झारखंड के सरकारी स्कूलों के विकास की बनेगी तीन साल की योजना, 31 अक्टूबर तक पूरा करना होगा काम

झारखंड के सरकारी स्कूलों के विकास के लिए 2027-28 से तीन वर्षीय योजना बनेगी। विद्यालय प्रबंधन समितियों को 31 अक्टूबर 2026 तक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

झारखंड में सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2027-28 से तीन वर्षीय विकास योजना तैयार की जाएगी। विद्यालय प्रबंधन समितियों को यह जिम्मेदारी दी गई है। योजना को ग्राम पंचायत विकास योजना में भी शामिल किया जाएगा।

चतरा: झारखंड के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रखरखाव और मरम्मत को लेकर नई पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2027-28 से अगले तीन वर्षों के लिए विद्यालय प्रबंधन समितियां विकास योजना तैयार करेंगी। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने इस संबंध में जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। योजना तैयार करने और उसे विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर समेकित करने की प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकारी स्कूलों की जरूरतों के आधार पर बनेगी विकास योजना

झारखंड के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तीन वर्षीय विकास योजना तैयार की जाएगी। इसके तहत विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) वित्तीय वर्ष 2027-28 से अगले तीन वर्षों के लिए स्कूलों की जरूरतों का आकलन करेगी। योजना में विद्यालय भवन की मरम्मत, बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव और जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक शशि रंजन ने 25 सितंबर 2026 को इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक सह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश जारी किया था। अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर योजना तैयार करने और उससे जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

ग्राम पंचायत विकास योजना में भी शामिल होंगे स्कूलों के कार्य

विद्यालय विकास योजना को केवल स्कूल स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे ग्राम पंचायत विकास योजना में भी शामिल कराया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों को पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। इससे विद्यालयों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को पंचायत की योजनाओं में शामिल करने में मदद मिल सकती है।

योजना तैयार करते समय स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और उनकी कमियों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर रखरखाव, मरम्मत और आधारभूत संरचना से जुड़े जरूरी कार्यों की पहचान की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य विद्यालयों की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करना है।

चार चरणों में पूरी होगी योजना तैयार करने की प्रक्रिया

विद्यालय विकास योजना तैयार करने और उसका समेकन करने के लिए चार चरण निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण में 1 से 10 अक्टूबर तक विद्यालय स्तर पर योजना तैयार करने का कार्य किया जाना है। इसके बाद 11 से 17 अक्टूबर तक संकुल स्तर पर प्रक्रिया पूरी होगी।

प्रखंड स्तर पर 21 से 26 अक्टूबर तक योजनाओं का समेकन किया जाएगा। अंतिम चरण में 27 से 31 अक्टूबर तक जिला स्तर पर कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रविष्टियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। संकुल, प्रखंड और जिला स्तर की जानकारी निर्धारित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से दर्ज की जाएगी।

मरम्मत और रखरखाव के लिए उपलब्ध राशि के इस्तेमाल पर जोर

निर्देश के अनुसार, विद्यालय विकास योजना के माध्यम से स्कूलों की आधारभूत संरचना के रखरखाव और मरम्मत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके लिए 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत उपलब्ध राशि का उपयोग करने की संभावना भी बताई गई है।

जिला शिक्षा अधीक्षक सह झारखंड शिक्षा परियोजना के अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रामजी प्रसाद ने बताया कि योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब निर्धारित समयसीमा के भीतर विद्यालय, संकुल, प्रखंड और जिला स्तर पर आवश्यक कार्य पूरे किए जाने हैं।

इस पहल से सरकारी विद्यालयों की जरूरतों को व्यवस्थित तरीके से पहचानने और विकास कार्यों की योजना बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अलग-अलग स्कूलों में कौन से कार्य किए जाएंगे और उनके लिए कितनी राशि उपलब्ध होगी, यह संबंधित योजनाओं और स्वीकृति के आधार पर तय होगा।

Leave a comment