ पंचायत समितियों के 146 वार्ड सदस्य पदों के चुनाव के लिए कुल 797 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर मतदान दलों की तैनाती की जाएगी। बुधवार को भवानी निकेतन स्थित फार्मेसी कॉलेज से पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया, ताकि मतदान के दिन निर्धारित समय पर चुनाव प्रक्रिया शुरू हो सके।
मतदान केंद्रों की व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पोलिंग पार्टियों को संबंधित केंद्रों पर पहुंचकर मतदान सामग्री और मशीनों के साथ निर्धारित जिम्मेदारियां निभानी होंगी। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा।
मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे मतदान केंद्र पर जाने से पहले अपना नाम मतदाता सूची में जांच लें और आवश्यक पहचान दस्तावेज साथ रखें। मतदान संबंधी किसी भी संशय की स्थिति में स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
24 अक्टूबर को सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतदान
पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति के वार्ड सदस्यों के चुनाव के बाद इन्हीं आठ पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया भी आयोजित की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उसी दिन देर शाम तक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा।
सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय प्रतिनिधियों के चयन के लिए महत्वपूर्ण हैं। ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर काम करती हैं। इसलिए इन पदों के लिए होने वाला मतदान ग्रामीण मतदाताओं के लिए खास महत्व रखता है।
मतदान के बाद होगी मतगणना
सरपंच और वार्ड पंच के लिए 24 अक्टूबर को मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू की जाएगी। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, मतगणना के बाद देर रात तक परिणाम घोषित किए जाने की योजना है। परिणामों से संबंधित आधिकारिक जानकारी निर्वाचन अधिकारियों की ओर से जारी की जाएगी।
मतदान और मतगणना के दौरान चुनाव संबंधी नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को भी प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। किसी भी विवाद या शिकायत के लिए निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।
जयपुर पंचायत चुनाव पर रहेगी नजर
जयपुर में पहले चरण का मतदान जिला परिषद और पंचायत समिति के प्रतिनिधियों के चयन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। जिला परिषद के 22 वार्डों में 60 उम्मीदवार और आठ पंचायत समितियों के 146 वार्डों में 415 उम्मीदवार मैदान में हैं। गुरुवार को होने वाले मतदान में मतदाता दोनों स्तरों के प्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग वोट डालेंगे।
इसके बाद 24 अक्टूबर को संबंधित ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान होगा। इस तरह जयपुर जिले में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया कई चरणों में आगे बढ़ेगी। मतदाताओं की भागीदारी और निर्वाचन प्रक्रिया का सुचारु संचालन इन चुनावों के प्रमुख पहलू रहेंगे।









