जेवर में 10 करोड़ से बना नेशनल हाईवे 15 दिन में दूसरी बार उखड़ा, मानसून बाद होगा दोबारा निर्माण

जेवर में 10 करोड़ से बनी NH-334DD सड़क 15 दिन में दूसरी बार उखड़ी। एजेंसी का भुगतान रोका गया, मानसून बाद दोबारा निर्माण होगा।

जेवर में हामिदपुर-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग का हाल ही में हुआ निर्माण 15 दिनों के भीतर दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गया। शिकायतों के बाद निर्माण एजेंसी का भुगतान रोक दिया गया है और अब मानसून के बाद दोबारा निर्माण कराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश: जेवर में हामिदपुर-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग 334DD के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद दो बार उखड़ गई। विभाग ने निर्माण एजेंसी का भुगतान रोकते हुए मानसून समाप्त होने के बाद सड़क का दोबारा निर्माण कराने की बात कही है।

10 करोड़ की लागत से बनी सड़क कुछ दिनों में ही हुई खराब

हामिदपुर-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग 334DD लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता था। लगातार शिकायतों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोक निर्माण विभाग ने करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कराया। जून महीने की शुरुआत में निर्माण एजेंसी ने सड़क बनाने का काम पूरा कर दिया था। इसके साथ ही दोनों ओर जल निकासी के लिए नालियां और कुछ हिस्सों में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य भी जारी था।

हालांकि, निर्माण पूरा होने के कुछ ही दिनों बाद सड़क की बिटुमिन लेयर कई स्थानों से उखड़ने लगी। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विभाग से शिकायत की। उनका आरोप है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण सड़क वाहनों का भार भी नहीं झेल सकी।

दो बार मरम्मत के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति

शिकायत मिलने के बाद विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई, लेकिन पहली मरम्मत के कुछ ही दिनों बाद सड़क दोबारा टूट गई। इसके बाद एक बार फिर मरम्मत कराई गई, लेकिन सड़क की हालत में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ। वर्तमान में सड़क कई जगह से उखड़ी हुई है और गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के कारण सड़क की स्थिति और खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने सड़क का निर्माण दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने की मांग की है।

भुगतान रोका गया, मानसून के बाद होगा दोबारा निर्माण

लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए संबंधित विभाग ने निर्माण एजेंसी का भुगतान फिलहाल रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थायी मरम्मत संभव नहीं है, इसलिए फिलहाल गहरे गड्ढों में पत्थर डालकर यातायात को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है।

विभाग के अनुसार, मानसून समाप्त होने के बाद सड़क का दोबारा निर्माण कराया जाएगा। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो। फिलहाल स्थानीय लोगों को बारिश के दौरान इसी क्षतिग्रस्त सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

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