फीफा वर्ल्ड कप में जापान और स्वीडन ने 1-1 से ड्रॉ खेलकर नॉकआउट में जगह बनाई। दूसरी ओर नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर ग्रुप-एफ में शीर्ष स्थान हासिल किया और अगले दौर का टिकट पक्का किया।
FIFA WORLD CUP 2026: फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप-एफ में खेले गए अंतिम मुकाबलों ने नॉकआउट चरण की तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी। एक ओर जापान और स्वीडन के बीच खेला गया मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिससे दोनों टीमों ने अगले दौर के लिए क्वालीफाई कर लिया। वहीं दूसरी ओर नीदरलैंड्स ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए ट्यूनीशिया को 3-1 से हराया और ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया।
ग्रुप चरण के इन मुकाबलों में आक्रामक फुटबॉल, तेज़ रफ्तार खेल और महत्वपूर्ण गोल देखने को मिले। अब सभी चारों टीमों का ध्यान नॉकआउट दौर की चुनौतियों पर होगा, जहां हर मैच जीत या बाहर होने का फैसला करेगा।
जापान और स्वीडन ने खेला 1-1 का रोमांचक ड्रॉ
डलास स्टेडियम में खेले गए जापान और स्वीडन के मुकाबले में दोनों टीमों ने संतुलित प्रदर्शन किया। पहला हाफ गोलरहित समाप्त हुआ, लेकिन दूसरे हाफ में मैच पूरी तरह बदल गया।
दोनों टीमों ने शुरुआती 45 मिनट में एक-दूसरे की रक्षापंक्ति को भेदने की कई कोशिशें कीं, लेकिन कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। दोनों गोलकीपरों ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीमों को मैच में बनाए रखा।
दाइजेन माएदा ने जापान को दिलाई बढ़त
दूसरे हाफ की शुरुआत के बाद जापान ने अपनी गति बढ़ा दी। 56वें मिनट में रित्सु दोआन ने बेहतरीन मूव बनाते हुए दाइजेन माएदा को शानदार पास दिया। माएदा ने बिना समय गंवाए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर जापान को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद जापानी खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ गया और टीम ने कुछ समय तक खेल पर नियंत्रण बनाए रखा।
एंथनी एलांगा ने छह मिनट बाद की बराबरी
हालांकि जापान की बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। 62वें मिनट में स्वीडन के एंथनी एलांगा ने बॉक्स के बाहर से शानदार बाएं पैर का शक्तिशाली शॉट लगाया, जिसे जापानी गोलकीपर रोक नहीं सके। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 हो गया और मुकाबला फिर से पूरी तरह खुल गया। एलांगा का यह इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल था। उन्होंने एक बार फिर महत्वपूर्ण समय पर अपनी टीम के लिए निर्णायक योगदान दिया।
दोनों टीमों ने सुरक्षित रखा नॉकआउट का टिकट
बराबरी के बाद दोनों टीमों ने संतुलित खेल दिखाया और अनावश्यक जोखिम लेने से बचीं। अंतिम सीटी बजने तक कोई और गोल नहीं हुआ और मुकाबला 1-1 से समाप्त हुआ। इस परिणाम के साथ स्वीडन ग्रुप-एफ में पहले स्थान पर रहा, जबकि जापान दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंच गया। स्वीडन ने लगातार चौथी बार इस प्रतियोगिता के नॉकआउट चरण में जगह बनाई, जबकि जापान ने तीसरी बार यह उपलब्धि हासिल की।
जापान ने बनाया नया गोल रिकॉर्ड
हालांकि जापान मुकाबला जीत नहीं सका, लेकिन टीम ने इस विश्व कप में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। दाइजेन माएदा के गोल के साथ जापान इस संस्करण में कुल सात गोल कर चुका है, जो किसी एक विश्व कप संस्करण में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले जापान ने 2018 विश्व कप में कुल छह गोल किए थे। यह आंकड़ा बताता है कि जापानी टीम पिछले कुछ वर्षों में आक्रामक फुटबॉल खेलने की दिशा में लगातार प्रगति कर रही है।
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नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराया
ग्रुप-एफ के दूसरे मुकाबले में नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। कैनसस सिटी स्टेडियम में बारिश के बीच खेले गए इस मैच में डच टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और शुरुआती मिनटों में ही मुकाबले की दिशा तय कर दी। इस जीत के साथ नीदरलैंड्स ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहा और आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट चरण में प्रवेश किया।
शुरुआती मिनटों में मिला आत्मघाती गोल
मैच की शुरुआत में ही नीदरलैंड्स को किस्मत का भी साथ मिला। डेंजेल डम्फ्रीस द्वारा भेजी गई क्रॉस को क्लियर करने के प्रयास में ट्यूनीशिया के कप्तान एलियास स्कीरी ने गेंद अपने ही गोल में डाल दी। इस आत्मघाती गोल से डच टीम को शुरुआती बढ़त मिल गई और ट्यूनीशिया दबाव में आ गया।
ब्रायन ब्रॉबी ने बढ़ाई बढ़त
सिर्फ सातवें मिनट में नीदरलैंड्स ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। वर्जिल वैन डाइक के शानदार हेडर को ब्रायन ब्रॉबी ने बेहतरीन तरीके से गोल में बदल दिया। यह ब्रॉबी का इस टूर्नामेंट में तीसरा गोल था और उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वह टीम के सबसे भरोसेमंद आक्रमणकारियों में शामिल हैं।
ट्यूनीशिया ने वापसी की कोशिश की
दूसरे हाफ में ट्यूनीशिया ने मुकाबले में लौटने की पूरी कोशिश की। 54वें मिनट में हाजेम मस्तूरी ने कॉर्नर किक पर शानदार हेडर लगाकर अपनी टीम के लिए पहला गोल किया। इस गोल के बाद ऐसा लगा कि ट्यूनीशिया मुकाबले में वापसी कर सकता है, लेकिन डच टीम ने जल्द ही खेल पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया।
दूसरा आत्मघाती गोल बना निर्णायक
62वें मिनट में नीदरलैंड्स ने तीसरा गोल हासिल किया, लेकिन यह भी विपक्षी टीम के आत्मघाती गोल की बदौलत आया। जान पॉल वान हेके के हेडर को रोकने की कोशिश में ट्यूनीशिया के अनिस स्लिमाने से गेंद अपने ही गोल में चली गई। यह दूसरा आत्मघाती गोल था जिसने ट्यूनीशिया की वापसी की सभी उम्मीदों को समाप्त कर दिया। इसके बाद डच टीम ने संयमित खेल दिखाते हुए 3-1 की बढ़त को अंत तक बनाए रखा।
नॉकआउट चरण में दिलचस्प मुकाबले
ग्रुप-एफ के परिणामों के बाद अब नॉकआउट दौर के मुकाबले भी तय हो गए हैं। ग्रुप विजेता नीदरलैंड्स का सामना राउंड ऑफ-32 में ग्रुप-सी की उपविजेता मोरक्को से होगा। वहीं जापान के सामने कठिन चुनौती होगी, क्योंकि उसे पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील से भिड़ना है। स्वीडन भी नॉकआउट चरण में अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तैयारी करेगा।
ग्रुप-एफ से मिले महत्वपूर्ण संकेत
ग्रुप-एफ के मुकाबलों ने यह स्पष्ट कर दिया कि आधुनिक फुटबॉल में केवल स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। जापान ने तेज़ पासिंग, अनुशासित टीमवर्क और सामूहिक प्रदर्शन से प्रभावित किया, जबकि स्वीडन ने अनुभव और संतुलित रणनीति के दम पर शीर्ष स्थान हासिल किया।
दूसरी ओर नीदरलैंड्स ने दिखाया कि शुरुआती बढ़त मिलने के बाद मैच को नियंत्रित करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि ट्यूनीशिया ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन रक्षात्मक गलतियां और दो आत्मघाती गोल उसके लिए भारी साबित हुए।










