जालौन में गविष्टि यात्रा के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लोगों से गौसेवा करने वाले उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने गाय को माता का दर्जा देने और कालपी में भव्य गौधाम निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
जालौन: गोरक्षा और गौसेवा के मुद्दे को लेकर निकाली जा रही गविष्टि यात्रा के दौरान ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जालौन में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को दल नहीं, बल्कि गौसेवा के प्रति समर्पण को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही गाय को माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए व्यापक प्रयासों की जरूरत बताई।
गौसेवा के आधार पर मतदान की अपील
81 दिवसीय गविष्टि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा पर निकले अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार रात मां वनखंडी देवी मंदिर परिसर में रुके। सोमवार सुबह आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करना चाहिए जो गौसेवा और गौ संरक्षण के लिए कार्य करते हों।
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उन्होंने कहा कि मतदाताओं को चुनाव के समय यह देखना चाहिए कि कौन व्यक्ति या संगठन गौवंश के संरक्षण और सेवा के लिए वास्तविक प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, गौसेवा को सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।
गाय को माता का दर्जा देने की मांग
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा और संस्कृति में गाय को माता का स्थान दिया गया है, लेकिन सरकारी अभिलेखों में उसे अन्य पशुओं की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गाय को विशेष दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को मिलकर इस दिशा में प्रयास करना चाहिए ताकि गाय के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को और मजबूत किया जा सके।
कालपी में भव्य गौधाम बनाने का सुझाव
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कालपी क्षेत्र में एक बड़े और आधुनिक गौधाम के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि यह गौधाम केवल दुग्ध उत्पादन के उद्देश्य से नहीं, बल्कि गौवंश की सेवा और संरक्षण के लिए बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे सकता है। उनके अनुसार, जनसहयोग से एक ऐसा केंद्र विकसित किया जा सकता है जहां गौवंश की बेहतर देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
गौ संरक्षण और निर्यात के मुद्दे पर उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश में मांस निर्यात और गौ संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण के मुद्दे पर गंभीर और ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने सरकारों और समाज से इस विषय पर व्यापक चर्चा और प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। यात्रा के दौरान लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया और गौ संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की।









