झांसी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से उड़ी छत: दीपक जलाने के बाद लगी आग, बड़ा हादसा टला

उत्तरप्रदेश के झांसी में दीपक जलाने के बाद आग लगने से गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। छत उड़ गई, और एक लाख का नुकसान हो गया है, गनीमत रही कोई हताहत नहीं हुआ।

यूपी के झाँसी में घर में दीपक जलाने के बाद आग लगने से गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। धमाके से छत उड़ गई और एक लाख का सामान जल गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

झांसी; उत्तर प्रदेश के Jhansi में गुरुवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक घर में लगी आग के बाद गैस सिलेंडर में जोरदार ब्लास्ट हो गया। इस धमाके से कमरे की छत उड़ गई और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

घटना प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नैनागढ़ चौकी के पास की है, जहां धमाके की आवाज सुनकर पास की पुलिस चौकी में मौजूद पुलिसकर्मी भी तुरंत बाहर निकल आए और राहत कार्य में जुट गए।

दीपक जलाने के बाद भड़की आग

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर की बहू ने रात करीब 8 बजे छत पर बने कमरे में मंदिर में दीपक जलाया था। दीपक जलाने के बाद वह नीचे चली गई।

कुछ देर बाद उसी कमरे में अचानक आग लग गई। उस समय घर के अन्य सदस्य नीचे थे और उन्हें शुरुआत में आग लगने का पता भी नहीं चला।

जब तक स्थिति समझ में आती, आग तेजी से फैल चुकी थी और कमरे में रखे गैस सिलेंडर तक पहुंच गई।

सिलेंडर ब्लास्ट से उड़ी छत

कमरे में दो गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जिनमें से एक भरा हुआ था। आग की तेज लपटों के संपर्क में आने से भरे हुए सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया।

धमाका इतना तेज था कि कमरे की सीमेंट शेड वाली छत उड़ गई। आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शी का बयान

घर के मालिक जगदीश सिंह, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, ने बताया कि वह उस समय नीचे दुकान पर बैठे थे। धमाका सुनकर जब वह बाहर आए, तो देखा कि ऊपर के कमरे में आग लगी हुई है।

उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि सीढ़ियों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया।

स्थिति बिगड़ती देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

झांसी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से उड़ी छत: दीपक जलाने के बाद लगी आग, बड़ा हादसा टला

पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता

धमाके की आवाज सुनकर नैनागढ़ चौकी के पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।

कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

बड़ा नुकसान, लेकिन जान बची

हालांकि इस हादसे में घर का काफी सामान जलकर नष्ट हो गया। आग की वजह से फ्रिज, वॉशिंग मशीन, दो मोबाइल फोन, नकदी और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जल गए।

अनुमान के मुताबिक करीब 1 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

आग की तीव्रता को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यदि समय पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।

समय रहते हटाए गए अन्य सिलेंडर

घटना के दौरान घर में रखे अन्य गैस सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। अगर ये सिलेंडर भी आग की चपेट में आ जाते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

यह कदम संभावित बड़े हादसे को टालने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

आग लगने के संभावित कारण

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि मंदिर में जलाए गए दीपक से ही आग भड़की। हालांकि, आग कैसे तेजी से फैली, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में ज्वलनशील वस्तुओं के पास खुली लौ (जैसे दीपक या मोमबत्ती) जलाने से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।

Leave a comment