झारखंड में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 9 और 10 सितंबर को कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। बारिश और गरज-चमक का दौर 13 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है।
रांची: झारखंड में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 9 और 10 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से में बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी गर्त के प्रभाव से राज्य में बारिश का दौर 13 सितंबर तक बने रहने की संभावना है।
झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून
कुछ दिनों की अपेक्षाकृत कम बारिश के बाद झारखंड में मानसून की गतिविधियां दोबारा तेज हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। 9 सितंबर को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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रांची के मौसम पूर्वानुमान में भी 9 सितंबर को बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
9 और 10 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, 9 सितंबर को रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अगले दिन यानी 10 सितंबर को रांची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
13 सितंबर तक बना रहेगा बारिश का असर
मौसम में बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियों का प्रभाव बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि मानसूनी गर्त राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक फैला है। बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन प्रणालियों के कारण झारखंड में अगले कई दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र के पूर्वानुमान में भी 13 सितंबर तक झारखंड के लिए मौसम संबंधी चेतावनी दर्ज की गई है। 11 और 12 सितंबर को बारिश की गतिविधि कुछ क्षेत्रों में कम हो सकती है, लेकिन बादल और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
बारिश के साथ वज्रपात को लेकर सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।
बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन से जुड़ी परेशानी भी सामने आ सकती है।








