जालंधर में फ्रेंड्स क्लब के नाम पर साइबर ठगी, 500 रुपये देने के बाद खाते से उड़े 50 हजार

जालंधर में फ्रेंड्स क्लब की सदस्यता के नाम पर साइबर ठगी हुई। 500 रुपये जमा करने के बाद पीड़ित के खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए।

जालंधर में 55 वर्षीय व्यक्ति 'फ्रेंड्स क्लब' की सदस्यता के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गया। 500 रुपये का भुगतान करने के कुछ मिनट बाद उसके बैंक खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है।

जालंधर: पंजाब के जालंधर में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कराने का झांसा देकर एक व्यक्ति से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। कथित 'फ्रेंड्स क्लब' की सदस्यता दिलाने के नाम पर पहले 500 रुपये जमा कराए गए और इसके कुछ ही मिनट बाद पीड़ित के बैंक खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने लोगों से ऐसे ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहने की अपील की है।

सोशल मीडिया लिंक से शुरू हुई ठगी

जालंधर के अर्बन एस्टेट निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि कुछ महीने पहले उन्हें फेसबुक पर नए दोस्त बनाने से जुड़ी एक पोस्ट दिखाई दी थी। उन्होंने केवल उस लिंक पर क्लिक किया था, लेकिन बाद में उस पोस्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कुछ समय बाद उन्हें एक विशेष ऑफर का लिंक भेजा गया, जिसमें मात्र 500 रुपये में कथित 'फ्रेंड्स क्लब' की सदस्यता और आसपास रहने वाली युवतियों से संपर्क कराने का दावा किया गया था।

जालंधर में फ्रेंड्स क्लब के नाम पर साइबर ठगी, 500 रुपये देने के बाद खाते से उड़े 50 हजार

पीड़ित ने जब लिंक खोला तो उनसे व्हाट्सएप के लिए मोबाइल नंबर दर्ज करने को कहा गया। नंबर दर्ज करने के कुछ ही समय बाद उनके पास एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को 'रिया' बताते हुए क्लब की सदस्यता का प्रस्ताव दिया। इसके बाद व्हाट्सएप पर कुछ लिंक और जानकारी भेजी गई, जिससे पीड़ित का भरोसा जीतने की कोशिश की गई।

500 रुपये जमा करते ही खाते से निकले 50 हजार

बातचीत के दौरान महिला ने प्रीमियम सदस्यता और गोपनीयता बनाए रखने के नाम पर 500 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा। पीड़ित ने भेजे गए लिंक के माध्यम से भुगतान कर दिया और सदस्यता कोड का इंतजार करने लगे।

कुछ ही मिनट बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते से 50 हजार रुपये निकाले जाने का संदेश आया। पीड़ित के अनुसार, खाते में लगभग इतनी ही राशि मौजूद थी। उन्होंने बताया कि यदि उन्होंने किसी दूसरे खाते का इस्तेमाल किया होता तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था।

घटना की जानकारी उन्होंने अपने एक परिचित को दी, जिसने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

साइबर अपराधियों का नया तरीका

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ठग अब सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों को आकर्षक ऑफर दिखाकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। दोस्ती, नौकरी, निवेश या डेटिंग जैसे प्रस्ताव देकर पहले भरोसा बनाया जाता है और फिर बैंकिंग या भुगतान संबंधी जानकारी हासिल कर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, अज्ञात व्यक्ति के कहने पर भुगतान करने या निजी जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए। केवल वीडियो कॉल या सोशल मीडिया प्रोफाइल देखकर किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं माना जाता।

ऐसे रहें साइबर ठगी से सुरक्षित

पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या ऑफर पर बिना जांच के भरोसा न करें। बैंक खाते, ओटीपी, कार्ड विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति जल्दबाजी में भुगतान करने का दबाव बनाता है या अवास्तविक लाभ का दावा करता है, तो उसे संदेह की नजर से देखें।

यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत बैंक को सूचित करें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में धन की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।

Leave a comment