जयपुर में SMS मेडिकल कॉलेज के HOD डॉ. एनएल डिसानिया ने की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के HOD डॉ. एन.एल. डिसानिया ने आत्महत्या कर ली। झोटवाड़ा स्थित घर में शव मिला, पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम जारी।

जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस विभाग के HOD और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. एन.एल. डिसानिया ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। झोटवाड़ा स्थित घर में उनका शव मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक दुखद घटना सामने आई है। सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस विभाग के प्रमुख (HOD) और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. एन.एल. डिसानिया (58) ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। मंगलवार देर रात झोटवाड़ा थाना क्षेत्र के अग्रसेन नगर स्थित उनके आवास पर उनका शव फंदे से लटका मिला।

डॉ. डिसानिया की मौत की खबर सामने आते ही मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा जगत में शोक की लहर फैल गई। वह लंबे समय से SMS मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए थे और करीब तीन दशक तक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सेवाएं दे चुके थे।

परिवार शादी समारोह में गया था, लौटने पर मिली घटना की जानकारी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के समय डॉ. डिसानिया घर पर अकेले थे। मंगलवार रात परिवार के अन्य सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने गए हुए थे। देर रात जब परिवार के लोग वापस लौटे तो उन्होंने डॉ. डिसानिया को कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया।

परिजनों ने तुरंत उन्हें नीचे उतारा और इलाज के लिए खातीपुरा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को SMS अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, जहां से पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखा गया।

SMS अस्पताल पहुंचे वरिष्ठ डॉक्टर और अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही SMS मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी तथा कई वरिष्ठ डॉक्टर मॉर्च्युरी पहुंचे। मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया में डॉक्टर प्रियंका शर्मा, डॉक्टर ज्ञान प्रकाश गौड़ और डॉक्टर श्वेता गोयल की टीम शामिल है। 

पुलिस और मेडिकल टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर पर कुछ निशान मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, इन निशानों की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आर्थिक मामले को लेकर तनाव की आशंका

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि डॉ. डिसानिया पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिवार के एक सदस्य से जुड़ा आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया था, जिसके कारण वह परेशान चल रहे थे।

हालांकि, इस मामले में परिवार की ओर से कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों के बयान, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

डॉ. डिसानिया का लंबा चिकित्सा करियर

डॉ. एन.एल. डिसानिया SMS मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस विभाग के प्रतिष्ठित शिक्षकों में शामिल थे। उन्होंने करीब 30 वर्षों तक मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया।

उनके मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में मेडिकल छात्रों ने पढ़ाई की। चिकित्सा क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और अनुभव के कारण उन्हें संस्थान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनका बेटा भी मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहा है।

दामाद भी SMS अस्पताल में न्यूरोसर्जन

डॉ. डिसानिया का परिवार चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनके दामाद डॉ. सुरेश चौधरी भी SMS अस्पताल में न्यूरोसर्जन के पद पर कार्यरत हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और उनके सहयोगी डॉक्टरों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

झोटवाड़ा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। अभी तक पुलिस की ओर से किसी सुसाइड नोट मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच अधिकारी परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

चिकित्सा जगत में शोक का माहौल

डॉ. डिसानिया की अचानक मौत से SMS मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा समुदाय में गहरा दुख है। सहकर्मी डॉक्टरों और छात्रों ने उन्हें अनुभवी शिक्षक और समर्पित चिकित्सक के रूप में याद किया। उनकी मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है।

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