जमशेदपुर के होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस को लगातार नए सुराग मिल रहे हैं। चांडिल थाना क्षेत्र के एनएच-33 स्थित टेंथ माइल स्टोन होटल में कारोबारी की गोली मारकर हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल से लेकर संभावित फरारी के रास्तों तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। जांच में शूटरों की कार का सुराग मिला है और पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आरोपी झारखंड के रास्ते बिहार की ओर भागे थे।
पुलिस जांच में निखार सबलोक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज भी अहम कड़ी साबित हो रहे हैं। पुलिस ने घटना से पहले और बाद में कारोबारी के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई है। इसी आधार पर हत्याकांड की साजिश, रेकी और शूटरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि निखार जमीन की डीलिंग से जुड़े काम के सिलसिले में कई लोगों के संपर्क में थे।
हत्याकांड के बाद पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे कैमरों के साथ-साथ कई टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। करीब 50 से अधिक स्थानों के फुटेज की जांच किए जाने की बात सामने आई है। इसी दौरान गालूडीह के पुतरु टोल प्लाजा के कैमरे में संदिग्ध कार की तस्वीर पुलिस के हाथ लगी। इसके आधार पर पुलिस ने एक युवक को घाटशिला से गिरफ्तार किया है।
जांच के मुताबिक, वारदात के बाद हमलावर कार से घाटशिला की ओर निकले थे। पुलिस ने उनकी गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लाजा के फुटेज खंगाले। इसी क्रम में बिहार की ओर जाने वाले संभावित रास्तों पर भी नजर रखी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों के बिहार की ओर भागने की आशंका को देखते हुए बिहार के कुछ इलाकों में भी छापेमारी की गई है।
इस मामले में पुलिस की जांच केवल शूटरों तक सीमित नहीं है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किसने रची, कारोबारी की रेकी किसने की और शूटरों को घटनास्थल तक पहुंचाने तथा वारदात के बाद भगाने में किन लोगों ने मदद की। हालिया जांच में रेकी करने वाले तीन युवकों समेत कई संदिग्धों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि शूटर कथित तौर पर वारदात से पहले करीब एक सप्ताह से जमशेदपुर में मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, सोनारी के कुछ युवकों ने कथित तौर पर निखार की गतिविधियों और आने-जाने की जानकारी शूटरों तक पहुंचाई थी। पहले कदमा स्थित विजया हेरिटेज में वारदात की योजना बनाए जाने की बात भी सामने आई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कथित तौर पर योजना बदल दी गई। इसके बाद हाईवे किनारे स्थित टेंथ माइल स्टोन होटल को निशाना बनाया गया।
बताया जा रहा है कि निखार पिछले कुछ दिनों से जमीन की डीलिंग के सिलसिले में इसी होटल में बैठक के लिए जा रहे थे। आरोपियों ने उनकी इस गतिविधि पर नजर रखी और मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
वारदात के बाद दोनों शूटरों के होटल से निकलने का तरीका भी जांच का हिस्सा है। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर मुख्य सड़कों तक के सीसीटीवी फुटेज को जोड़कर उनकी पूरी मूवमेंट का पता लगाने की कोशिश की है। इसी कड़ी में कार की पहचान हुई और पुलिस को आरोपियों के संभावित रूट का सुराग मिला।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती दूसरे शूटर और कथित साजिशकर्ता तक पहुंचने की है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने एक शूटर को बिहार से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है और दूसरे की तलाश में छापेमारी जारी है। जांच टीम झारखंड के अलावा बिहार में भी कार्रवाई कर रही है।
मामले में सुपारी देकर हत्या कराए जाने की आशंका भी जांच के दायरे में है। एक रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से करीब 10 लाख रुपये में हत्या की कथित डील होने की बात कही गई है। हालांकि, इसे फिलहाल पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बजाय जांच से जुड़ा दावा ही माना जाना चाहिए।
पुलिस की जांच में कारोबारी के मोबाइल से मिले डेटा को खास महत्व दिया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले निखार किन लोगों के संपर्क में थे, किन नंबरों पर बार-बार बातचीत हुई और घटना के आसपास संदिग्ध लोगों की लोकेशन क्या थी। मोबाइल डेटा को सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के साथ मिलाकर देखा जा रहा है।
इस हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण पहलू गैंगवार की आशंका से जुड़ा है। पुलिस कुछ ऐसे लोगों से भी पूछताछ कर रही है जिनके पुराने आपराधिक नेटवर्क या जमीन के कारोबार से जुड़े संपर्क बताए जा रहे हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति को हत्याकांड का आरोपी मानने से पहले पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
घटना के बाद पुलिस ने निखार के साथ होटल में मौजूद लोगों से भी पूछताछ की। प्रत्यक्षदर्शियों और उनके साथ मौजूद लोगों से मिली जानकारी को सीसीटीवी फुटेज से मिलाया जा रहा है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि शूटर होटल तक कैसे पहुंचे, वारदात के समय कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे और गोलीबारी के बाद आरोपियों को भागने में किसने मदद की।
जांच का दायरा अब झारखंड से निकलकर बिहार तक पहुंच चुका है। शूटरों के संभावित बिहार कनेक्शन को देखते हुए पुलिस की टीमें वहां भी सक्रिय हैं। टोल प्लाजा के फुटेज और कार की पहचान पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई है। इसी आधार पर फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने एक शूटर को बिहार से गिरफ्तार करने की जानकारी सामने आई है, जबकि दूसरे की तलाश जारी बताई जा रही है। साथ ही रेकी और साजिश में कथित तौर पर शामिल लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस का दावा है कि जांच में कई महत्वपूर्ण कड़ियां जुड़ चुकी हैं और जल्द ही पूरे हत्याकांड की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
निखार सबलोक की हत्या के बाद जमशेदपुर के कारोबारी और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा है। हाईवे स्थित होटल में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इसके पीछे कितने लोग शामिल थे।
कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा की रिकॉर्डिंग को जोड़कर पुलिस जिस तरह जांच आगे बढ़ा रही है, उससे हत्याकांड की कई परतें खुलने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे अहम कड़ी शूटरों की पहचान और उनके भागने का रूट है। एक शूटर की गिरफ्तारी के बाद जांच को और गति मिलने की उम्मीद है, जबकि दूसरे शूटर और कथित साजिशकर्ता की तलाश में छापेमारी जारी है।